‘भारत की पहली सुपर सोल्जर फिल्म’ पर लगे 80 करोड़, रिलीज होते ही थिएटर्स में पसरा सन्नाटा, साबित हुई सुपरफ्लॉप

‘भारत की पहली सुपर सोल्जर फिल्म’ पर लगे 80 करोड़, रिलीज होते ही थिएटर्स में पसरा सन्नाटा, साबित हुई सुपरफ्लॉप

India’s First Super Soldier Movie Attack Part 1: बॉलीवुड फिल्मों में अक्सर दमदार एक्शन और वीएफएक्स के दम पर कहानियों को हिट कराने का फॉर्मूला तैयार किया जाता है। कई फिल्में इसमें सफल साबित भी हो जाती है। हालांकि बहुत सारी फिल्मों के साथ ऐसा नहीं भी हो पाता है। साल 2022 में आई जॉन अब्राहम की फिल्म ‘अटैक पार्ट 1’ के साथ भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। फिल्म को बनाने में करीब 80 करोड़ का मोटा पैसा खर्च किया गया लेकिन जब ये बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई तो मेकर्स के सारे अरमानों पर पानी फिर गया।

सुपर सोल्जर कॉन्सेप्ट पर बड़ा प्रयोग (India’s First Super Soldier Movie Attack Part 1)

फिल्म को भारत की पहली ‘सुपर सोल्जर’ आधारित साइंस-फिक्शन एक्शन फिल्म के तौर पर प्रमोट किया गया था। मॉडर्न तकनीक, भारी-भरकम वीएफएक्स और इंटरनेशनल स्टाइल के एक्शन सीक्वेंस के साथ इसे खास बनाया गया था। मेकर्स को उम्मीद थी कि ये फिल्म एक नया ट्रेंड सेट करेगी, लेकिन दर्शकों की प्रतिक्रिया उम्मीदों के बिल्कुल उलट रही।

फिल्म के शुरुआती दिनों की कमाई

रिलीज के शुरुआती दिनों से ही फिल्म की कमाई धीमी रही और यह बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत नहीं बना सकी। तकनीकी स्तर पर फिल्म की सराहना जरूर हुई, लेकिन कहानी का प्रभाव कमजोर पड़ता नजर आया।

बड़ी फिल्मों के बीच रिलीज होना पड़ा भारी

फिल्म की असफलता का एक बड़ा कारण इसकी रिलीज टाइमिंग भी मानी गई। उसी समय बॉक्स ऑफिस पर ‘द कश्मीर फाइल्स’ का प्रभाव बना हुआ था, जबकि RRR का क्रेज भी चरम पर था। ऐसे माहौल में साइंस-फिक्शन विषय पर बनी इस फिल्म को दर्शकों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया।

नतीजा ये रहा कि भारी बजट की यह फिल्म अपनी लागत का आधा हिस्सा भी नहीं निकाल सकी और इसे बड़ी फ्लॉप फिल्मों की सूची में शामिल कर लिया गया।

सेना अधिकारी से सुपर सोल्जर बनने तक की कहानी

फिल्म की कहानी अर्जुन शेरगिल नाम के एक बहादुर सेना अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है। एक आतंकी हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह चलने-फिरने में असमर्थ हो जाता है। इसके बाद उसे एक विशेष सरकारी मिशन के तहत सुपर सोल्जर प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाया जाता है, जहां उसके शरीर में एआई तकनीक आधारित चिप लगाई जाती है।

इस प्रयोग के बाद वो न केवल दोबारा खड़ा होता है, बल्कि असाधारण शक्तियों से लैस होकर देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक मिशन पर निकल पड़ता है। कहानी का यह अनोखा विचार दर्शकों को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा था, लेकिन यह अपेक्षित असर नहीं छोड़ पाया।

दमदार स्टारकास्ट के बावजूद नहीं चली फिल्म

फिल्म का निर्देशन लक्ष्य राज आनंद ने किया था और इसमें जॉन अब्राहम के साथ जैकलीन फर्नांडिज, रकुल प्रीत सिंह, प्रकाश राज और रति अग्निहोत्री जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए। खास बात ये भी रही कि जॉन अब्राहम इस फिल्म के को-प्रोड्यूसर भी थे, जिससे उनकी उम्मीदें इस प्रोजेक्ट से और ज्यादा जुड़ी थीं।

इसके बावजूद फिल्म घरेलू बॉक्स ऑफिस पर लगभग 16 करोड़ रुपये के आसपास सिमट गई, जबकि दुनियाभर में इसकी कमाई करीब 22 करोड़ रुपये तक ही पहुंच सकी। साफ तौर पर कहा जा सकता है कि ये फिल्म जॉन अब्राहम के करियर की फ्लॉप फिल्मों में से एक साबित हुई।

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