सीतामढ़ी जिले में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित भिट्ठामोड़ में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के डीआईजी मानेंदर सिंह नेगी ने गुरुवार को कैंप का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 51वीं बटालियन के कमांडेंट जी.सी. पांडे और द्वितीय कमांडेंट आशीष पांडे भी इस अवसर पर मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान डीआईजी नेगी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सीमा मित्रों और पुलिस प्रशासन के साथ एक बैठक की, जिसमें सीमा पर निगरानी को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में भिट्ठामोड़ सहित आसपास के सीमावर्ती इलाकों में शांति, सुरक्षा और समन्वय बनाए रखने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। रोजगार के बेहतर अवसर कराए जा रहे उपलब्ध इस मौके पर अधिकारियों ने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, कौशल विकास और उन्हें सशक्त बनाने को लेकर भी विशेष मंथन किया। डीआईजी नेगी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को गैरकानूनी गतिविधियों, खासकर तस्करी जैसे कार्यों से दूर रखना आवश्यक है। इसके लिए उन्हें शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे सही दिशा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने बताया कि एसएसबी समय-समय पर बेरोजगार युवाओं के लिए ड्राइविंग, सिलाई-कटाई, कारपेंटरी, बागवानी, मोबाइल व कंप्यूटर प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम आयोजित करती है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न शिविरों के माध्यम से पशु और मानव स्वास्थ्य जांच तथा मुफ्त दवा वितरण भी किया जाता है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिल सके। मखाना बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार ने भी बैठक में भाग लिया और सीमावर्ती क्षेत्रों में नशा तथा अपराध मुक्त समाज बनाने के लिए नई योजनाएं तैयार करने की बात कही। डीआईजी को भेंट की पुस्तक कार्यक्रम के दौरान चर्चित कवयित्री नैना साहू ने डीआईजी मानेंदर सिंह नेगी को अपनी पुस्तक “नैना लिखते ऐसी पाती” भेंट की। इस अवसर पर एसी पवन खर्राटे, भिट्ठा थानाध्यक्ष मनोज कुमार, श्रीखंडी मुखिया प्रतिनिधि राम विवेकी साह, मुखिया अरुण कुमार यादव, मुखिया राजेश पासवान, मुखिया संजय कुमार साह सहित एसएसबी के कई अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। सीतामढ़ी जिले में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित भिट्ठामोड़ में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के डीआईजी मानेंदर सिंह नेगी ने गुरुवार को कैंप का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 51वीं बटालियन के कमांडेंट जी.सी. पांडे और द्वितीय कमांडेंट आशीष पांडे भी इस अवसर पर मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान डीआईजी नेगी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सीमा मित्रों और पुलिस प्रशासन के साथ एक बैठक की, जिसमें सीमा पर निगरानी को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में भिट्ठामोड़ सहित आसपास के सीमावर्ती इलाकों में शांति, सुरक्षा और समन्वय बनाए रखने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। रोजगार के बेहतर अवसर कराए जा रहे उपलब्ध इस मौके पर अधिकारियों ने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, कौशल विकास और उन्हें सशक्त बनाने को लेकर भी विशेष मंथन किया। डीआईजी नेगी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को गैरकानूनी गतिविधियों, खासकर तस्करी जैसे कार्यों से दूर रखना आवश्यक है। इसके लिए उन्हें शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे सही दिशा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने बताया कि एसएसबी समय-समय पर बेरोजगार युवाओं के लिए ड्राइविंग, सिलाई-कटाई, कारपेंटरी, बागवानी, मोबाइल व कंप्यूटर प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम आयोजित करती है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न शिविरों के माध्यम से पशु और मानव स्वास्थ्य जांच तथा मुफ्त दवा वितरण भी किया जाता है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिल सके। मखाना बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार ने भी बैठक में भाग लिया और सीमावर्ती क्षेत्रों में नशा तथा अपराध मुक्त समाज बनाने के लिए नई योजनाएं तैयार करने की बात कही। डीआईजी को भेंट की पुस्तक कार्यक्रम के दौरान चर्चित कवयित्री नैना साहू ने डीआईजी मानेंदर सिंह नेगी को अपनी पुस्तक “नैना लिखते ऐसी पाती” भेंट की। इस अवसर पर एसी पवन खर्राटे, भिट्ठा थानाध्यक्ष मनोज कुमार, श्रीखंडी मुखिया प्रतिनिधि राम विवेकी साह, मुखिया अरुण कुमार यादव, मुखिया राजेश पासवान, मुखिया संजय कुमार साह सहित एसएसबी के कई अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।


