आजमगढ़ जिले के पुरानी कोतवाली स्थित चौक की कपड़ा फाड़ होली बहुत प्रसिद्ध है। विगत 40 वर्षों से इस कपड़ा फाड़ होली की परंपरा चली आ रही है। होली के त्योहार के अवसर पर सुबह छह बजे से शुरू होने वाली यह होली दोपहर तीन बजे तक चलती है। इस दौरान जो भी इधर से गुजरता है उसके कपड़े फाड़कर उसे पानी और रंगों से जमकर नहलाया जाता है। इसके बाद उस व्यक्ति के पहने हुए कपड़े को फाड़ दिया जाता है। यही कारण है कि इस होली को कपड़ा फाड़ होली कहते हैं। जिले में जगह-जगह आयोजित हुई इस होली में बड़ी संख्या में युवा डीजे की धुन पर होली खेलते और डांस करते नजर आए। कपड़ा फाड़ होली के बाद बड़ी संख्या में युवाओं ने अपने फटे कपड़े बिजली के तारों पर फेंक दिए। जो की कपड़ा फाड़ होली की गवाही दे रहे हैं। पुरानी कोतवाली से शुरू हुई यह कपड़ा फाड़ होली लगातार अब जिले के अन्य बाजारों और चौराहों पर भी मनाई जाने लगी। बिजली के तारों पर बड़ी संख्या में फेंके गए कपड़े इस कपड़ा फाड़ होली की गवाही भी दे रहे हैं। जिले के पुरानी कोतवाली, सब्जी मंडी, चौक, रैदोपुर व कालीनगंज में कपड़ा फाड़ होली का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया गया। होली खेलने के बाद सभी एक दूसरे के कपड़े फाड़कर अपने घरों को वापस जाते हैं।


