जूनियर राष्ट्रमंडल चैंपियन भारोत्तोलक साईराज डोप परीक्षण में विफल, कोच पर साजिश का आरोप लगाया था

जूनियर राष्ट्रमंडल चैंपियन भारोत्तोलक साईराज डोप परीक्षण में विफल, कोच पर साजिश का आरोप लगाया था

राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप (जूनियर) के स्वर्ण पदक विजेता भारोत्तोलक साईराज परदेशी को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने डोप परीक्षण में विफल होने के कारण अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। उन्होंने कुछ महीने पहले एक कोच पर करियर को बर्बाद करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था।
साईराज का परीक्षण ‘मेटानोलोन’ के लिए पॉजिटिव आया है। यह एक प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड है जो मांसपेशियों को बनाने में मदद करता है।
महाराष्ट्र के 18 साल के साईराज ने पिछले साल राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में पुरुषों के 88 किग्रा जूनियर वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने इस नतीजे के पीछे साजिश का आरोप लगाया है।
उन्होंने अक्टूबर में भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएलएफ) और भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) को लिखकर दावा किया था कि राष्ट्रीय शिविर में मौजूद एक कोच उनसे निजी दुश्मनी रखता है।
साईराज ने 24 अक्टूबर 2025 को भेजे एक ईमेल में आरोप लगाया कि उस कोच ने दूसरों को उकसाया कि वे उसके खाने और पानी में कुछ मिला दें। भारोत्तोलक ने हालांकि कोच की पहचान जाहिर नहीं की है।
साईराज ने ईमेल में लिखा, ‘‘कोच ने मेरे दोस्तों और कुछ प्रतिद्वंद्वियों को उकसाया कि वे मेरे खाने या पानी की बोतल में ड्रग्स मिला दें।’’
उसने आगे दावा किया कि कोच ने पहले भी उसे धमकी दी थी कि वह उसका करियर ‘बर्बाद’ कर देगा।
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में मेरे प्रदर्शन के बाद मुझे पहचान मिलने लगी थी। कोच मेरी सफलता का श्रेय लेना चाहता था जबकि उसने मुझे ट्रेनिंग भी नहीं दी थी।’’
साईराज ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘फिर कुछ लोगों ने कोच को यह कहते हुए सुना, ‘साईराज आगे बढ़ रहा है, हमें उसे किसी भी तरह नीचे गिराना होगा, उसके खाने में कुछ मिला दो।’ यह अक्टूबर की बात है।’’
नाडा के पंजीकृत परीक्षण पूल में शामिल साईराज ने बताया कि उसने तुरंत इस मामले की शिकायत की। 26 अक्टूबर को उसकी शिकायत के दो दिन बाद उसका डोप परीक्षण हुआ जिसका नतीजा नेगेटिव आया।
हालांकि दिसंबर में एक प्रतियोगिता के इतर परीक्षण में साईराज का नतीजा ‘मेटानोलोन’ के लिए पॉजिटिव पाया गया जिसके चलते उस पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके बाद वह फरवरी में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाया।
साईराज ने कहा, ‘‘मेरे कई डोप परीक्षण हुए हैं और इससे पहले कभी मैं विफल नहीं हुआ। मैं अक्टूबर से दिसंबर तक पटियाला में ही था और कहीं बाहर नहीं गया।’’
आईडब्ल्यूएलएफ ने भी इस मामले की जांच की है जिसके नतीजों का खुलासा नहीं किया गया है। साईराज के वकील मुनीश नागर ने कहा, ‘‘हमने अपील की है कि इस खिलाड़ी को उन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाए जिनमें उसे अस्थायी प्रतिबंध के चलते हिस्सा लेने की स्वीकृति नहीं है।’’
महाराष्ट्र के मनमाड के रहने वाले साईराज जूनियर सर्किट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं।
अहमदाबाद में हुई राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में उन्होंने कुल 348 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता था। यह एक ऐसा प्रदर्शन था जिससे वह सीनियर वर्ग में भी शीर्ष पर पहुंच सकता था।
साईराज ने दोहा में हुई 2024 एशियाई युवा और जूनियर भारोत्तोलन चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक जीता था।
साईराज छत्रपति संभाजीनगर में स्थित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में पांच साल बिताने के बाद पिछले दो साल से पटियाला में ट्रेनिंग कर रहे थे। 

राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप (जूनियर) के स्वर्ण पदक विजेता भारोत्तोलक साईराज परदेशी को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने डोप परीक्षण में विफल होने के कारण अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। उन्होंने कुछ महीने पहले एक कोच पर करियर को बर्बाद करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था।
साईराज का परीक्षण ‘मेटानोलोन’ के लिए पॉजिटिव आया है। यह एक प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड है जो मांसपेशियों को बनाने में मदद करता है।

महाराष्ट्र के 18 साल के साईराज ने पिछले साल राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में पुरुषों के 88 किग्रा जूनियर वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने इस नतीजे के पीछे साजिश का आरोप लगाया है।
उन्होंने अक्टूबर में भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएलएफ) और भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) को लिखकर दावा किया था कि राष्ट्रीय शिविर में मौजूद एक कोच उनसे निजी दुश्मनी रखता है।

साईराज ने 24 अक्टूबर 2025 को भेजे एक ईमेल में आरोप लगाया कि उस कोच ने दूसरों को उकसाया कि वे उसके खाने और पानी में कुछ मिला दें। भारोत्तोलक ने हालांकि कोच की पहचान जाहिर नहीं की है।
साईराज ने ईमेल में लिखा, ‘‘कोच ने मेरे दोस्तों और कुछ प्रतिद्वंद्वियों को उकसाया कि वे मेरे खाने या पानी की बोतल में ड्रग्स मिला दें।’’

उसने आगे दावा किया कि कोच ने पहले भी उसे धमकी दी थी कि वह उसका करियर ‘बर्बाद’ कर देगा।
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में मेरे प्रदर्शन के बाद मुझे पहचान मिलने लगी थी। कोच मेरी सफलता का श्रेय लेना चाहता था जबकि उसने मुझे ट्रेनिंग भी नहीं दी थी।’’
साईराज ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘फिर कुछ लोगों ने कोच को यह कहते हुए सुना, ‘साईराज आगे बढ़ रहा है, हमें उसे किसी भी तरह नीचे गिराना होगा, उसके खाने में कुछ मिला दो।’ यह अक्टूबर की बात है।’’

नाडा के पंजीकृत परीक्षण पूल में शामिल साईराज ने बताया कि उसने तुरंत इस मामले की शिकायत की। 26 अक्टूबर को उसकी शिकायत के दो दिन बाद उसका डोप परीक्षण हुआ जिसका नतीजा नेगेटिव आया।
हालांकि दिसंबर में एक प्रतियोगिता के इतर परीक्षण में साईराज का नतीजा ‘मेटानोलोन’ के लिए पॉजिटिव पाया गया जिसके चलते उस पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके बाद वह फरवरी में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाया।

साईराज ने कहा, ‘‘मेरे कई डोप परीक्षण हुए हैं और इससे पहले कभी मैं विफल नहीं हुआ। मैं अक्टूबर से दिसंबर तक पटियाला में ही था और कहीं बाहर नहीं गया।’’
आईडब्ल्यूएलएफ ने भी इस मामले की जांच की है जिसके नतीजों का खुलासा नहीं किया गया है। साईराज के वकील मुनीश नागर ने कहा, ‘‘हमने अपील की है कि इस खिलाड़ी को उन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाए जिनमें उसे अस्थायी प्रतिबंध के चलते हिस्सा लेने की स्वीकृति नहीं है।’’

महाराष्ट्र के मनमाड के रहने वाले साईराज जूनियर सर्किट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं।
अहमदाबाद में हुई राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में उन्होंने कुल 348 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता था। यह एक ऐसा प्रदर्शन था जिससे वह सीनियर वर्ग में भी शीर्ष पर पहुंच सकता था।
साईराज ने दोहा में हुई 2024 एशियाई युवा और जूनियर भारोत्तोलन चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक जीता था।
साईराज छत्रपति संभाजीनगर में स्थित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में पांच साल बिताने के बाद पिछले दो साल से पटियाला में ट्रेनिंग कर रहे थे।

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