गुफा मंदिर स्थित बरेला गांव की महिलाओं ने मंगलवार सुबह कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। महिलाएं कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों पर बैठ गईं और बरेला गांव से गुफा मंदिर के बीच बंद किए गए रास्ते को खुलवाने की मांग करने लगीं। उनका कहना था कि एक महिला की तबियत बिगड़ने पर कॉलोनी के अंदर तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी थी, उसके बाद मंगलवार को उनकी शवयात्रा निकालने में भी दिक्कत हुई। महिलाओं ने एडीएम सुमित पांडेय को बताया कि गुफा मंदिर के पास से बरेला की तरफ जाने वाला रास्ता करीब 50 साल पुराना है। इसे गुफा मंदिर समिति ने तीन-चार साल से बंद करवा रखा है। पिछले साल भी रास्ता खुलवाने के लिए प्रदर्शन किया था। उस समय आश्वासन देकर उन्हें समझा दिया गया था। उनका आरोप है कि मंदिर की जमीनों पर व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं, जबकि गांव वालों का रास्ता रोका जा रहा है। शवयात्रा में दिक्कत हुई तो कलेक्ट्रेट पहुंचीं महिलाएं महिलाएं बोलीं- आश्वासन नहीं स्थाई समाधान चाहिए एडीएम सुमित पांडेय ने महिलाओं को मामले में कार्रवाई करने का भरोसा दिया। हालांकि, महिलाओं ने कहा कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि समस्या का स्थायी समाधान चाहिए…

