अपहरण-दुष्कर्म के आरोपी को 20-20 साल की सजा:इंदौर में दो साल पुराने केस में फैसला; अन्य धाराओं में भी 4 साल का कारावास

अपहरण-दुष्कर्म के आरोपी को 20-20 साल की सजा:इंदौर में दो साल पुराने केस में फैसला; अन्य धाराओं में भी 4 साल का कारावास

इंदौर में दो साल पहले नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म प्रकरण के केस में कोर्ट ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी देवी सिंह (19 वर्ष), निवासी जिला धार को दोषी पाते हुए विभिन्न धाराओं में सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया। कोर्ट ने आरोपी को धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट और धारा 376(3) भादवि के तहत 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास, धारा 366 भादवि में 3 वर्ष तथा धारा 506 भाग-2 भादवि में 1 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 3000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी महेन्द्र सिंह मुजाल्दे (विशेष लोक अभियोजक) द्वारा की गई। ऐसे हुआ था मामला दर्ज पीड़िता के पिता ने 6 मार्च 2024 को थाना बडगोंदा में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनकी नाबालिग पुत्री शाम 7.30 बजे पड़ोसी के घर टीवी देखने गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। आसपास और रिश्तेदारों में तलाश के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर अपहरण की आशंका जताई गई। गुमशुदगी के आधार पर पुलिस ने धारा 363 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पीड़िता को आरोपी से छुड़ाकर पूछताछ की। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे डरा-धमकाकर शादी का झांसा दिया और बस से गुजरात के मोरवी ले गया, जहां उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। जांच के बाद बढ़ाई गईं धाराएं पीड़िता का मेडिकल कराया गया और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। गवाहों के बयान दर्ज कर विवेचना के दौरान आरोपी के विरुद्ध धारा 363, 366, 376(2)(एन), 506 भादवि एवं धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। कोर्ट में चालान पेश किया। दो साल तक सुनवाई चली। 16 अप्रैल को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 20-20 वर्ष के कारावास से दंडित किया।

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