Ahmedabad. आणंद. भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआइ) ने रविवार को गुजरात के आणंद जिले की उमरेठ विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव के कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा की है। उमरेठ सीट पर 23 अप्रेल (गुरुवार) को मतदान होगा, जबकि 4 मई (सोमवार) को मतगणना की जाएगी। निर्वाचन प्रक्रिया 6 मई 2026 (बुधवार) तक पूरी कर ली जाएगी।
उमरेठ विधानसभा सीट भाजपा विधायक गोविंद परमार के निधन के कारण रिक्त हुई है। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार गुजरात की उमरेठ सीट उपचुनाव के लिए अधिसूचना 30 मार्च (सोमवार) को जारी की जाएगी। इसके बाद 6 अप्रेल (सोमवार) तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की 7 अप्रेल को जांच होगी, जबकि 9 अप्रेल नाम वापस लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।
एसआइआर के बाद जारी सूची से होगा मतदान
आयोग के अनुसार निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण पहले ही किया जा चुका है। गुजरात की उमरेठ विधानसभा क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची भी 17 फरवरी 2026 को प्रकाशित की गई है। हालांकि नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक प्राप्त आवेदनों के आधार पर मतदाता सूची का सतत अद्यतन जारी रहेगा। यह सूची जारी होने के बाद राज्य में पहला चुनाव होने जा रहा है। मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट से मदतान कराया जाएगा। आयोग ने पर्याप्त संख्या में मशीनें उपलब्ध कराते हुए मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने की तैयारी की है।
आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड से भी डाल सकेंगे वोट
आयोग के तहत मतदाता सूची में मतदाता का नाम है, तो वे मतदाता पहचान के लिए इलेक्टोरल फोटो आईडी कार्ड (मतदाता पहचान पत्र) मुख्य दस्तावेज के साथ आधार कार्ड दिखाकर भी मतदान कर सकेंगे। मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक, आयुष्मान भारत या श्रम मंत्रालय की स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केंद्र/राज्य सरकार या पीएसयू कर्मचारियों के फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसद-विधायक पहचान पत्र और यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड भी मान्य होंगे। रविवार को उमरेठ सीट पर उपचुनाव की घोषणा के साथ ही आणंद जिले में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (आदर्श आचार संहिता) तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
भाजपा, कांग्रेस ने किया जीत का दावा
गुजरात प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ. अनिल पटेल ने दावा किया कि उमरेठ विधानसभा सीट पर एक बार फिर भाजपा की जीत होगी। जिस प्रकार से भाजपा के विधायक गोविंद परमार ने कार्य किया था। उनके निधन के बाद भी जनता उनके कार्य और पार्टी पर विश्वास करेगी। उधर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मनीष दोशी ने कहा कि उमरेठ की जनता उप चुनाव में कांग्रेस को जीत दिलाएगी, क्योंकि जनता महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी से परेशान हो गई है। लोग भाजपा की दोहरी राजनीति को पहचान गए हैं।
लंबे समय तक कांग्रेस का रहा कब्जा, दो बार से भाजपा
उमरेठ विधानसभा सीट पर लंबे समय तक कांग्रेस का प्रभाव रहा। 1972 से देखें तो 1972 से 1985 तक कांग्रेस का प्रभुत्व रहा। 1990 में पहली बार जनता दल ने सीट जीती। 1995 से 2002 के दौरान इस सीट पर भाजपा जीती। 2007 और 2012 के चुनावों में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जीती। 2017, 2022 में भाजपा के गोविंद परमार विधायक चुने गए थे। उनके निधन के चलते सीट खाली हुई है।
उमरेठ उपचुनाव कार्यक्रम
अधिसूचना जारी : 30 मार्च
नामांकन की अंतिम तिथि : 6 अप्रेल
नामांकन-पत्र की जांच : 7 अप्रेल
नाम वापसी की अंतिम तिथि : 9 अप्रेल
मतदान : 23 अप्रेल
मतगणना : 4 मई
चुनाव प्रक्रिया पूरी : 6 मई


