अररिया में डीएम विनोद दूहन की अध्यक्षता में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक शुक्रवार को आत्मन सभागार में आयोजित की गई। इसमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के एरिया मैनेजर तथा जिले की सभी एलपीजी गैस एजेंसियों के संचालक शामिल हुए। बैठक के दौरान जिले में गैस वितरण की वर्तमान स्थिति, डिलीवरी प्रणाली की क्षमता और उपभोक्ताओं तक समय पर गैस पहुंचाने की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने एजेंसियों को तुरंत डिलीवरी क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के माध्यम से समय पर एलपीजी सिलेंडर मिल सकें। गैस वितरण व्यवस्था को जवाबदेह बनाने पर जोर उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी एजेंसियों को पारदर्शी और सुदृढ़ वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी और कहा कि कोई भी लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने गैस वितरण व्यवस्था को अधिक कुशल और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी विनोद दूहन ने पंचायत स्तर पर गैस आपूर्ति की बेहतर निगरानी के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत सरकार भवन में एक गैस आपूर्ति नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए। इन कक्षों में पंचायत सचिव और संबंधित ऑपरेटर की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इस पहल से स्थानीय स्तर पर गैस वितरण की निगरानी हो सकेगी और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निपटारा संभव होगा। नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में भी तीन-तीन वार्डों को मिलाकर क्लस्टर बनाए जाएंगे और सरकारी भवनों में गैस आपूर्ति नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। इन कक्षों में कर संग्रहकर्ता सहित अन्य कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, सहायक निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, सहायक आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के इन निर्देशों से अररिया जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। अररिया में डीएम विनोद दूहन की अध्यक्षता में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक शुक्रवार को आत्मन सभागार में आयोजित की गई। इसमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के एरिया मैनेजर तथा जिले की सभी एलपीजी गैस एजेंसियों के संचालक शामिल हुए। बैठक के दौरान जिले में गैस वितरण की वर्तमान स्थिति, डिलीवरी प्रणाली की क्षमता और उपभोक्ताओं तक समय पर गैस पहुंचाने की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने एजेंसियों को तुरंत डिलीवरी क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के माध्यम से समय पर एलपीजी सिलेंडर मिल सकें। गैस वितरण व्यवस्था को जवाबदेह बनाने पर जोर उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी एजेंसियों को पारदर्शी और सुदृढ़ वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी और कहा कि कोई भी लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने गैस वितरण व्यवस्था को अधिक कुशल और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी विनोद दूहन ने पंचायत स्तर पर गैस आपूर्ति की बेहतर निगरानी के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत सरकार भवन में एक गैस आपूर्ति नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए। इन कक्षों में पंचायत सचिव और संबंधित ऑपरेटर की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इस पहल से स्थानीय स्तर पर गैस वितरण की निगरानी हो सकेगी और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निपटारा संभव होगा। नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में भी तीन-तीन वार्डों को मिलाकर क्लस्टर बनाए जाएंगे और सरकारी भवनों में गैस आपूर्ति नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। इन कक्षों में कर संग्रहकर्ता सहित अन्य कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, सहायक निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, सहायक आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के इन निर्देशों से अररिया जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।


