जिले में पहली बार एक महीने में 23 बाल विवाह रुकवाए गए हैं। कुछ मामलों में तो स्वयं नाबालिग दुल्हन ने सूचना देकर शादी रुकवाने का आग्रह किया था तो कई जगह से पड़ोसी व समाजजनों ने बाल विवाह के बारे में सूचना दी थी। महिला एवं बाल विकास विभाग व प्रशासन की संयुक्त टीम ने यह 23 बाल विवाह एक अप्रैल से एक मई के बीच रुकवाए हैं। हैरत यह कि कुछ स्थानों पर तो 13-14 साल की किशोरी की शादी की जा रही थी। टीमों ने सर्वाधिक महिदपुर में 6 व उससे कम तराना में 5 बाल विवाह रोकने की कार्रवाई की। जानिए कहां कितने बाल विवाह रुकवाए गए
तराना- ग्राम चितावलिया और नांदेड में 5 बाल विवाह रोके।
महिदपुर- यशवंत नगर नैनावत व इसनखेड़ी में 6 बाल विवाह रोके।
उज्जैन- हीरा मिल की चाल व नवाखेड़ा में 4 बाल विवाह रोके।
बड़नगर- झलारिया, पात्याखेड़ी, चौसला में 3 बाल विवाह रोके।
खाचरौद- भाखेड़ा, पाड़सुलिया, रतलाम में 3 बाल विवाक रोके।
घट्टिया- नानाखेड़ी व खेड़ा चिलावलिया में 2 बाल विवाह रोका। दो उदाहरण जानिए किस तरह सूचनाएं आती रही शादी की तैयारी हो चुकी थी, कुछ दिन बाद फेरे थे
मैं नाबालिग हूं। परिवार वाले जबरदस्ती मेरी शादी कर रहे हैं। यह सूचना उज्जैन तहसील के एक गांव से एक किशोरी ने फोन पर दी थी। इस पर महिला एवं बाल विकास विभाग व प्रशासन की टीम उसके गांव पहुंची। शादी की सभी तैयारी हो चुकी थी। कुछ दिन बाद फेरे वाले थे। टीम ने वर-वधु दोनों पक्षों को समझाइश देकर बाल विवाह रूकवाया। इस बात की गोपनीयता रखी कि सूचना किसने दी थी। पड़ोस में बाल विवाह हो रहा बच्चे अभी आत्मनिर्भर नहीं
पड़ोस में बाल विवाह होने जा रहा है। जिन बच्चों का विवाह हो रहा है वह आत्मनिर्भर ही नहीं है। अभी उनकी पढ़ाई करने व अपने पैरों पर खड़े होने की उम्र की है। यह सूचना महिदपुर के रहवासी ने दी थी। टीम जब मौके पर पहुंची तो सूचना सही निकली। बाद में नाबालिग दुल्हा-दुल्हन ने भी माना कि अभी उनकी उम्र विवाह के योग्य नहीं हैं। टीम ने उनके परिजनों से लिखित में लेकर विवाह रूकवाया। जागरूकता आ रही, कुछ जगह नाबालिक ने ही सूचना दी जिले में पहली बार एक महीने में 23 बाल विवाह रुकवाए हैं। कुछ मामलों में नाबालिग दुल्हन ने ही सूचना दी थी। इससे स्पष्ट है कि समाज में जागरूकता आ रही है। – ब्रजेश त्रिपाठी, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग


