बांका जिले में सोमवार रात होलिका दहन का पर्व पारंपरिक उत्साह और विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। देर रात तक गांवों और कस्बों में उत्सव का माहौल रहा। चौक-चौराहों और मोहल्लों में बड़ी संख्या में लोग जुटे, जहां परंपरा अनुसार पूजा-अर्चना कर होलिका दहन किया गया। होलिका दहन से पहले, युवाओं और बच्चों की टोलियों ने घर-घर जाकर जलावन सामग्री एकत्र की। ढोल-नगाड़ों की थाप पर बच्चों और युवाओं ने पूरे गांव का भ्रमण किया, जिससे माहौल पूरी तरह होलीमय हो गया। इस दौरान आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश भी दिया गया। होली की एक-दुसरे को दी बधाई ग्रामीण इलाकों में विशेष परंपरा के तहत लोगों ने जौ के बाल भूनकर एक-दूसरे को बांटे और होली की अग्रिम बधाई दी। होलिका दहन के बाद कई स्थानों पर प्रसाद का वितरण भी किया गया। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों ने इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लिया। कई जगहों पर पंडितों की मौजूदगी में मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई गई। लोगों ने होलिका की अग्नि में बुराइयों का प्रतीक माने जाने वाले दोषों को समर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। देर रात तक लोग होलिका दहन स्थल पर मौजूद रहे और एक-दूसरे को गले लगाकर होली की शुभकामनाएं देते रहे। शांतिपूर्ण-सौहार्दपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम हुआ संपन्न यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। जिलेभर में होलिका दहन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। अब लोगों में रंगों वाली होली को लेकर उत्साह है, जो बुधवार को पूरे जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। बांका जिले में सोमवार रात होलिका दहन का पर्व पारंपरिक उत्साह और विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। देर रात तक गांवों और कस्बों में उत्सव का माहौल रहा। चौक-चौराहों और मोहल्लों में बड़ी संख्या में लोग जुटे, जहां परंपरा अनुसार पूजा-अर्चना कर होलिका दहन किया गया। होलिका दहन से पहले, युवाओं और बच्चों की टोलियों ने घर-घर जाकर जलावन सामग्री एकत्र की। ढोल-नगाड़ों की थाप पर बच्चों और युवाओं ने पूरे गांव का भ्रमण किया, जिससे माहौल पूरी तरह होलीमय हो गया। इस दौरान आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश भी दिया गया। होली की एक-दुसरे को दी बधाई ग्रामीण इलाकों में विशेष परंपरा के तहत लोगों ने जौ के बाल भूनकर एक-दूसरे को बांटे और होली की अग्रिम बधाई दी। होलिका दहन के बाद कई स्थानों पर प्रसाद का वितरण भी किया गया। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों ने इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लिया। कई जगहों पर पंडितों की मौजूदगी में मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई गई। लोगों ने होलिका की अग्नि में बुराइयों का प्रतीक माने जाने वाले दोषों को समर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। देर रात तक लोग होलिका दहन स्थल पर मौजूद रहे और एक-दूसरे को गले लगाकर होली की शुभकामनाएं देते रहे। शांतिपूर्ण-सौहार्दपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम हुआ संपन्न यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। जिलेभर में होलिका दहन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। अब लोगों में रंगों वाली होली को लेकर उत्साह है, जो बुधवार को पूरे जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी।


