‘200-300 लड़कियां एक साथ घुस गईं’, जब राजेश खन्ना के लिए दीवानगी की सारी हदें हुईं पार, आशा पारेख ने बताया

‘200-300 लड़कियां एक साथ घुस गईं’, जब राजेश खन्ना के लिए दीवानगी की सारी हदें हुईं पार, आशा पारेख ने बताया

Asha Parekh On Rajesh Khanna: हिंदी सिनेमा में कई बड़े सितारे आए और गए, लेकिन जिस दीवानगी का दौर राजेश खन्ना ने देखा, वैसा नजारा शायद ही किसी और अभिनेता के हिस्से आया हो। 70 के दशक में उनका स्टारडम किसी तूफान से कम नहीं था। लड़कियां उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करती थीं।

कोई उनकी तस्वीर से शादी कर लेता था तो कोई उनकी कार को चूमकर अपने प्यार का इजहार करता था। अब दिग्गज अभिनेत्री आशा पारेख ने उस दौर का एक ऐसा किस्सा सुनाया है, जिसे सुनकर आज भी लोग हैरान रह जाएंगे।

राजेश के लिए दीवानगी का किस्सा (Asha Parekh On Rajesh Khanna)

हाल ही में ‘इंडियन आइडल’ टीवी शो के दौरान आशा पारेख ने राजेश खन्ना की लोकप्रियता को याद करते हुए बताया कि उन्होंने अपने पूरे करियर में सिर्फ दो सितारों के लिए ऐसा पागलपन देखा था। एक थे देव आनंद और दूसरे राजेश खन्ना। उनके मुताबिक उस समय हालात ऐसे हो जाते थे कि जहां भी राजेश खन्ना पहुंचते, वहां भीड़ को संभालना मुश्किल हो जाता था।

राजेश खन्ना के लिए आ गईं 200-300 लड़कियां

आशा पारेख ने बताया कि एक बार फिल्म की डबिंग के दौरान ऐसा माहौल बन गया था जिसे देखकर पूरी यूनिट दंग रह गई। छोटा सा डबिंग थिएटर था, लेकिन खबर फैलते ही 200-300 लड़कियां वहां पहुंच गईं। देखते ही देखते थिएटर के अंदर इतनी भीड़ जमा हो गई कि लोगों को संभालना मुश्किल हो गया। हर कोई सिर्फ एक बार राजेश खन्ना को करीब से देखना चाहता था। उस वक्त का माहौल किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लग रहा था।

राजेश खन्ना गार्डन को लेकर कही ये बात

संगीतकार विशाल ददलानी ने भी बातचीत के दौरान राजेश खन्ना के स्टारडम को लेकर अपनी यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि जब वो बड़े हो रहे थे तब तक अमिताभ बच्चन का दौर शुरू हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद हर जगह राजेश खन्ना की कहानियां सुनने को मिलती थीं। मुंबई के सांताक्रूज इलाके में एक जगह को लोग आज भी ‘राजेश खन्ना गार्डन’ के नाम से पहचानते हैं। ये बताता है कि उनका असर लोगों के दिलों में कितना गहरा था।

राजेश खन्ना की सुपरहिट फिल्में

राजेश खन्ना ने अपने करियर में कई ऐसी फिल्में दीं जिन्हें आज भी क्लासिक माना जाता है। ‘आराधना’, ‘आनंद’, ‘अमर प्रेम’, ‘कटी पतंग’, ‘हाथी मेरे साथी’ और ‘सफर’ जैसी फिल्मों ने उन्हें सफलता की उस ऊंचाई पर पहुंचाया जहां तक पहुंचना हर कलाकार का सपना होता है। उनकी फिल्मों के गाने और डायलॉग आज भी लोगों की जुबान पर हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *