लोकसभा में गूंजेगा फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा:सांसद पप्पू यादव बोले- किसानों की हालत खराब है, बिहार सरकार ने भगवान भरोसे छोड़ दिया है

लोकसभा में गूंजेगा फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा:सांसद पप्पू यादव बोले- किसानों की हालत खराब है, बिहार सरकार ने भगवान भरोसे छोड़ दिया है

बिहार में आंधी-बारिश के चलते खराब फसलों का मुद्दा लोकसभा में गूंजेगा। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव लोकसभा में इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाएंगे। सरकार से किसानों के बैंक लोन माफ करने और तुरंत मुआवजा देने की मांग करेंगे। अर्जुन भवन में आयोति प्रेस वार्ता में कहा कि अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाया तो हजारों किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंस जाएंगे। सीमांचल के पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज के साथ-साथ कोसी क्षेत्र के मधेपुरा, सहरसा और सुपौल में मक्के की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इन इलाकों से करीब 65% मक्का उत्पादन होता है। यहां बड़े पैमाने पर किसान मक्के की खेती पर निर्भर हैं। यहां के ज्यादातर किसान बैंक से कर्ज लेकर खेती करते हैं। लेकिन इस बार आए तेज आंधी-तूफान ने उनकी पूरी मेहनत बर्बाद कर दी। खेतों में खड़ी मक्के की फसल पूरी तरह गिर गई और कई जगह पूरी तरह नष्ट हो गई है। इससे किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। बिहार सरकार को घेरा पप्पू यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने समय रहते मदद नहीं कि तो किसानों के सामने आत्महत्या करने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इस गंभीर मुद्दे को संसद में उठाएंगे और बिहार में फसल क्षति को लेकर सरकार से जवाब मांगेंगे। राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार की साढ़े 13 करोड़ जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। किसी को यह भी नहीं पता कि सरकार चला कौन रहा है। किसानों की हालत खराब हो चुकी है पप्पू यादव ने कटिहार के कोढ़ा इलाके की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि फसल बर्बादी का सदमा सहन नहीं कर पाने के कारण एक बुजुर्ग किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। कई जगह किसान परिवार की महिलाएं खेत में नुकसान देखकर बेहोश हो गईं। यह स्थिति बताती है कि किसानों की हालत कितनी खराब हो चुकी है। जिन किसानों ने बैंक से लोन लेकर मक्के की खेती की थी, अब उनके पास कर्ज चुकाने का कोई साधन नहीं बचा है। मक्का के अलावा भी कई दूसरी फसलें बर्बाद हुई हैं, इसलिए सभी फसलों का सही आकलन कर नुकसान का आंकड़ा तय किया जाना चाहिए। बैंक लोन माफ होना चाहिए सरकार से मांग करते हुए कहा कि मक्का किसानों का बैंक लोन तुरंत माफ किया जाए और बैंकों को निर्देश दिया जाए कि फिलहाल उनसे वसूली न की जाए। साथ ही किसानों को उनकी लागत के अनुसार अविलंब मुआवजा दिया जाए, ताकि वे दोबारा खेती कर सकें। बिहार में आंधी-बारिश के चलते खराब फसलों का मुद्दा लोकसभा में गूंजेगा। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव लोकसभा में इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाएंगे। सरकार से किसानों के बैंक लोन माफ करने और तुरंत मुआवजा देने की मांग करेंगे। अर्जुन भवन में आयोति प्रेस वार्ता में कहा कि अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाया तो हजारों किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंस जाएंगे। सीमांचल के पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज के साथ-साथ कोसी क्षेत्र के मधेपुरा, सहरसा और सुपौल में मक्के की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इन इलाकों से करीब 65% मक्का उत्पादन होता है। यहां बड़े पैमाने पर किसान मक्के की खेती पर निर्भर हैं। यहां के ज्यादातर किसान बैंक से कर्ज लेकर खेती करते हैं। लेकिन इस बार आए तेज आंधी-तूफान ने उनकी पूरी मेहनत बर्बाद कर दी। खेतों में खड़ी मक्के की फसल पूरी तरह गिर गई और कई जगह पूरी तरह नष्ट हो गई है। इससे किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। बिहार सरकार को घेरा पप्पू यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने समय रहते मदद नहीं कि तो किसानों के सामने आत्महत्या करने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इस गंभीर मुद्दे को संसद में उठाएंगे और बिहार में फसल क्षति को लेकर सरकार से जवाब मांगेंगे। राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार की साढ़े 13 करोड़ जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। किसी को यह भी नहीं पता कि सरकार चला कौन रहा है। किसानों की हालत खराब हो चुकी है पप्पू यादव ने कटिहार के कोढ़ा इलाके की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि फसल बर्बादी का सदमा सहन नहीं कर पाने के कारण एक बुजुर्ग किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। कई जगह किसान परिवार की महिलाएं खेत में नुकसान देखकर बेहोश हो गईं। यह स्थिति बताती है कि किसानों की हालत कितनी खराब हो चुकी है। जिन किसानों ने बैंक से लोन लेकर मक्के की खेती की थी, अब उनके पास कर्ज चुकाने का कोई साधन नहीं बचा है। मक्का के अलावा भी कई दूसरी फसलें बर्बाद हुई हैं, इसलिए सभी फसलों का सही आकलन कर नुकसान का आंकड़ा तय किया जाना चाहिए। बैंक लोन माफ होना चाहिए सरकार से मांग करते हुए कहा कि मक्का किसानों का बैंक लोन तुरंत माफ किया जाए और बैंकों को निर्देश दिया जाए कि फिलहाल उनसे वसूली न की जाए। साथ ही किसानों को उनकी लागत के अनुसार अविलंब मुआवजा दिया जाए, ताकि वे दोबारा खेती कर सकें।  

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