‘हमने अपना काम कर दिया, बेटी की लाश ले जाओ’:पटना DM के ड्राइवर से बोला दामाद; 3 दिन पहले बेटी ने कहा था- मर जाऊंगी

‘हमने अपना काम कर दिया, बेटी की लाश ले जाओ’:पटना DM के ड्राइवर से बोला दामाद; 3 दिन पहले बेटी ने कहा था- मर जाऊंगी

‘हम लोगों का जो काम था, कर दिया है। अब आप लोगों का काम है कि स्कॉर्पियो लेकर आए हैं तो चुपचाप बेटी की लाश को लेकर चले जाइए।’ पटना के डीएम डॉक्टर त्यागराजन एसएम के ड्राइवर अनिल यादव से उनके दामाद ने ये बातें कही। दरअसल, बेगूसराय के साहेबपुर कमाल के रहने वाले अनिल यादव का आरोप है कि दामाद सोनू (24) ने अपने परिवार के साथ मिलकर 19 मार्च की रात को उनकी 20 साल की बेटी अपर्णा की हत्या कर दी। उन्होंने कहा, ‘दामाद का कहना है कि मेरी बेटी ने दुपट्टे से फांसी लगाई है, लेकिन बेटी के गले पर रस्सी के काले गहरे निशान थे।’ अपर्णा की शादी कब हुई थी? अपर्णा की हत्या की वजह क्या है? अपर्णा ने आखिरी बार अपनी मां से बातचीत में क्या कहा था? अपर्णा के माता-पिता ने दामाद पर क्या-क्या आरोप लगाए? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले ये 4 तस्वीरें देखिए अब जानिए अपर्णा की हत्या का मामला क्या है? बेगूसराय के साहेबपुर कमाल के बाबूराही गांव के रहने वाले अनिल यादव पटना डीएम के निजी ड्राइवर हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा, ‘23 नवंबर 2024 को अपनी बेटी अर्पणा को धूमधाम से लाल जोड़े में ससुराल के लिए विदा किया था। शादी में खूब पैसे खर्च किए, 200 बारातियों का स्वागत किया।’ अनिल यादव का आरोप है, ‘दामाद ने कार के लिए मेरी बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी। मेरी बेटी अर्पणा की लाश गुरुवार की रात भागलपुर के बहादुरपुर स्थित उसके ससुराल से बरामद की गई। शुक्रवार को बेटी की लाश का पोस्टमॉर्टम कराया गया। शव को अंतिम संस्कार के लिए बेगूसराय लाए। शनिवार को बेगूसराय में गंगा किनारे अपर्णा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अपर्णा की छोटी बहन 10 साल की दीपशिखा ने मुखाग्नि दी।’ उधर, पुलिस ने अनिल यादव की ओर से दर्ज कराई गई FIR के आधार पर अर्पणा के पति सोनू कुमार, सास निर्मला देवी, जेठानी प्रियंका देवी और नीतू देवी को गिरफ्तार किया है। हालांकि, दो आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस ने अर्पणा के ससुराल से घटना में इस्तेमाल हुई रस्सी भी बरामद की है। बेटी की शादी के लिए 7 कट्ठा जमीन बेची थी मृतका के पिता अनिल यादव ने बताया, ‘मेरी 4 बेटियां और एक बेटा है। दूसरी बेटी अर्पणा की शादी के लिए दो साल पहले लड़के की तलाश कर रहे थे। काफी खोजबीन के बाद मोहाली शंकरपुर के रहने वाले घोलटन यादव के बेटे सोनू कुमार के संबंध में जानकारी मिली। सोनू कुमार भागलपुर के जीरोमाइल थाना क्षेत्र स्थित वार्ड नंबर-3 शीतला स्थान में घर बनाकर रह रहा था। सोनू पेशे से प्राइवेट ड्राइवर था। शादी में लेन-देन की बात तय हुई। बेटी की शादी में खर्च के लिए मैंने अपनी 7 कट्ठा जमीन भी बेच दी। शादी में 16 लाख रुपए खर्च किए। 22 नवंबर 2024 को बारात आई थी तो बारातियों के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी। 23 नवंबर को बेटी की विदाई हुई तो घर-परिवार के सभी लोग खुश थे। लगा था कि अब हमारी बेटी खुशी-खुशी ससुराल में रहेगी, लेकिन कुछ दिनों के बाद प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया।’ ‘दामाद, ससुरालवाले बार-बार कार मांग रहे थे अनिल यादव ने बताया, ‘दामाद सोनू और उसके घर वाले बार-बार मेरी बेटी पर मायके से कार खरीदवाने का दबाव बना रहे थे। मेरी बेटी जब विरोध करती थी तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। दो बार पंचायती भी हुई, जब-जब पंचायती होती थी तो मामला शांत हो जाता था। कार को लेकर अक्सर दामाद और बेटी के बीच झगड़ा होता था। हम लोगों को लगता था कि पति-पत्नी और ससुराल का मामला है, बार-बार दखल देना ठीक नहीं है। लेकिन दिमाग में ये कभी नहीं आया कि एक कार के लिए मेरी बेटी की हत्या कर दी जाएगी।’ ‘दामाद ने हम लोगों की बजाए पड़ोसी को कॉल कर जानकारी दी’ अपर्णा के पिता ने बताया, ’19 मार्च की देर रात सोनू ने हम लोगों को कॉल न कर मेरे पड़ोसी को फोन किया और कहा- अर्पणा मर गई है। उसके घर पर जाकर सूचना दे दीजिए। फिर रात में करीब 1 बजे हम लोगों को इसकी जानकारी मिली। मेरी पत्नी और बड़े दामाद उसी समय भागलपुर के लिए रवाना हो गए। जानकारी के बाद मैंने दामाद सोनू को फोन किया तो उसने फोन रिसीव नहीं किया। मेरी बेटी के पास मोबाइल भी नहीं था, वो बीए फाइनल ईयर की स्टूडेंट थी। रात में पटना से भागलपुर जाने के लिए गाड़ी नहीं मिली तो मैं सुबह बेटी के ससुराल पहुंचा। घटनास्थल पर दामाद सोनू के साथ उसकी गाड़ी का मालिक गुलशन सिंह और दामाद का दोस्त करण भी मौजूद था। करण स्थानीय थाने में ड्राइवर है। गुलशन और करण ने भी हम लोगों से कहा कि जो कुछ करना है कर लो, सोनू का कुछ बिगड़ने वाला नहीं है। आपकी बेटी ने दुपट्टे के सहारे पंखे से झूलकर सुसाइड कियी है।’ बेटी से आखिरी मुलाकात पटना जंक्शन पर 13 मार्च को हुई थी अनिल यादव ने बताया, ‘अपर्णा अक्सर प्रताड़ना के बारे में बताती थी। बेटी से आखिरी मुलाकात पटना जंक्शन पर 13 मार्च को हुई थी। बेटी और उसके ससुराल के लोग हरिद्वार गए थे, वहां से लौटने के दौरान ट्रेन पटना पहुंची तो बेटी ने मुझे कॉल करके बुलाया था।’ वहीं, मृतका की मां शर्मिला देवी ने बताया, ’26 फरवरी को हम भागलपुर गए थे। उस दिन अर्पणा ने ससुराल में रसोई घर में जूठन रख दिया था। इसको लेकर सास ने झगड़ा किया था। उस दिन से रोज झगड़ा होता था, 15 दिन तक सास-बहू में बात नहीं हुई। अपर्णा खाना बनाकर सास को देती थी तो वो खाना नहीं खाती थी। मैं बेटी के ससुराल पहुंची तो मेरे साथ भी गाली-गलौज की गई। मैंने बेटी को अपने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन दामाद और उसके घरवालों ने उसे आने नहीं दिया।’ मां से कहा था- जिंदा नहीं बचेंगे शर्मिला देवी ने बताया, ’18 मार्च को बेटी ने वीडियो कॉल पर बात की तो कहा कि सास अक्सर झगड़ा करती है। मेरे साथ मारपीट की जाती है। 19 की रात को जब मेरी बेटी की मौत की सूचना मिली तो बड़े दामाद के साथ घटनास्थल पर पहुंची। छोटे दामाद और उसके परिवार के सभी लोग घर पर ही थे। बेटी की पलंग पर लाश पड़ी थी। अर्पणा अक्सर अपने साथ मारपीट की शिकायत मुझसे करती थी। कहती थी कि सोनू जी और परिवार के लोग मुझसे कार मांगते हैं, महंगा मोबाइल मांगा जाता है। विरोध करने पर मारपीट की जाती है। आखिरी बातचीत में बेटी ने कहा था कि ससुराल वाले बहुत ज्यादा परेशान कर रहे हैं, हम जिंदा नहीं बचेंगे।’ अब जानिए हत्या के आरोपी सोनू ने क्या बताया? मृतका के जीजा रिंकेश कुमार ने बताया, ’19 मार्च को देर शाम देवघर से अपने ससुराल पहुंचा था। देर रात पड़ोसी के मोबाइल पर अर्पणा की मौत की सूचना मिली। मैंने सोनू को कॉल किया तो उसने रिसीव नहीं किया। जब मैं नवगछिया के पास पहुंचा तब सोनू ने मेरा कॉल रिसीव किया। सोनू ने मुझसे बताया कि गुरुवार रात 11 बजे पति-पत्नी खाना खाकर सो गए थे। 11 बजकर 40 पर देखा कि अपर्णा दुपट्टे से लटकी है। अपर्णा के ससुराल पहुंचकर पुलिस को बुलाया गया, लेकिन पुलिस भी हम लोगों की बात नहीं सुन रही थी। जब हम लोगों ने दबाव बनाया तो FSL की टीम को मौके पर बुलाया गया।’ रिंकेश ने कहा,’अर्पणा ने सुसाइड नहीं किया है, उसकी हत्या की गई है। हत्या में यूज किए गए रस्सी को FSL की टीम ने सोनू के घर से बरामद किया है।’ ‘हम लोगों का जो काम था, कर दिया है। अब आप लोगों का काम है कि स्कॉर्पियो लेकर आए हैं तो चुपचाप बेटी की लाश को लेकर चले जाइए।’ पटना के डीएम डॉक्टर त्यागराजन एसएम के ड्राइवर अनिल यादव से उनके दामाद ने ये बातें कही। दरअसल, बेगूसराय के साहेबपुर कमाल के रहने वाले अनिल यादव का आरोप है कि दामाद सोनू (24) ने अपने परिवार के साथ मिलकर 19 मार्च की रात को उनकी 20 साल की बेटी अपर्णा की हत्या कर दी। उन्होंने कहा, ‘दामाद का कहना है कि मेरी बेटी ने दुपट्टे से फांसी लगाई है, लेकिन बेटी के गले पर रस्सी के काले गहरे निशान थे।’ अपर्णा की शादी कब हुई थी? अपर्णा की हत्या की वजह क्या है? अपर्णा ने आखिरी बार अपनी मां से बातचीत में क्या कहा था? अपर्णा के माता-पिता ने दामाद पर क्या-क्या आरोप लगाए? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले ये 4 तस्वीरें देखिए अब जानिए अपर्णा की हत्या का मामला क्या है? बेगूसराय के साहेबपुर कमाल के बाबूराही गांव के रहने वाले अनिल यादव पटना डीएम के निजी ड्राइवर हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा, ‘23 नवंबर 2024 को अपनी बेटी अर्पणा को धूमधाम से लाल जोड़े में ससुराल के लिए विदा किया था। शादी में खूब पैसे खर्च किए, 200 बारातियों का स्वागत किया।’ अनिल यादव का आरोप है, ‘दामाद ने कार के लिए मेरी बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी। मेरी बेटी अर्पणा की लाश गुरुवार की रात भागलपुर के बहादुरपुर स्थित उसके ससुराल से बरामद की गई। शुक्रवार को बेटी की लाश का पोस्टमॉर्टम कराया गया। शव को अंतिम संस्कार के लिए बेगूसराय लाए। शनिवार को बेगूसराय में गंगा किनारे अपर्णा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अपर्णा की छोटी बहन 10 साल की दीपशिखा ने मुखाग्नि दी।’ उधर, पुलिस ने अनिल यादव की ओर से दर्ज कराई गई FIR के आधार पर अर्पणा के पति सोनू कुमार, सास निर्मला देवी, जेठानी प्रियंका देवी और नीतू देवी को गिरफ्तार किया है। हालांकि, दो आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस ने अर्पणा के ससुराल से घटना में इस्तेमाल हुई रस्सी भी बरामद की है। बेटी की शादी के लिए 7 कट्ठा जमीन बेची थी मृतका के पिता अनिल यादव ने बताया, ‘मेरी 4 बेटियां और एक बेटा है। दूसरी बेटी अर्पणा की शादी के लिए दो साल पहले लड़के की तलाश कर रहे थे। काफी खोजबीन के बाद मोहाली शंकरपुर के रहने वाले घोलटन यादव के बेटे सोनू कुमार के संबंध में जानकारी मिली। सोनू कुमार भागलपुर के जीरोमाइल थाना क्षेत्र स्थित वार्ड नंबर-3 शीतला स्थान में घर बनाकर रह रहा था। सोनू पेशे से प्राइवेट ड्राइवर था। शादी में लेन-देन की बात तय हुई। बेटी की शादी में खर्च के लिए मैंने अपनी 7 कट्ठा जमीन भी बेच दी। शादी में 16 लाख रुपए खर्च किए। 22 नवंबर 2024 को बारात आई थी तो बारातियों के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी। 23 नवंबर को बेटी की विदाई हुई तो घर-परिवार के सभी लोग खुश थे। लगा था कि अब हमारी बेटी खुशी-खुशी ससुराल में रहेगी, लेकिन कुछ दिनों के बाद प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया।’ ‘दामाद, ससुरालवाले बार-बार कार मांग रहे थे अनिल यादव ने बताया, ‘दामाद सोनू और उसके घर वाले बार-बार मेरी बेटी पर मायके से कार खरीदवाने का दबाव बना रहे थे। मेरी बेटी जब विरोध करती थी तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। दो बार पंचायती भी हुई, जब-जब पंचायती होती थी तो मामला शांत हो जाता था। कार को लेकर अक्सर दामाद और बेटी के बीच झगड़ा होता था। हम लोगों को लगता था कि पति-पत्नी और ससुराल का मामला है, बार-बार दखल देना ठीक नहीं है। लेकिन दिमाग में ये कभी नहीं आया कि एक कार के लिए मेरी बेटी की हत्या कर दी जाएगी।’ ‘दामाद ने हम लोगों की बजाए पड़ोसी को कॉल कर जानकारी दी’ अपर्णा के पिता ने बताया, ’19 मार्च की देर रात सोनू ने हम लोगों को कॉल न कर मेरे पड़ोसी को फोन किया और कहा- अर्पणा मर गई है। उसके घर पर जाकर सूचना दे दीजिए। फिर रात में करीब 1 बजे हम लोगों को इसकी जानकारी मिली। मेरी पत्नी और बड़े दामाद उसी समय भागलपुर के लिए रवाना हो गए। जानकारी के बाद मैंने दामाद सोनू को फोन किया तो उसने फोन रिसीव नहीं किया। मेरी बेटी के पास मोबाइल भी नहीं था, वो बीए फाइनल ईयर की स्टूडेंट थी। रात में पटना से भागलपुर जाने के लिए गाड़ी नहीं मिली तो मैं सुबह बेटी के ससुराल पहुंचा। घटनास्थल पर दामाद सोनू के साथ उसकी गाड़ी का मालिक गुलशन सिंह और दामाद का दोस्त करण भी मौजूद था। करण स्थानीय थाने में ड्राइवर है। गुलशन और करण ने भी हम लोगों से कहा कि जो कुछ करना है कर लो, सोनू का कुछ बिगड़ने वाला नहीं है। आपकी बेटी ने दुपट्टे के सहारे पंखे से झूलकर सुसाइड कियी है।’ बेटी से आखिरी मुलाकात पटना जंक्शन पर 13 मार्च को हुई थी अनिल यादव ने बताया, ‘अपर्णा अक्सर प्रताड़ना के बारे में बताती थी। बेटी से आखिरी मुलाकात पटना जंक्शन पर 13 मार्च को हुई थी। बेटी और उसके ससुराल के लोग हरिद्वार गए थे, वहां से लौटने के दौरान ट्रेन पटना पहुंची तो बेटी ने मुझे कॉल करके बुलाया था।’ वहीं, मृतका की मां शर्मिला देवी ने बताया, ’26 फरवरी को हम भागलपुर गए थे। उस दिन अर्पणा ने ससुराल में रसोई घर में जूठन रख दिया था। इसको लेकर सास ने झगड़ा किया था। उस दिन से रोज झगड़ा होता था, 15 दिन तक सास-बहू में बात नहीं हुई। अपर्णा खाना बनाकर सास को देती थी तो वो खाना नहीं खाती थी। मैं बेटी के ससुराल पहुंची तो मेरे साथ भी गाली-गलौज की गई। मैंने बेटी को अपने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन दामाद और उसके घरवालों ने उसे आने नहीं दिया।’ मां से कहा था- जिंदा नहीं बचेंगे शर्मिला देवी ने बताया, ’18 मार्च को बेटी ने वीडियो कॉल पर बात की तो कहा कि सास अक्सर झगड़ा करती है। मेरे साथ मारपीट की जाती है। 19 की रात को जब मेरी बेटी की मौत की सूचना मिली तो बड़े दामाद के साथ घटनास्थल पर पहुंची। छोटे दामाद और उसके परिवार के सभी लोग घर पर ही थे। बेटी की पलंग पर लाश पड़ी थी। अर्पणा अक्सर अपने साथ मारपीट की शिकायत मुझसे करती थी। कहती थी कि सोनू जी और परिवार के लोग मुझसे कार मांगते हैं, महंगा मोबाइल मांगा जाता है। विरोध करने पर मारपीट की जाती है। आखिरी बातचीत में बेटी ने कहा था कि ससुराल वाले बहुत ज्यादा परेशान कर रहे हैं, हम जिंदा नहीं बचेंगे।’ अब जानिए हत्या के आरोपी सोनू ने क्या बताया? मृतका के जीजा रिंकेश कुमार ने बताया, ’19 मार्च को देर शाम देवघर से अपने ससुराल पहुंचा था। देर रात पड़ोसी के मोबाइल पर अर्पणा की मौत की सूचना मिली। मैंने सोनू को कॉल किया तो उसने रिसीव नहीं किया। जब मैं नवगछिया के पास पहुंचा तब सोनू ने मेरा कॉल रिसीव किया। सोनू ने मुझसे बताया कि गुरुवार रात 11 बजे पति-पत्नी खाना खाकर सो गए थे। 11 बजकर 40 पर देखा कि अपर्णा दुपट्टे से लटकी है। अपर्णा के ससुराल पहुंचकर पुलिस को बुलाया गया, लेकिन पुलिस भी हम लोगों की बात नहीं सुन रही थी। जब हम लोगों ने दबाव बनाया तो FSL की टीम को मौके पर बुलाया गया।’ रिंकेश ने कहा,’अर्पणा ने सुसाइड नहीं किया है, उसकी हत्या की गई है। हत्या में यूज किए गए रस्सी को FSL की टीम ने सोनू के घर से बरामद किया है।’  

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