भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्टरी के पीछे अन्नू नगर में रेलवे की जमीन से करीब 84 झुग्गियां हटाई गई। यहां से तीन साल पहले भी अतिक्रमण हटाया गया था, लेकिन बाद में झुग्गियां फिर से तन गई। छह महीने में 4200 वर्गमीटर जमीन पर झुग्गियां बनाकर कब्जा कर लिया गया था। प्रशासनिक जांच में पता चला कि कई कब्जाधारियों के पास पहले से मकान और झुग्गियां हैं, लेकिन रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा कर इन्हें 2 से 3 हजार रुपए महीने किराए पर चढ़ा दिया गया। कई झुग्गियों को गोदाम बनाकर फैब्रिकेशन का सामान भरा मिला। नगर निगम और जिला प्रशासन ने जेसीबी चलाकर सभी 84 कब्जे तोड़े। कार्रवाई में रेलवे की करीब 7.5 करोड़ रुपए कीमत की जमीन खाली कराई गई। अधिकारियों के मुताबिक पहले नोटिस दिए गए थे, लेकिन कब्जे नहीं हटे। इसके बाद रेलवे ने प्रशासन की मदद से अतिक्रमण हटवाया। पुनर्वास पर फिर उठे सवाल
गैस पीड़ित संगठन की रचना ढींगरा ने आरोप लगाया कि बिना पुनर्वास लोगों को हटाना गलत है। उनका कहना है कि पिछली कार्रवाई के बाद भी ज्यादातर परिवारों को स्थायी आवास नहीं मिला। सरकारी जमीन पर किराया
कार्रवाई के दौरान सामने आया कि कई झुग्गियां खुद रहने के लिए नहीं, बल्कि किराए और सामान रखने के लिए बनाई गई थीं। यानी, सरकारी जमीन पर कब्जा कर कमाई का पूरा सिस्टम खड़ा हो गया था। एक किमी तक बसीं झुग्गी
रेलवे ने कब्जा रोकने के लिए निशातपुरा फाटक से फेंसिंग शुरू की थी, लेकिन अन्नू नगर पहुंचते ही काम ठप हो गया। फायदा उठाकर करीब एक किमी तक फिर झुग्गियां बस गईं। अब यहां फेंसिंग होगी।


