सहरसा जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 3 लाख 78 हजार गैस उपभोक्ता हैं, जिनकी प्रतिदिन की आवश्यकता करीब 5202 सिलेंडर है। इसकी आपूर्ति सुचारु रूप से की जा रही है। प्रमोद कुमार के अनुसार, मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के कारण एलपीजी की दैनिक मांग बढ़कर लगभग 7922 सिलेंडर हो गई है, जो सामान्य आवश्यकता से अधिक है। इसके बावजूद, गैस कंपनियों के समन्वय से आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित रखा जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं को कोई परेशानी न हो। गैस कंपनियों को गैर-अनुदानित सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश वाणिज्यिक उपयोग, जैसे शादी-विवाह के लिए प्रतिदिन 99 सिलेंडर की मांग पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। वहीं, जेल, अस्पताल और हॉस्टल जैसे सरकारी संस्थानों में भोजन व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए गैस कंपनियों को गैर-अनुदानित सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल और डीजल की भी कोई कमी नहीं है। एलपीजी आपूर्ति की नियमित समीक्षा के लिए गैस एजेंसियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। हाल ही में जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में लंबित बैकलॉग को जल्द समाप्त करने के निर्देश दिए गए थे। आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बल तैनात आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने प्रखंड स्तर पर अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती की है। अनुमंडल पदाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी शिकायत के लिए आम नागरिक टोल फ्री नंबर 06478-222753 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, एक 24×7 नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिया गया है, जहां कर्मियों की शिफ्ट में तैनाती की गई है। प्रशासन ने एलपीजी आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा न आने देने का आश्वासन दिया है। सहरसा जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 3 लाख 78 हजार गैस उपभोक्ता हैं, जिनकी प्रतिदिन की आवश्यकता करीब 5202 सिलेंडर है। इसकी आपूर्ति सुचारु रूप से की जा रही है। प्रमोद कुमार के अनुसार, मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के कारण एलपीजी की दैनिक मांग बढ़कर लगभग 7922 सिलेंडर हो गई है, जो सामान्य आवश्यकता से अधिक है। इसके बावजूद, गैस कंपनियों के समन्वय से आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित रखा जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं को कोई परेशानी न हो। गैस कंपनियों को गैर-अनुदानित सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश वाणिज्यिक उपयोग, जैसे शादी-विवाह के लिए प्रतिदिन 99 सिलेंडर की मांग पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। वहीं, जेल, अस्पताल और हॉस्टल जैसे सरकारी संस्थानों में भोजन व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए गैस कंपनियों को गैर-अनुदानित सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल और डीजल की भी कोई कमी नहीं है। एलपीजी आपूर्ति की नियमित समीक्षा के लिए गैस एजेंसियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। हाल ही में जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में लंबित बैकलॉग को जल्द समाप्त करने के निर्देश दिए गए थे। आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बल तैनात आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने प्रखंड स्तर पर अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती की है। अनुमंडल पदाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी शिकायत के लिए आम नागरिक टोल फ्री नंबर 06478-222753 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, एक 24×7 नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिया गया है, जहां कर्मियों की शिफ्ट में तैनाती की गई है। प्रशासन ने एलपीजी आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा न आने देने का आश्वासन दिया है।


