पंजाब विधानसभा बजट सेशन का आज आखिरी दिन:12 रिपोर्ट्स व दस्तावेज पेश होंगे, दो बिल आएंगे; खैहरा पर हंगामे के आसार

पंजाब विधानसभा बजट सेशन का आज आखिरी दिन:12 रिपोर्ट्स व दस्तावेज पेश होंगे, दो बिल आएंगे; खैहरा पर हंगामे के आसार

पंजाब विधानसभा का बजट सेशन आज (16 मार्च) को संपन्न हो जाएगा। इस दौरान 12 रिपोर्ट्स व दस्तावेज पेश किए जाएंगे। इनमे पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट्स एंड स्टॉकिस्ट्स एंड रिटेलर्स (संशोधन) बिल 2026 और श्री गुरु तेग बहादुर वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी पंजाब बिल 2026 प्रमुख है। हालांकि सेशन का आखिरी दिन भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां पहले ही साफ कर चुके है कि सुखपाल खैहरा जब तक माफी नहीं मागते है, तब तक उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलेगा। 3 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश होंगे सेशन में प्रश्नकाल व ध्यानाकर्षण प्रस्ताव होगा। इस दौरान AAP विधायक व पूर्व मंत्री डॉ. विजय सिंगला मानसा के गांव ढैपई में सरकारी ITI तक सड़क न होने के कारण विद्यार्थियों को आ रही समस्याओं की ओर ध्यान दिलाएंगे। जबकि विधायक फौज सिंह सरारी भारी भीड़ को देखते हुए फिरोजपुर-फाजिल्का सड़क को फोर लेन बनाने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करेंगे। वहीं मुख्य सुचेतक प्रो. बलजिंदर कौर तलवंडी साबो स्थित गुरु गोविंद सिंह रिफाइनरी के 2% CSR फंड का उपयोग क्षेत्र के विकास के लिए न किए जाने का मुद्दा उठाएंगी। कैग और विभिन्न समितियों की रिपोर्ट पेश होगी इसके बाद भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की वर्ष 2023-24 और 2025 की विभिन्न रिपोर्टें (राज्य वित्त, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम, राजस्व, स्थानीय निकाय और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर) सदन में पेश की जाएंगी। फिर साल 2024-25 के लिए पंजाब सरकार के वित्त लेखे (Finance Accounts) और विनियोग लेखे भी रखे जाएंगे। इसके बाद बुड्ढा दरिया और घग्गर दरिया समिति (2022-26) अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। अब चुनाव के लिए समय कम है, इसलिए सदन स्पीकर को अधिकार देगा कि वे विभिन्न पार्टियों की संख्या के अनुपात में लोक लेखा समिति और अनुमान समिति जैसी महत्वपूर्ण समितियों के सदस्यों को नॉमिनेट करें। इसके बाद दो बिल पेश होंगे।’ सेशन में अब तक यह कार्यवाही हुई 6 मार्च – बजट सेशन की शुरुआत राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के अभिभाषण से हुई। अभिभाषण में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई और विकास योजनाओं पर फोकस था। सदन में हंगामा हुआ, कांग्रेस विधायकों ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने के मुद्दे पर विरोध किया और वॉकआउट किया। राज्यपाल का भाषण लगभग 1 घंटे चला। 7 मार्च – अवकाश रहा (कोई कार्यवाही नहीं)। 8 मार्च – इस दौरान रविवार को सदन चला। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 2026-27 का बजट पेश किया। कुल बजट आकार 2,60,437 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान आम महिलाओं को ₹1000 और दलित महिलाओं को ₹1500 प्रति माह देने का ऐलान किया गया। इस स्कीम को ‘मुख्यमंत्री मां-धियां सत्कार योजना’ नाम दिया गया। 9 मार्च – राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा और धन्यवाद प्रस्ताव हुआ। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने सवाल शामिल न करने पर विरोध किया, कांग्रेस ने वॉकआउट किया। प्रश्नकाल और चर्चा के दौरान हंगामा हुआ। 10 मार्च – बजट पर चर्चा हुई। विधायकों ने विभिन्न मुद्दों पर बहस की। सदन में कुछ हंगामा भी हुआ। भारत-US ट्रेड एग्रीमेंट पर भी चर्चा हुई। केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास हुआ। 11 मार्च – बजट पर चर्चा हुई। चार घंटे की बहस के बाद बजट पास हुआ। कांग्रेस और भाजपा चर्चा के दौरान अनुपस्थित रहे। जीरो आवर हुआ, लेकिन सुखपाल सिंह खैरा की टिप्पणी पर हंगामा (महिलाओं से संबंधित विवाद) और AAP विधायकों का विरोध हुआ। सदन बार-बार स्थगित हुआ। निंदा प्रस्ताव पास हुआ। 12 मार्च – वैधानिक कार्य निपटाए गए। इस दौरान गैस किल्लत पर केंद्र सरकार की विदेश नीति के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया गया। सुखपाल पर फिर हंगामा हुआ। इसके बाद ‘अशोभनीय आचरण’ का मामला विशेषाधिकार समिति को भेज दिया गया। 13 से 15 मार्च – प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित रही (कोई बैठक नहीं)।

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