25 अप्रैल को सर्वे के लिए आएगी केंद्रीय टीम:स्वच्छता सर्वेक्षण में पटना नगर निगम की परीक्षा, सिटिजन फीडबैक पर मिलेंगे 1000 अंक

25 अप्रैल को सर्वे के लिए आएगी केंद्रीय टीम:स्वच्छता सर्वेक्षण में पटना नगर निगम की परीक्षा, सिटिजन फीडबैक पर मिलेंगे 1000 अंक

पटना नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के लिए पूरी तैयारियों में लगा हुआ है। पटना में 25 अप्रैल से फील्ड असेस्मेंट शुरू होगा जो कि 31 मई तक चलेगी। सर्वे के लिए केंद्रीय टीम पटना आएगी, जो शहर की जमीनी हकीकत परखेगी। यह सर्वे देश के प्रमुख शहरों की स्वच्छता रैंकिंग तय करेगी। पटना नगर निगम ने गार्बेज फ्री सिटी में फाइव स्टार रैंकिंग के लिए आवेदन किया है। इस साल रैंकिंग कुल 12500 अंकों के आधार पर तय होगी। सिटिजन फीडबैक पर मिलेंगे 1000 अंक इस सर्वे में 10 प्रमुख सेक्शन, 54 इंडिकेटर और 166 सब-इंडिकेटर शामिल हैं। इस बार सिटिजन फीडबैक की अहमियत बढ़ा दी गई है। पहले जहां 500 अंक निर्धारित थे, अब इसे बढ़ाकर 1000 अंक कर दिया गया है। नागरिकों से 12 सवालों के जरिए फीडबैक लिया जाएगा, जिससे शहर की वास्तविक सफाई व्यवस्था का आंकलन होगा। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में अंक तीन हिस्सों में बांटे गए हैं। ODF और वाटर प्लस के लिए 1000 अंक, गार्बेज फ्री सिटी के लिए 1000 अंक और फील्ड असेस्मेंट के लिए 10,500 अंक तय है। रेड स्पॉट और येलो स्पॉट पर विशेष नजर फील्ड असेसमेंट के दौरान रेड स्पॉट और येलो स्पॉट पर विशेष अंक कटते हैं। इसे देखते हुए पटना नगर निगम ने सख्ती बढ़ाई है। खुले में शौच करने, गंदगी फैलाने और पान-तंबाकू थूकने वालों पर 500 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। ऐसे लोगों को ‘नगर शत्रु’ की श्रेणी में रखा गया है। आईसीसीसी और निगम की टीमें प्रमुख स्थानों पर लगातार निगरानी कर रही हैं। दीवारों पर पेंटिंग, डिवाइडर का रंग-रोगन कराया जा रहा दीवारों पर पेंटिंग, सड़कों की सफाई, डिवाइडर का रंग-रोगन और सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। सभी अंचलों में व्यापक सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है। नालों और बैकलेन की सफाई कराई जा रही है। इसके साथ ही कचरा पॉइंट को खत्म किया जा रहा है। पिछले साल 650 कूड़ा प्वाइंट खत्म किए गए थे, इस बार 85 और प्वाइंट हटाए गए हैं। गलत जानकारी पर अंकों में होगी कटौती नगर निगम डेस्क असेस्मेंट में पहले ही सफल हो चुका है और दिए गए आंकड़ों के आधार पर फाइव स्टार के लिए क्वालिफाइ कर गया है। यदि नगर निगम की ओर से गलत या बढ़ा-चढ़ाकर जानकारी दी गई तो अंकों में कटौती की जाएगी। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण की थीम ‘स्वच्छता की नई पहल–बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’ रखी गई है। साल 2024-25 में पटना को 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में 21वां स्थान मिला था। वहीं गार्बेज फ्री सिटी में तीन स्टार की रेटिंग प्राप्त हुई थी। अलग-अलग डस्टबीन में लोग नहीं डाल रहे कचरा 1 अप्रैल से नई व्यवस्था के तहत डोर टू डोर कचरा उठाव में चार अलग-अलग डस्टबीन का उपयोग अनिवार्य किया गया है, लेकिन, लोग अभी भी कचरा अलग-अलग करके नहीं दे रहे हैं। कई जगह नियमित कचरा उठाव नहीं होने से लोग खुले में कचरा फेंक देते हैं। स्ट्रीट वेंडर भी दुकान बंद करने के बाद कचरा सड़क पर छोड़ देते हैं। वहीं, रामाचक बैरिया में कचरा प्रोसेसिंग प्लांट अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इन कमियों का सीधा असर शहर की रैंकिंग पर पड़ सकता है। सप्ताह के सातों दिन खुले रहेंगे स्कूल इस दौरान आवासीय इलाकों, वाणिज्यिक व सार्वजनिक क्षेत्रों, झुग्गी-बस्तियों, स्कूलों, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों, परिवहन केंद्रों, वर्षा जल नालियों, जल निकायों, अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाइयों, एसटीपी, एफएसटीपी, लैंडफिल तथा उपचार स्थलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही नागरिक सत्यापन के लिए घरों और दुकानों पर बातचीत कर नागरिकों की प्रतिक्रिया भी ली जाएगी। मूल्यांकन अवधि में सभी सुविधाएं और स्कूल सप्ताह के सातों दिन खुले रहें, क्योंकि सर्वेक्षण किसी भी दिन किया जा सकता है। पटना नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के लिए पूरी तैयारियों में लगा हुआ है। पटना में 25 अप्रैल से फील्ड असेस्मेंट शुरू होगा जो कि 31 मई तक चलेगी। सर्वे के लिए केंद्रीय टीम पटना आएगी, जो शहर की जमीनी हकीकत परखेगी। यह सर्वे देश के प्रमुख शहरों की स्वच्छता रैंकिंग तय करेगी। पटना नगर निगम ने गार्बेज फ्री सिटी में फाइव स्टार रैंकिंग के लिए आवेदन किया है। इस साल रैंकिंग कुल 12500 अंकों के आधार पर तय होगी। सिटिजन फीडबैक पर मिलेंगे 1000 अंक इस सर्वे में 10 प्रमुख सेक्शन, 54 इंडिकेटर और 166 सब-इंडिकेटर शामिल हैं। इस बार सिटिजन फीडबैक की अहमियत बढ़ा दी गई है। पहले जहां 500 अंक निर्धारित थे, अब इसे बढ़ाकर 1000 अंक कर दिया गया है। नागरिकों से 12 सवालों के जरिए फीडबैक लिया जाएगा, जिससे शहर की वास्तविक सफाई व्यवस्था का आंकलन होगा। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में अंक तीन हिस्सों में बांटे गए हैं। ODF और वाटर प्लस के लिए 1000 अंक, गार्बेज फ्री सिटी के लिए 1000 अंक और फील्ड असेस्मेंट के लिए 10,500 अंक तय है। रेड स्पॉट और येलो स्पॉट पर विशेष नजर फील्ड असेसमेंट के दौरान रेड स्पॉट और येलो स्पॉट पर विशेष अंक कटते हैं। इसे देखते हुए पटना नगर निगम ने सख्ती बढ़ाई है। खुले में शौच करने, गंदगी फैलाने और पान-तंबाकू थूकने वालों पर 500 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। ऐसे लोगों को ‘नगर शत्रु’ की श्रेणी में रखा गया है। आईसीसीसी और निगम की टीमें प्रमुख स्थानों पर लगातार निगरानी कर रही हैं। दीवारों पर पेंटिंग, डिवाइडर का रंग-रोगन कराया जा रहा दीवारों पर पेंटिंग, सड़कों की सफाई, डिवाइडर का रंग-रोगन और सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। सभी अंचलों में व्यापक सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है। नालों और बैकलेन की सफाई कराई जा रही है। इसके साथ ही कचरा पॉइंट को खत्म किया जा रहा है। पिछले साल 650 कूड़ा प्वाइंट खत्म किए गए थे, इस बार 85 और प्वाइंट हटाए गए हैं। गलत जानकारी पर अंकों में होगी कटौती नगर निगम डेस्क असेस्मेंट में पहले ही सफल हो चुका है और दिए गए आंकड़ों के आधार पर फाइव स्टार के लिए क्वालिफाइ कर गया है। यदि नगर निगम की ओर से गलत या बढ़ा-चढ़ाकर जानकारी दी गई तो अंकों में कटौती की जाएगी। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण की थीम ‘स्वच्छता की नई पहल–बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’ रखी गई है। साल 2024-25 में पटना को 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में 21वां स्थान मिला था। वहीं गार्बेज फ्री सिटी में तीन स्टार की रेटिंग प्राप्त हुई थी। अलग-अलग डस्टबीन में लोग नहीं डाल रहे कचरा 1 अप्रैल से नई व्यवस्था के तहत डोर टू डोर कचरा उठाव में चार अलग-अलग डस्टबीन का उपयोग अनिवार्य किया गया है, लेकिन, लोग अभी भी कचरा अलग-अलग करके नहीं दे रहे हैं। कई जगह नियमित कचरा उठाव नहीं होने से लोग खुले में कचरा फेंक देते हैं। स्ट्रीट वेंडर भी दुकान बंद करने के बाद कचरा सड़क पर छोड़ देते हैं। वहीं, रामाचक बैरिया में कचरा प्रोसेसिंग प्लांट अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इन कमियों का सीधा असर शहर की रैंकिंग पर पड़ सकता है। सप्ताह के सातों दिन खुले रहेंगे स्कूल इस दौरान आवासीय इलाकों, वाणिज्यिक व सार्वजनिक क्षेत्रों, झुग्गी-बस्तियों, स्कूलों, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों, परिवहन केंद्रों, वर्षा जल नालियों, जल निकायों, अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाइयों, एसटीपी, एफएसटीपी, लैंडफिल तथा उपचार स्थलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही नागरिक सत्यापन के लिए घरों और दुकानों पर बातचीत कर नागरिकों की प्रतिक्रिया भी ली जाएगी। मूल्यांकन अवधि में सभी सुविधाएं और स्कूल सप्ताह के सातों दिन खुले रहें, क्योंकि सर्वेक्षण किसी भी दिन किया जा सकता है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *