औरंगाबाद में हथियार के साथ 6 बदमाश गिरफ्तार:नक्सली संगठन के नाम पर मांगी थी रंगदारी; मशीन जलाने और काम बंद करने की धमकी दी गई थी

औरंगाबाद जिले के बंदेया थाना क्षेत्र में नक्सली संगठन के नाम पर लेवी मांगने और धमकी भरा पत्र देने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में छह आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। जिसकी पहचान गयाजी के कराई गांव निवासी उदय कुमार, चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा, मंझियावां गांव के रंजीत कुमार उर्फ नन्हें, बिजहरी के अनिल यादव उर्फ राजेंद्र यादव के तौर पर हुई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि 26 मई को चपरा गांव में तालाब खुदाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने खुदाई कार्य से जुड़े लोगों को धमकी भरा पत्र देकर लेवी की मांग की थी। पत्र में खुद को भाकपा (माओवादी) से जुड़ा बताते हुए रंगदारी नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। इस संबंध में बंदेया थाना कांड संख्या 53/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इसके बाद 27 मई की रात करीब एक बजे तालाब खुदाई में लगे कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी कि कुछ लोग मौके पर पहुंचकर काम बंद करने और मशीनों को जलाने की धमकी दे रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। तकनीकी जांच और एसटीएफ की मदद से आरोपियों तक पहुंची पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए औरंगाबाद पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की। तकनीकी विश्लेषण, आसूचना संकलन और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने सबसे पहले गया जिले के टिकारी थाना क्षेत्र से उदय कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उदय कुमार ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चपरा गांव स्थित एक घर से संटू यादव को एक देसी कट्टा के साथ गिरफ्तार किया। इसके बाद चपरा बधार क्षेत्र में छापेमारी कर एक और देशी कट्टा, एक थर्नेट और एक मास्केट (राइफल) बरामद की गई। अवैध हथियारों की बरामदगी के बाद अलग से कांड संख्या 57/26 दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ के बाद पुलिस ने गयाजी के कोंच थाना क्षेत्र से तीन और आरोपियों और बंदेया थाना क्षेत्र से एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों ने स्वीकार किया अपराध पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी नक्सली संगठन का नाम लेकर स्थानीय लोगों और संवेदकों में भय पैदा कर रंगदारी वसूलने की कोशिश कर रहे थे। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों का किसी संगठित आपराधिक गिरोह या प्रतिबंधित संगठन से कोई सीधा संबंध है या नहीं। मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई जारी है। औरंगाबाद जिले के बंदेया थाना क्षेत्र में नक्सली संगठन के नाम पर लेवी मांगने और धमकी भरा पत्र देने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में छह आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। जिसकी पहचान गयाजी के कराई गांव निवासी उदय कुमार, चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा, मंझियावां गांव के रंजीत कुमार उर्फ नन्हें, बिजहरी के अनिल यादव उर्फ राजेंद्र यादव के तौर पर हुई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि 26 मई को चपरा गांव में तालाब खुदाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने खुदाई कार्य से जुड़े लोगों को धमकी भरा पत्र देकर लेवी की मांग की थी। पत्र में खुद को भाकपा (माओवादी) से जुड़ा बताते हुए रंगदारी नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। इस संबंध में बंदेया थाना कांड संख्या 53/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इसके बाद 27 मई की रात करीब एक बजे तालाब खुदाई में लगे कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी कि कुछ लोग मौके पर पहुंचकर काम बंद करने और मशीनों को जलाने की धमकी दे रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। तकनीकी जांच और एसटीएफ की मदद से आरोपियों तक पहुंची पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए औरंगाबाद पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की। तकनीकी विश्लेषण, आसूचना संकलन और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने सबसे पहले गया जिले के टिकारी थाना क्षेत्र से उदय कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उदय कुमार ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चपरा गांव स्थित एक घर से संटू यादव को एक देसी कट्टा के साथ गिरफ्तार किया। इसके बाद चपरा बधार क्षेत्र में छापेमारी कर एक और देशी कट्टा, एक थर्नेट और एक मास्केट (राइफल) बरामद की गई। अवैध हथियारों की बरामदगी के बाद अलग से कांड संख्या 57/26 दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ के बाद पुलिस ने गयाजी के कोंच थाना क्षेत्र से तीन और आरोपियों और बंदेया थाना क्षेत्र से एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों ने स्वीकार किया अपराध पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी नक्सली संगठन का नाम लेकर स्थानीय लोगों और संवेदकों में भय पैदा कर रंगदारी वसूलने की कोशिश कर रहे थे। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों का किसी संगठित आपराधिक गिरोह या प्रतिबंधित संगठन से कोई सीधा संबंध है या नहीं। मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई जारी है।  

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