गंगा व कोसी में आई बाढ़ से रेल पटरियों को काफी नुकसान हुआ है। भागलपुर से बड़हरवा रेलखंड के बीच सर्वाधिक क्षति पहुंची। रेलवे ने इस रेलखंड के विक्रमशिला से महाराजपुर के बीच 43 ऐसे जगह चिह्नित किए हैं, जहां अब ठोस मरम्मत की जरूरत है। इसमें डाउन लाइन पर 22 और अप लाइन पर 21 जगह शामिल हैं। रेलवे अब इन जगहों पर मरम्मत कराने के साथ ही बोल्डर पिचिंग के सहारे तटबंध व उप-तटबंध को भी मजबूती देगा। 28 सितंबर को खतरा मंडराया, 8 दिन बाद चली ट्रेन पिछले माह की 28 तारीख को सकरीगली से महाराजपुर स्टेशन के बीच बाढ़ ने रेलपटरी को काफी नुकसान पहुंचाया था। आठ दिन ट्रेन संचालन प्रभावित हुआ। कई ट्रेनें निरस्त हुईं। कुछ को बीच में ही रोका गया। 6 अक्टूबर की दोपहर 12 बजे ट्रैक को फिट घोषित किया गया। धीमी गति से गाड़ियां चलाई जा रही हैं। संचालन शुरू करने के लिए 800 कर्मचारियों की टीम ने दिन-रात मेहनत की। दो साल में पूरा होगा काम… मालदा के सीनियर डीईएन-2 विद्युत मंडल ने बताया 30 करोड़ रुपये से काम होना है। इसे पूरा करने की तय समय-सीमा 24 महीने है। एहतियातन गति पर पाबंदियां लगाई गई हैं। लोडेड मालगाड़ियों का परिचालन अभी बंद है। स्थिति की रोज समीक्षा की जा रही है और उम्मीद है कि जल्द ही मालगाड़ियों का परिचालन फिर से शुरू हो जाएगा। गंगा व कोसी में आई बाढ़ से रेल पटरियों को काफी नुकसान हुआ है। भागलपुर से बड़हरवा रेलखंड के बीच सर्वाधिक क्षति पहुंची। रेलवे ने इस रेलखंड के विक्रमशिला से महाराजपुर के बीच 43 ऐसे जगह चिह्नित किए हैं, जहां अब ठोस मरम्मत की जरूरत है। इसमें डाउन लाइन पर 22 और अप लाइन पर 21 जगह शामिल हैं। रेलवे अब इन जगहों पर मरम्मत कराने के साथ ही बोल्डर पिचिंग के सहारे तटबंध व उप-तटबंध को भी मजबूती देगा। 28 सितंबर को खतरा मंडराया, 8 दिन बाद चली ट्रेन पिछले माह की 28 तारीख को सकरीगली से महाराजपुर स्टेशन के बीच बाढ़ ने रेलपटरी को काफी नुकसान पहुंचाया था। आठ दिन ट्रेन संचालन प्रभावित हुआ। कई ट्रेनें निरस्त हुईं। कुछ को बीच में ही रोका गया। 6 अक्टूबर की दोपहर 12 बजे ट्रैक को फिट घोषित किया गया। धीमी गति से गाड़ियां चलाई जा रही हैं। संचालन शुरू करने के लिए 800 कर्मचारियों की टीम ने दिन-रात मेहनत की। दो साल में पूरा होगा काम… मालदा के सीनियर डीईएन-2 विद्युत मंडल ने बताया 30 करोड़ रुपये से काम होना है। इसे पूरा करने की तय समय-सीमा 24 महीने है। एहतियातन गति पर पाबंदियां लगाई गई हैं। लोडेड मालगाड़ियों का परिचालन अभी बंद है। स्थिति की रोज समीक्षा की जा रही है और उम्मीद है कि जल्द ही मालगाड़ियों का परिचालन फिर से शुरू हो जाएगा।

