रीवा शहर के कैलाशपुरी इलाके में गुरुवार को भाजपा नेता के घर आयोजित गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान लाउडस्पीकर से देवी-देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस द्वारा भाजपा नेता से पूछताछ के बाद यह विवाद शांत होता नजर आ रहा था, लेकिन अब रीवा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर आशय द्विवेदी के वीडियो बयान के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है। इस मामले की लिखित शिकायत भी थाने में की जा चुकी है। जानकारी के अनुसार, बैकुंठपुर निवासी भाजपा नेता सीताराम साकेत के घर गृह प्रवेश कार्यक्रम रखा गया था। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान सुबह करीब 10 बजे से लाउडस्पीकर पर भगवान शंकर, मां दुर्गा, भगवान कृष्ण समेत अन्य देवी-देवताओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। क्रायक्रम के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणियां
घटना के बाद मोहल्ले में आक्रोश फैल गया और कुछ देर के लिए दो पक्ष आमने-सामने आ गए। स्थानीय निवासी रागिनी सिंह बघेल ने बताया था कि शुरू में लगा कि कार्यक्रम का सामान्य शोर-शराबा है, लेकिन जब लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां होती रहीं तो लोग समझाने पहुंचे। इसी दौरान विवाद की स्थिति बन गई और मारपीट जैसे हालात बन गए। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और भाजपा नेता से पूछताछ की। साथ ही पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित थाना में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई जा चुकी है। पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की थी। मामले में भाजपा नेता ने मामले में गलती स्वीकार करते हुए यह कहा था कि मेरे घर में सैकड़ों लोग आए थे, किसी ने कह दिया होगा। अब डॉक्टर आशय द्विवेदी का वीडियो आया सामने इसी बीच रीवा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर आशय द्विवेदी ने एक वीडियो जारी कर घटना पर कड़ा विरोध जताया है। वीडियो में उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म, देवी-देवता या आस्था के प्रतीकों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना समाज में वैमनस्य फैलाने का काम करता है। डॉ. द्विवेदी ने कहा,“रीवा जैसे शांत शहर में इस तरह की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। प्रशासन को इस मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।” फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। थाना प्रभारी हितेंद्रनाथ शर्मा की ओर से कहा गया है कि यदि जांच में आपत्तिजनक सामग्री और जिम्मेदार लोगों की पुष्टि होती है तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है और दोनों पक्षों से संवाद जारी है।


