इंदौर EV हादसा…4 महीने की गर्भवती थी बड़ी बहू:दुआओं से कोख में पल रही जिंदगी भी बुझी; खुशियों वाला घर 8 मौतों से मातम से भरा

इंदौर EV हादसा…4 महीने की गर्भवती थी बड़ी बहू:दुआओं से कोख में पल रही जिंदगी भी बुझी; खुशियों वाला घर 8 मौतों से मातम से भरा

इंदौर के बृजेश्वरी इलाके में हुआ ईवी कार चार्जिंग हादसा सिर्फ एक आग की घटना नहीं, बल्कि एक परिवार के उजड़ जाने की कहानी बन गया। तिलक नगर के कारोबारी मनोज पुगलिया के घर में कुछ घंटे पहले तक हंसी-खुशी और रौनक थी, वहीं अब सन्नाटा, चीखें और मातम है। एक ही रात में इस घर ने अपने कई अपनों को खो दिया और पीछे छूट गईं सिर्फ यादें और अधूरी उम्मीदें। इस हादसे की सबसे मार्मिक तस्वीर मनोज की बड़ी बहू सिमरन की है, जो दूसरी बार मां बनने वाली थी। उसे चार माह का गर्भ था। परिवार ने इस बार उसकी प्रेग्नेंसी को बहुत सीमित लोगों तक ही रखा था, क्योंकि पिछली बार जो दर्द उन्होंने झेला था, वह अब भी ताजा था। रिश्तेदार बताते हैं कि सिमरन पहले जुड़वा बच्चों को जन्म देने वाली थी, लेकिन किडनी इन्फेक्शन के चलते दोनों बच्चों को बचाया नहीं जा सका। उस समय डॉक्टर्स ने भी हालात को बेहद गंभीर बताया था और ऑपरेशन करना पड़ा था। दुआओं के साथ दूसरी प्रेग्नेंसी को संभाला था पहली प्रेग्नेंसी बिगड़ने के बाद परिवार ने बड़ी उम्मीदों और दुआओं के साथ सिमरन की दूसरी प्रेग्नेंसी को संभाला। उसके लिए पूजा-पाठ करवाए गए, मन्नतें मांगी गईं। हर दिन एक नई उम्मीद लेकर आता था कि इस बार सब ठीक होगा, लेकिन किसे पता था कि यह खुशी भी अधूरी रह जाएगी। इस हादसे ने सिमरन के साथ-साथ उसके गर्भ में पल रही जिंदगी को भी छीन लिया– एक नहीं, दो जिंदगियां एक साथ बुझ गईं। ये 5 तस्वीरें देखिए… सिमरन के पिता नहीं, दादा-दादी ने कराई थी शादी सिमरन का मायका भी इंदौर में ही है। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है और उसकी शादी दादा-दादी ने करवाई थी। पीछे उसकी एक छोटी बहन और भाई हैं, जिन पर अब दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस बेटी को उन्होंने खुशहाल जीवन के लिए विदा किया था, वह इस तरह लौटेगी, यह किसी ने नहीं सोचा था। सिमरन की सास को हादसे की खबर नहीं इस हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह है कि मनोज की पत्नी सुनीता को अभी तक उनके निधन की जानकारी नहीं दी गई है। उन्हें एक रिश्तेदार के घर पर रखा गया है। परिजन इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि उन्हें यह खबर कैसे और कब दी जाए। जिस महिला ने अपनी पूरी जिंदगी परिवार को संवारने में लगा दी, उसे एक ही पल में सब कुछ खोने की खबर देना किसी के लिए भी आसान नहीं है। छोटे बेटा-बहू के लौटने तक सब खत्म हो गया परिवार में कुछ ही दिन पहले खुशियों का एक और मौका आया था। मनोज के छोटे बेटे स्वप्निल की शादी इसी साल जनवरी में धूमधाम से हुई थी। घर में नई बहू के आने से रौनक बढ़ गई थी, लेकिन किस्मत को शायद यह मंजूर नहीं था। स्वप्निल अपनी पत्नी के साथ झाबुआ गया हुआ था, जहां उसकी ससुराल है। हादसे की खबर मिलते ही दोनों आनन-फानन में इंदौर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत कुछ खत्म हो चुका था। जिस घर में नई जिंदगी की शुरुआत हुई थी, वहीं अब मौत का साया छा गया। रात में बैठकर बातें की, सुबह अस्पताल जाने की तैयारी थी हादसे से ठीक पहले परिवार एक और वजह से इकट्ठा हुआ था। मनोज के साले विजय सेठिया (65), जो कैंसर से जूझ रहे थे, अपने चेकअप के लिए बिहार से इंदौर आए हुए थे। उनका इलाज इंदौर के अस्पताल में चल रहा था और बुधवार को उन्हें डॉक्टर को दिखाना था। इसी सिलसिले में उनकी बेटी भी अपने बच्चों के साथ मंगलवार को ही इंदौर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि रात को सब लोग एक साथ बैठे, बातें कीं। अगली सुबह की योजनाएं बनाईं। घर में सभी ने सुबह अस्पताल जाने की तैयारी कर ली थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद सब कुछ खत्म हो गया। एक ही घर में ठहरे रिश्तेदार, जो इलाज और मुलाकात के लिए आए थे, अब इस दुनिया में नहीं रहे। रिश्तेदारों और दोस्तों से भरा रहता था घर मनोज सेठिया पिछले करीब 20 सालों से ग्रेटर बृजेश्वरी इलाके में रह रहे थे। पड़ोसियों के मुताबिक, वे बेहद मिलनसार और सरल स्वभाव के इंसान थे। उनका घर हमेशा लोगों से भरा रहता था, कभी रिश्तेदार, कभी दोस्त, तो कभी कारोबारी सहयोगी। घर में काम करने वाली महिलाओं ने भी बताया कि मनोज और सिमरन दोनों ही बहुत अच्छे स्वभाव के थे और सभी का ख्याल रखते थे। पुगलिया के कर्मचारी भी घर पहुंचे हादसे की खबर मिलते ही मनोज के न्यू सियागंज स्थित ऑफिस के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। हर कोई स्तब्ध था। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि कुछ ही घंटों में इतना बड़ा नुकसान हो सकता है। बाद में सभी एमवाय अस्पताल पहुंचे, जहां अपनों की पहचान और अंतिम औपचारिकताएं पूरी की गईं। ………………………………. यह खबरें भी पढ़ें 1. इंदौर में EV चार्जिंग के दौरान घर जला, 8 मौतें इंदौर में इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जिसने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन सहित 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हैं। पढ़ें पूरी खबर… 2. 4 फैक्टर, जो बने 8 लोगों की मौत की वजह इंदौर के ग्रेटर ब्रजेश्वरी एनएक्स इलाके में हुए भीषण हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में रबर कारोबारी मनोज सेठिया, उनकी बहू सिमरन, रिश्तेदार विजय, विजय की पत्नी सुमन और परिवार के अन्य सदस्य राशि, छोटू, तनय व टीनू शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर…

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *