चंबल देवरी घड़ियाल सेंचुरी केंद्र में 54 घड़ियालों के अंडों से नन्हे शावकों ने जन्म लिया है। हैचरी केंद्र पर सफलतापूर्वक हैचिंग के बाद इन सभी शावकों को सुरक्षा के लिहाज से तुरंत क्वारेंटाइन कर दिया गया है। इससे पहले भी केंद्र में 99 शावकों का जन्म हुआ था, जिससे इस साल अंडों से बाहर आने वाले घड़ियालों की कुल संख्या अब 153 तक पहुंच गई है। वन विभाग द्वारा हर साल चंबल नदी से करीब 200 अंडे कलेक्ट कर उनका संरक्षण किया जाता है। वन विभाग की टीम ने चंबल नदी के बरौली घाट और बाबू सिंह घाट (घेर) से घड़ियालों के अंडे कलेक्ट किए थे। इससे पहले बरौली घाट से लाए गए अंडों की दो बार हैचिंग कराई गई थी, जिसमें से 99 नन्हे शावकों ने सुरक्षित जन्म लिया था। इसके बाद हैचरी केंद्र पर बाबू सिंह घाट के अंडों की हैचिंग प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें से 54 घड़ियालों के शावक सफलतापूर्वक बाहर आ गए हैं। हर साल 200 अंडों का किया जाता है संरक्षण
इस पूरी प्रक्रिया को लेकर वन विभाग के डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा चंबल नदी के विभिन्न घाटों से प्रतिवर्ष 200 अंडों को कलेक्ट कर देवरी स्थित हैचरी केंद्र में सुरक्षित रखा जाता है। इसके बाद अनुकूल मौसम देखकर मई और जून के महीने में इन अंडों से हैचिंग कराई जाती है। डीएफओ बघेल ने बताया, “मई के अंतिम सप्ताह में दो चरणों में कुल 99 घड़ियाल के शावकों ने जन्म लिया था। वहीं, बाबू सिंह की घेर घाट से लाए गए 54 अंडों से भी सफलतापूर्वक हैचिंग करवा ली गई है। वर्तमान में सभी शावक पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी निगरानी की जा रही है।”


