कानपुर। रंगों का त्योहार होली पूरे देश में एक दिन बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, लेकिन कानपुर की होली कुछ अलग ही पहचान रखती है। यहां होली का रंग एक दिन में फीका नहीं पड़ता, बल्कि पूरे सात दिनों तक शहर रंग और उमंग में डूबा रहता है। पहले दिन जहां आम लोगों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली का जश्न मनाया, वहीं दूसरे दिन शहर के थानों में खाकी वर्दी भी रंगों में सराबोर नजर आई।
थानों में दिखा जश्न का माहौल –
कानपुर में होली के दूसरे दिन गुरुवार को थानों में पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के बीच समय निकालकर आपसी भाईचारे के साथ होली मनाई। थानों में रंग, गुलाल और मिठाइयों के साथ जश्न का माहौल देखने को मिला। पुलिसकर्मियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और होली के पारंपरिक गीतों पर जमकर झूमे। कई जगहों पर डीजे की धुन पर पुलिसकर्मी नाचते-गाते नजर आए तो कहीं ढोलक की थाप पर होली के फाग गाए गए।
अधिकारियों से लेकर सिपहिया तक ने मनाई होली –
थानों का माहौल कुछ देर के लिए पूरी तरह उत्सवमय हो गया। खाकी वर्दी में सजे पुलिसकर्मी भी रंगों में भीगते दिखाई दिए। अधिकारियों से लेकर सिपाहियों तक सभी ने एक-दूसरे को रंग लगाकर खुशियां साझा कीं। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने भी जवानों के साथ होली खेलते हुए उन्हें त्योहार की बधाई दी और आपसी सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया। होली के इस उत्सव के दौरान थानों में मिठाइयां भी बांटी गईं और सभी ने मिलकर त्योहार की खुशियां साझा कीं। पुलिसकर्मियों ने कहा कि सालभर कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने के बीच ऐसे मौके आपसी संबंधों को मजबूत करने का अवसर देते हैं।


