गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सभी 80 छात्रावासों और आश्रमों में पालक-बालक सम्मेलन और नेवता भोज का आयोजन किया गया। इसका मकसद छात्रावास में रहने वाले बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, पोषण और अनुशासन पर ध्यान देना और उनके बेहतर भविष्य के लिए जरूरी कदम उठाना था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों और उनके अभिभावकों से बातचीत की गई। उनसे पढ़ाई, स्वास्थ्य, छात्रावास की सुविधाओं और दूसरी समस्याओं के बारे में जानकारी ली गई। अभिभावकों से उनके सुझाव भी लिए गए। कई जगहों पर बच्चों को पढ़ाई से जुड़ी सामग्री भी बांटी गई। अधिकारियों ने बच्चों और पालकों से की बातचीत गौरेला विकासखंड के धनौली स्थित विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा आवासीय विद्यालय में हुए कार्यक्रम में विधायक और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव कुमार मरपच्ची, कलेक्टर विजय दयाराम के. और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बच्चों और उनके पालकों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और छात्रावास की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। बच्चों की जरूरतों और समस्याओं को भी समझने की कोशिश की गई। विधायक ने पीएम जनमन योजना को बताया अहम कार्यक्रम में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने बताया कि गौरेला विकासखंड में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पीएम जनमन योजना के जरिए दूर-दराज और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक सड़क, बिजली, पानी, घर और मोबाइल नेटवर्क जैसी जरूरी सुविधाएं पहुंचाने का काम किया जा रहा है। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने पालकों से कहा कि वे बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर लगातार ध्यान दें। उन्होंने पालकों को छात्रावास अधीक्षक और शिक्षकों के संपर्क में रहने की सलाह दी, ताकि बच्चों की पढ़ाई और दूसरी जरूरतों की जानकारी समय पर मिलती रहे। कलेक्टर ने बच्चों से भी बातचीत की और उनकी पढ़ाई, छात्रावास में मिलने वाली सुविधाओं और कार्यक्रम को लेकर उनकी राय जानी। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई करने, अनुशासन में रहने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

