41॰ टेंपरेचर में अस्पताल के पंखे खराब, शौचालय बदबूदार:घर से स्टैंड-टेबल फैन लेकर आ रहे लोग, कहा- बिना इलाज के मौत हो जाएगी; PMCH-IGIMS लंबी कतारें

41॰ टेंपरेचर में अस्पताल के पंखे खराब, शौचालय बदबूदार:घर से स्टैंड-टेबल फैन लेकर आ रहे लोग, कहा- बिना इलाज के मौत हो जाएगी; PMCH-IGIMS लंबी कतारें

पटना का पारा 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। ऐसी स्थिति में शहर के प्रमुख सरकारी अस्पताल पीएमसीएच और आईजीआईएमएस में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। दस्त, उल्टी, पेट दर्द, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। सुबह से ही अस्पतालों की ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें देखी गईं। इनमें अधिकतर मरीज पेट संबंधी बीमारियों और शरीर में पानी की कमी से पीड़ित थे। पीएमसीएच में कई मरीज टेबल-स्टैंड फैन लेकर पहुंचे, क्योंकि अस्पताल में कई पंखे या तो खराब थे या धीमी गति से चल रहे थे। मरीज कहते हैं कि ऐसी व्यवस्था में मरीज बिना इलाज के मर जाएंगे।
पीएमसीएच-आईजीआईएमएस में भास्कर रिपोर्टर पहुंचे और स्थिति जानी, ओपीडी परिसर में मरीजों और उनके परिजनों की लंबी कतारें लगी थी, कैसे थे हालात पढ़ें रिपोर्ट… फर्श पर बैठना पड़ा पीएमसीएच और आईजीआईएमएस में मरीजों और उनके परिजन की भीड़ लगी थी। कई स्थानों पर पंखे खराब थे, जबकि कूलर और एसी भी बंद थे। अस्पताल में अधिक भीड़ होने के कारण मरीजों के बैठने की व्यवस्था भी नहीं थी। मरीज और उनके परिजन को फर्श पर ही बैठना पड़ा। गर्मी इतनी थी कि सहन नहीं हो रही थी। लोग हाथ वाले पंखे से खुद को हवा दे रहे थे। ओपीडी में हर कोई इलाज के लिए अपने नंबर का इंतजार कर रहा था। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को हो रही थी। उमस और भीड़ के कारण कई मरीजों की हालत बिगड़ती नजर आई। अस्पताल से तस्वीरें… IGIMS में घंटों करना पड़ा इंतजार

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) के ओपीडी में शनिवार की सुबह से ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पंजीकरण काउंटर से लेकर डॉक्टरों के चेंबर तक लंबी कतारें लगी रहीं। मरीज और उनके परिजन घंटों अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए।
बैठने की जगह कम पड़ने के कारण कई लोग फर्श, बेंच और गलियारों में बैठकर इंतजार करते दिखे। उमस और भीड़ के कारण लोगों की हालत बिगड़ती नजर आई। जांच केंद्रों पर भी लंबी कतारों के कारण धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी रही।
सुबह से ही पहुंचा, पर डॉक्टर से न मिल सका रोहतास से किडनी मरीज को लेकर पहुंचे दिवाकर सिंह ने बताया कि सुबह 8 बजे अस्पताल पहुंचने के बावजूद पर्ची कटाने और डॉक्टर तक पहुंचने में कई घंटे लग गए। भीड़ और गर्मी से मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही। जांच भी नहीं हो पाई। अब रात यहीं बिताकर कल फिर कोशिश करेंगे। एक मरीज ने बताया कि उन्हें पिछले दो दिनों से लगातार दस्त हो रहे हैं और दवा लेने के बाद भी राहत नहीं मिली है। घुटन से बचने के लिए बरामदे पर लोग

पीएमसीएच के राजेंद्र सर्जिकल वार्ड और इंदिरा गांधी इमरजेंसी वार्ड की स्थिति सबसे ज्यादा खराब नजर आई। कई वार्डों में पंखे या तो बंद पड़े थे या बेहद धीमी गति से चल रहे थे। मरीजों को राहत देने के लिए परिजन घर से टेबल फैन, स्टैंड फैन लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। कई मरीज वार्ड की घुटन से बचने के लिए बरामदों में समय बिताने को मजबूर दिखे।
पुराने भवन को खाली कर नए भवन में शिफ्ट किया जा रहा है अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पुराने भवन को खाली कर नए भवन में शिफ्ट किया जा रहा है। दिसंबर तक सभी विभागों को वातानुकूलित नए भवन में स्थानांतरित करने का लक्ष्य है। पुराने भवन को भविष्य में तोड़ा जाना है, इसलिए वहां सीमित संसाधनों से काम चलाया जा रहा है। अस्पताल परिसर में ठंडे पानी की बेहतर व्यवस्था की गई है, दूर दराज से आए लोगों को पानी की परेशानी न हो इसका पूरा ख्याल रखा गया है।

मरीजों की मांग,अस्पतालों में बढ़े राहत के इंतजाम

मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पतालों में अतिरिक्त पंखे, कूलर, ठंडे पेयजल, प्रतीक्षालय और बेहतर बैठने की व्यवस्था की मांग की है। लोगों का कहना है कि अस्पताल आने वाला व्यक्ति पहले से ही शारीरिक और मानसिक तनाव में होते हैं। ऐसे में गर्मी और अव्यवस्था परेशानी कई गुना बढ़ा देती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि हीट वेव जैसी स्थिति में अस्पतालों में पर्याप्त कूलिंग सिस्टम और पेयजल की व्यवस्था जरूरी है, ताकि मरीजों की हालत और न बिगड़े।

डॉक्टर और एम्बुलेंस ऑन कॉल

सिविल सर्जन योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए सभी सीएचसी और पीएचसी अस्पतालों में व्यवस्था मजबूत की गई है। डॉक्टरों और एंबुलेंस को ऑन-कॉल अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवा और ORS उपलब्ध है। साथ ही 3 से 4 अतिरिक्त बेड की भी व्यवस्था की गई है। पटना का पारा 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। ऐसी स्थिति में शहर के प्रमुख सरकारी अस्पताल पीएमसीएच और आईजीआईएमएस में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। दस्त, उल्टी, पेट दर्द, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। सुबह से ही अस्पतालों की ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें देखी गईं। इनमें अधिकतर मरीज पेट संबंधी बीमारियों और शरीर में पानी की कमी से पीड़ित थे। पीएमसीएच में कई मरीज टेबल-स्टैंड फैन लेकर पहुंचे, क्योंकि अस्पताल में कई पंखे या तो खराब थे या धीमी गति से चल रहे थे। मरीज कहते हैं कि ऐसी व्यवस्था में मरीज बिना इलाज के मर जाएंगे।
पीएमसीएच-आईजीआईएमएस में भास्कर रिपोर्टर पहुंचे और स्थिति जानी, ओपीडी परिसर में मरीजों और उनके परिजनों की लंबी कतारें लगी थी, कैसे थे हालात पढ़ें रिपोर्ट… फर्श पर बैठना पड़ा पीएमसीएच और आईजीआईएमएस में मरीजों और उनके परिजन की भीड़ लगी थी। कई स्थानों पर पंखे खराब थे, जबकि कूलर और एसी भी बंद थे। अस्पताल में अधिक भीड़ होने के कारण मरीजों के बैठने की व्यवस्था भी नहीं थी। मरीज और उनके परिजन को फर्श पर ही बैठना पड़ा। गर्मी इतनी थी कि सहन नहीं हो रही थी। लोग हाथ वाले पंखे से खुद को हवा दे रहे थे। ओपीडी में हर कोई इलाज के लिए अपने नंबर का इंतजार कर रहा था। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को हो रही थी। उमस और भीड़ के कारण कई मरीजों की हालत बिगड़ती नजर आई। अस्पताल से तस्वीरें… IGIMS में घंटों करना पड़ा इंतजार

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) के ओपीडी में शनिवार की सुबह से ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पंजीकरण काउंटर से लेकर डॉक्टरों के चेंबर तक लंबी कतारें लगी रहीं। मरीज और उनके परिजन घंटों अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए।
बैठने की जगह कम पड़ने के कारण कई लोग फर्श, बेंच और गलियारों में बैठकर इंतजार करते दिखे। उमस और भीड़ के कारण लोगों की हालत बिगड़ती नजर आई। जांच केंद्रों पर भी लंबी कतारों के कारण धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी रही।
सुबह से ही पहुंचा, पर डॉक्टर से न मिल सका रोहतास से किडनी मरीज को लेकर पहुंचे दिवाकर सिंह ने बताया कि सुबह 8 बजे अस्पताल पहुंचने के बावजूद पर्ची कटाने और डॉक्टर तक पहुंचने में कई घंटे लग गए। भीड़ और गर्मी से मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही। जांच भी नहीं हो पाई। अब रात यहीं बिताकर कल फिर कोशिश करेंगे। एक मरीज ने बताया कि उन्हें पिछले दो दिनों से लगातार दस्त हो रहे हैं और दवा लेने के बाद भी राहत नहीं मिली है। घुटन से बचने के लिए बरामदे पर लोग

पीएमसीएच के राजेंद्र सर्जिकल वार्ड और इंदिरा गांधी इमरजेंसी वार्ड की स्थिति सबसे ज्यादा खराब नजर आई। कई वार्डों में पंखे या तो बंद पड़े थे या बेहद धीमी गति से चल रहे थे। मरीजों को राहत देने के लिए परिजन घर से टेबल फैन, स्टैंड फैन लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। कई मरीज वार्ड की घुटन से बचने के लिए बरामदों में समय बिताने को मजबूर दिखे।
पुराने भवन को खाली कर नए भवन में शिफ्ट किया जा रहा है अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पुराने भवन को खाली कर नए भवन में शिफ्ट किया जा रहा है। दिसंबर तक सभी विभागों को वातानुकूलित नए भवन में स्थानांतरित करने का लक्ष्य है। पुराने भवन को भविष्य में तोड़ा जाना है, इसलिए वहां सीमित संसाधनों से काम चलाया जा रहा है। अस्पताल परिसर में ठंडे पानी की बेहतर व्यवस्था की गई है, दूर दराज से आए लोगों को पानी की परेशानी न हो इसका पूरा ख्याल रखा गया है।

मरीजों की मांग,अस्पतालों में बढ़े राहत के इंतजाम

मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पतालों में अतिरिक्त पंखे, कूलर, ठंडे पेयजल, प्रतीक्षालय और बेहतर बैठने की व्यवस्था की मांग की है। लोगों का कहना है कि अस्पताल आने वाला व्यक्ति पहले से ही शारीरिक और मानसिक तनाव में होते हैं। ऐसे में गर्मी और अव्यवस्था परेशानी कई गुना बढ़ा देती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि हीट वेव जैसी स्थिति में अस्पतालों में पर्याप्त कूलिंग सिस्टम और पेयजल की व्यवस्था जरूरी है, ताकि मरीजों की हालत और न बिगड़े।

डॉक्टर और एम्बुलेंस ऑन कॉल

सिविल सर्जन योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए सभी सीएचसी और पीएचसी अस्पतालों में व्यवस्था मजबूत की गई है। डॉक्टरों और एंबुलेंस को ऑन-कॉल अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवा और ORS उपलब्ध है। साथ ही 3 से 4 अतिरिक्त बेड की भी व्यवस्था की गई है।  

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