रांची नगर निगम बोर्ड की बैठक में निगम ने आम जनता को बड़ा झटका दिया। नगर निगम ने बिल्डिंग मटेरियल उठाव की दर में दोगुना वृद्धि करने का निर्णय लिया। अभी इसके लिए 300 रुपए प्रति ट्रैक्टर देना होता है, मगर इसे बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया गया। इसके पीछे तर्क महंगाई को दिया गया। बैठक की अध्यक्षता मेयर रोशनी खलखो ने की। जिसमें डिप्टी मेयर नीरज कुमार, विधायक सीपी सिंह, नगर आयुक्त सुशांत गौरव, अपर प्रशासक संजय कुमार, उप प्रशासक गौतम साहु, रवींद्र प्रसाद आदि उपस्थित थे। बैठक में पार्षदों ने कचहरी रोड स्थित वेंडर मार्केट में दुकानों के आवंटन पर गंभीर सवाल उठाए। वार्ड 29 के पार्षद सुनील यादव ने कहा कि 400 से अधिक फुटपाथ दुकानदारों को दुकानें दी गईं, लेकिन एक ही परिवार के चार-चार लोगों को आवंटित कर दिया गया, जबकि कई जरूरतमंद अब भी वंचित हैं। कई पार्षदों ने आरोप का समर्थन करते हुए कहा कि दुकान मिलने के बाद भी कई लोग फुटपाथ नहीं छोड़ रहे हैं और खुद को मार्केट का मालिक समझने लगे हैं। इस पर मेयर रोशनी खलखो ने 10 सदस्यीय जांच कमेटी गठित करने की घोषणा की। ओपन जिम के लिए मांगा गया प्रस्ताव : बैठक में सभी वार्ड पार्षदों से ओपन जिम बनाने के लिए प्रस्ताव मांगा गया। सभी से कहा गया कि जिनके वार्ड में खाली मैदान हैं। वे ओपन जिम का प्रस्ताव दें। निगम उस भूखंड पर ओपन जिम बनाकर देगा। सीपी सिंह : 3 साल में निगम अफसरों ने उनकी एक भी अनुशंसा पर काम नहीं किया रांची नगर निगम बोर्ड बैठक में विधायक सीपी सिंह का दर्द छलका। उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों में उनकी ओर से विधायक फंड से कई योजनाओं की अनुशंसा भेजी गई। मगर अब तक उन पर कोई कार्य नहीं हुआ। जब विधायक की अनुशंसा पर अफसर गंभीर नहीं हैं तो पार्षदों का क्या होगा। उन्होंने निगम से मांग की कि सीवरेज-ड्रेनेज व अन्य कार्यों के लिए जहां भी सड़कें खोदी गई हैं, उन सड़कों की मरम्मत जल्द से जल्द की जाए।
सफाई कंपनी कार्य संस्कृति सुधारे बैठक में पार्षदों ने कहा कि शहर में सफाई का हाल बेहाल है। 10-10 दिन तक कूड़ा का उठाव नहीं हो रहा है। इस पर फैसला हुआ कि संबंधित कंपनी के साथ अलग से बैठक की जाएगी। काम नहीं सुधरा तो कंपनी के टर्मिनेशन पर भी फैसला लिया जाएगा। हर कार्य के लिए लेनी होगी एनओसी बैठक में ही यह निर्णय लिया गया कि रांची शहर में अब सरकार की कोई भी एजेंसी किसी भी प्रकार का विकास कार्य करेगी तो उसके लिए रांची नगर निगम से एनओसी लेनी होगी। बिना एनओसी के किसी भी विभाग को कार्य नहीं करने दिया जाएगा। लॉज- हॉस्टल के लिए नक्शा की बाध्यता की जाएगी समाप्त बोर्ड की बैठक में एक अहम निर्णय लिया गया। बैठक में मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि नक्शा की बाध्यता के कारण बहुत सारे लॉज व हॉस्टल नगर निगम से लाइसेंस नहीं ले पा रहे हैं। इस नियम को सरल किया जाएगा। नक्शे की बाध्यता को समाप्त कर अब ऐसे भवनों का कॉमर्शियल होल्डिंग, कचरा यूजर चार्ज व वाटर चार्ज के आधार पर लॉज व हॉस्टल को लाइसेंस जारी किया जाएगा। दुकान आवंटन में गड़बड़ी की जांच के लिए बनी 10 सदस्यीय कमेटी पार्षदों की मांग का मेयर रोशनी खलखो ने समर्थन किया। उन्होंने दुकान आवंटन मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय कमेटी बना दी। जिसमें मेयर, डिप्टी मेयर, निगम के तीन अफसर व पांच पार्षद होंगे। अगर पाया गया कि इन दुकानदारों ने अपनी दुकानों को किराये पर लगाया है या दुकान मिलने पर भी ये फुटपाथ पर दुकानें लगा रहे हैं, तो आवंटन रद्द किया जाएगा। एक ही परिवार के एक से अधिक लोगों की दुकानें पाये जाने पर भी आवंटन रद्द होगा। बिल्डिंग मटेरियल उठाव शुल्क हुआ दोगुना, अब 600 रु. लगेंगे बैठक में मौजूद मेयर रोशनी खलखो, विधायक सीपी सिंह, नगर आयुक्त सुशांत गौरव, डिप्टी मेयर नीरज कुमार समेत अन्य अधिकारी। इन एजेंडे पर टला निर्णय बैठक में मौजूद नव निर्वाचित पार्षद। बैठक में अपर बाजार व बहुबाजार की दुकानों के किराये में वृद्धि के प्रस्ताव को होल्ड पर डाल दिया गया। मेयर ने कहा कि इस पर विस्तार से चर्चा करना जरूरी है। इसलिए दर वृद्धि पर फैसला अगली बैठक में लिया जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि रांची शहर के विकास को लेकर नगर निगम आईआईटी रुड़की को एडवाइजर बनाने को इच्छुक है। मेयर ने कहा कि पहले यह तय हो जाए कि बदले में आईआईटी रुड़की को हम क्या देंगे। तब तक मामले को होल्ड पर रखें। रांची नगर निगम बोर्ड की बैठक में निगम ने आम जनता को बड़ा झटका दिया। नगर निगम ने बिल्डिंग मटेरियल उठाव की दर में दोगुना वृद्धि करने का निर्णय लिया। अभी इसके लिए 300 रुपए प्रति ट्रैक्टर देना होता है, मगर इसे बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया गया। इसके पीछे तर्क महंगाई को दिया गया। बैठक की अध्यक्षता मेयर रोशनी खलखो ने की। जिसमें डिप्टी मेयर नीरज कुमार, विधायक सीपी सिंह, नगर आयुक्त सुशांत गौरव, अपर प्रशासक संजय कुमार, उप प्रशासक गौतम साहु, रवींद्र प्रसाद आदि उपस्थित थे। बैठक में पार्षदों ने कचहरी रोड स्थित वेंडर मार्केट में दुकानों के आवंटन पर गंभीर सवाल उठाए। वार्ड 29 के पार्षद सुनील यादव ने कहा कि 400 से अधिक फुटपाथ दुकानदारों को दुकानें दी गईं, लेकिन एक ही परिवार के चार-चार लोगों को आवंटित कर दिया गया, जबकि कई जरूरतमंद अब भी वंचित हैं। कई पार्षदों ने आरोप का समर्थन करते हुए कहा कि दुकान मिलने के बाद भी कई लोग फुटपाथ नहीं छोड़ रहे हैं और खुद को मार्केट का मालिक समझने लगे हैं। इस पर मेयर रोशनी खलखो ने 10 सदस्यीय जांच कमेटी गठित करने की घोषणा की। ओपन जिम के लिए मांगा गया प्रस्ताव : बैठक में सभी वार्ड पार्षदों से ओपन जिम बनाने के लिए प्रस्ताव मांगा गया। सभी से कहा गया कि जिनके वार्ड में खाली मैदान हैं। वे ओपन जिम का प्रस्ताव दें। निगम उस भूखंड पर ओपन जिम बनाकर देगा। सीपी सिंह : 3 साल में निगम अफसरों ने उनकी एक भी अनुशंसा पर काम नहीं किया रांची नगर निगम बोर्ड बैठक में विधायक सीपी सिंह का दर्द छलका। उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों में उनकी ओर से विधायक फंड से कई योजनाओं की अनुशंसा भेजी गई। मगर अब तक उन पर कोई कार्य नहीं हुआ। जब विधायक की अनुशंसा पर अफसर गंभीर नहीं हैं तो पार्षदों का क्या होगा। उन्होंने निगम से मांग की कि सीवरेज-ड्रेनेज व अन्य कार्यों के लिए जहां भी सड़कें खोदी गई हैं, उन सड़कों की मरम्मत जल्द से जल्द की जाए।
सफाई कंपनी कार्य संस्कृति सुधारे बैठक में पार्षदों ने कहा कि शहर में सफाई का हाल बेहाल है। 10-10 दिन तक कूड़ा का उठाव नहीं हो रहा है। इस पर फैसला हुआ कि संबंधित कंपनी के साथ अलग से बैठक की जाएगी। काम नहीं सुधरा तो कंपनी के टर्मिनेशन पर भी फैसला लिया जाएगा। हर कार्य के लिए लेनी होगी एनओसी बैठक में ही यह निर्णय लिया गया कि रांची शहर में अब सरकार की कोई भी एजेंसी किसी भी प्रकार का विकास कार्य करेगी तो उसके लिए रांची नगर निगम से एनओसी लेनी होगी। बिना एनओसी के किसी भी विभाग को कार्य नहीं करने दिया जाएगा। लॉज- हॉस्टल के लिए नक्शा की बाध्यता की जाएगी समाप्त बोर्ड की बैठक में एक अहम निर्णय लिया गया। बैठक में मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि नक्शा की बाध्यता के कारण बहुत सारे लॉज व हॉस्टल नगर निगम से लाइसेंस नहीं ले पा रहे हैं। इस नियम को सरल किया जाएगा। नक्शे की बाध्यता को समाप्त कर अब ऐसे भवनों का कॉमर्शियल होल्डिंग, कचरा यूजर चार्ज व वाटर चार्ज के आधार पर लॉज व हॉस्टल को लाइसेंस जारी किया जाएगा। दुकान आवंटन में गड़बड़ी की जांच के लिए बनी 10 सदस्यीय कमेटी पार्षदों की मांग का मेयर रोशनी खलखो ने समर्थन किया। उन्होंने दुकान आवंटन मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय कमेटी बना दी। जिसमें मेयर, डिप्टी मेयर, निगम के तीन अफसर व पांच पार्षद होंगे। अगर पाया गया कि इन दुकानदारों ने अपनी दुकानों को किराये पर लगाया है या दुकान मिलने पर भी ये फुटपाथ पर दुकानें लगा रहे हैं, तो आवंटन रद्द किया जाएगा। एक ही परिवार के एक से अधिक लोगों की दुकानें पाये जाने पर भी आवंटन रद्द होगा। बिल्डिंग मटेरियल उठाव शुल्क हुआ दोगुना, अब 600 रु. लगेंगे बैठक में मौजूद मेयर रोशनी खलखो, विधायक सीपी सिंह, नगर आयुक्त सुशांत गौरव, डिप्टी मेयर नीरज कुमार समेत अन्य अधिकारी। इन एजेंडे पर टला निर्णय बैठक में मौजूद नव निर्वाचित पार्षद। बैठक में अपर बाजार व बहुबाजार की दुकानों के किराये में वृद्धि के प्रस्ताव को होल्ड पर डाल दिया गया। मेयर ने कहा कि इस पर विस्तार से चर्चा करना जरूरी है। इसलिए दर वृद्धि पर फैसला अगली बैठक में लिया जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि रांची शहर के विकास को लेकर नगर निगम आईआईटी रुड़की को एडवाइजर बनाने को इच्छुक है। मेयर ने कहा कि पहले यह तय हो जाए कि बदले में आईआईटी रुड़की को हम क्या देंगे। तब तक मामले को होल्ड पर रखें।


