भारतीय मजदूर संघ ने सीएम को भेजा 22 सूत्रीय ज्ञापन:न्यूनतम वेतन 72 हजार करने की मांग, आठवां वेतन 1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग

भारतीय मजदूर संघ ने सीएम को भेजा 22 सूत्रीय ज्ञापन:न्यूनतम वेतन 72 हजार करने की मांग, आठवां वेतन 1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग

शामली में भारतीय मजदूर संघ की जिला कार्यसमिति ने सोमवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को 22 सूत्रीय ज्ञापन भेजा। जिलाध्यक्ष लता सैनी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कर्मचारियों, मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई। संगठन ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी उपेक्षा के कारण मजदूर व कर्मचारी परेशान हैं। भारतीय मजदूर संघ ने आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू करने और न्यूनतम वेतन 72 हजार रुपए निर्धारित करने की मांग की। बीएसएनएल में वर्ष 2017 से लंबित वेतनमान लागू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की मांग
संगठन ने आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय 18 हजार और आशा संगिनियों का 24 हजार रुपए करने के साथ सामाजिक सुरक्षा देने की मांग की। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नियमित करने तथा न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए निर्धारित करने की मांग भी उठाई गई। संविदा कर्मचारियों को नियमित करने पर जोर
परिवहन निगम के संविदा कर्मचारियों को उपलब्ध रिक्तियों के अनुसार नियमित करने और मृतक आश्रित कोटे से भर्ती की बाध्यता समाप्त करने की मांग की गई। एनएचएम संविदाकर्मियों को बीमा, स्थानांतरण और वेतन विसंगतियों का समाधान देने तथा 108 और 102 सेवा से बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली की मांग भी रखी गई। ई-रिक्शा चालकों के लिए स्टैंड, उत्पीड़न रोकने की मांग
संगठन ने रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को उचित स्थान उपलब्ध कराने और ई-रिक्शा व ऑटो चालकों के लिए स्टैंड बनाए जाने की मांग की। चालकों का उत्पीड़न बंद करने के साथ धोबी, नाई, मोची, दर्जी, बढ़ई, लोहार और कुम्हार समेत विभिन्न कामगारों को मजदूर की श्रेणी में शामिल कर सामाजिक सुरक्षा देने की मांग की गई। मिड-डे मील कर्मचारियों का मानदेय 10 हजार करने की मांग
ज्ञापन में स्थायी सफाई कर्मचारियों की भर्ती, संविदा कर्मियों को स्थायी करने और संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का उत्पीड़न रोकने की मांग की गई। मिड-डे मील कर्मचारियों का मानदेय 10 हजार रुपए करने और पुरानी पेंशन बहाल करने पर भी जोर दिया गया। पेंशन और सरकारी भर्ती का मुद्दा उठाया
ईपीएस-95 पेंशन बढ़ाने और सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई। बैंकों में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू करने, सहकारी बैंकों के लंबित वेतनमान का पुनरीक्षण करने तथा कृषि, ग्रामीण और दिहाड़ी मजदूरों के लिए पारिश्रमिक निर्धारित करने की मांग भी रखी गई। पत्रकारों और ऊर्जा विभाग के कर्मचारियों की समस्याएं भी शामिल
संगठन ने पत्रकारों को सुरक्षा बीमा और सामाजिक सुरक्षा देने तथा श्रम विभाग की समितियों में श्रम संगठनों को प्रतिनिधित्व देने की मांग की। ऊर्जा विभाग में वर्ष 2023 की सांकेतिक हड़ताल से जुड़े कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। चीनी मिल कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षण की मांग
निजी चीनी मिलों और डिस्टलरियों के कर्मचारियों के लंबित वेतन पुनरीक्षण की अधिसूचना जल्द जारी करने तथा वेतन, भत्ते और महंगाई भत्ते में उचित वृद्धि की मांग की गई। संगठन ने रांची की हैवी इंजीनियरिंग कंपनी और आठ राज्यों की 203 नेशनल टेक्सटाइल मिलों के श्रमिकों एवं कर्मचारियों के लंबित मामलों का तत्काल समाधान करने की मांग भी उठाई। LIC डेवलपमेंट अधिकारियों को नौकरी की सुरक्षा देने की मांग
ज्ञापन में भारतीय जीवन बीमा निगम के डेवलपमेंट अधिकारियों को नौकरी की सुरक्षा देने और बर्खास्तगी व वेतन कटौती पर रोक लगाने की मांग की गई। संगठन ने केंद्र सरकार से सभी मांगों पर समयबद्ध तरीके से विचार कर संबंधित मंत्रालयों, विभागों और प्राधिकरणों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। श्रमिक संगठनों से वार्ता कर समाधान की मांग
भारतीय मजदूर संघ ने सरकार से श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर समस्याओं के समाधान के लिए ठोस प्रक्रिया शुरू करने की अपील की। संगठन ने कहा कि 22 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।

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