सतना जिले के कृषि विस्तार अधिकारी सोमवार से चार दिवसीय काम बंद हड़ताल पर चले गए हैं। विभिन्न मांगों को लेकर अधिकारियों ने उपसंचालक कृषि (डीडीए) कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन शुरू किया। आंदोलन 17 से 20 अगस्त तक चलेगा। अधिकारियों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर पहले भी चरणबद्ध आंदोलन किया गया, लेकिन शासन स्तर से ठोस निराकरण नहीं हुआ। अब मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी गई है। ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता खत्म करने की मांग कृषि विस्तार अधिकारियों की प्रमुख मांग eHRMS प्रणाली में अनिवार्य ई-अटेंडेंस को समाप्त करना है। अधिकारियों का कहना है कि उनका अधिकांश काम मैदानी और भ्रमण आधारित है। उन्हें किसानों के खेतों, गांवों और विभिन्न शासकीय गतिविधियों के लिए लगातार दौरे करने पड़ते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यालय होने के बावजूद शासकीय आवास और मूलभूत सुविधाओं की कमी है। महिला अधिकारियों ने सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। ऐसे में ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता को अधिकारियों ने अव्यावहारिक बताया है। ग्रेड पे 2400 से 2800 करने की मांग संघ ने कृषि विस्तार अधिकारियों का ग्रेड पे 2400 से बढ़ाकर 2800 करने की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि उनकी तकनीकी योग्यता, मैदानी जिम्मेदारियों और किसानों से सीधे जुड़े कार्यों को देखते हुए ग्रेड पे में वृद्धि जरूरी है। अतिरिक्त केंद्रों का भत्ता बढ़ाने की मांग अधिकारियों ने अतिरिक्त केंद्रों का दायित्व संभालने वाले कर्मचारियों को मिलने वाले 500 रुपए प्रतिमाह भत्ते को बढ़ाकर 5,565 रुपए करने की मांग की है। उनका कहना है कि अतिरिक्त केंद्रों पर विभागीय योजनाओं और किसान हितैषी गतिविधियों का संचालन भी करना पड़ता है। ऐसे में वर्तमान भत्ता जिम्मेदारियों की तुलना में काफी कम है। मांगें नहीं मानी तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी कृषि विस्तार अधिकारियों के अनुसार, पूर्व में चरणबद्ध आंदोलन के बावजूद उनकी मांगों का निराकरण नहीं हुआ। इसी के चलते आंदोलन की अंतिम कड़ी के रूप में चार दिवसीय कलमबंद कार्य बहिष्कार शुरू किया गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 20 अगस्त तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

