नयी दिल्ली, दो नवंबर दिल्ली की एक अदालत ने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर की संलिप्तता वाले 200 करोड़ रुपये की जबरन वसूली के मामले में अभिनेत्री नोरा फतेही को एक बार फिर छह नवंबर को गवाह के तौर पर तलब किया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गगनदीप सिंह ने अभिनेत्री के अदालत में पेश न होने पर नाराजगी जताते हुए उन्हें नया समन जारी किया है। कार्यवाही के दौरान, फतेही के वकील ने सोमवार को उनकी उपस्थिति से छूट का अनुरोध किया।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता… एक गवाह के तौर पर, आपको अदालत में पेश होना चाहिए था। आपका बर्ताव ठीक नहीं है। अदालत को हल्के में न लें…।’’
दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि नोरा फतेही के पेश होने के संबंध में उसके पास कोई जानकारी नहीं है।
उसने अदालत को बताया कि 22 अक्टूबर को ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अभिनेत्री को नोटिस भेजा गया था, और फोन भी किए गए थे, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। अदालत ने 16 अक्टूबर को कहा था, ‘‘नोरा फतेही उर्फ नौरा फतेही को दो नवंबर के लिए समन जारी किया जाए।’’
चंद्रशेखर के खिलाफ मामले की जांच दिल्ली पुलिस का विशेष प्रकोष्ठ कर रहा है। इससे पहले, एक अदालत ने चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना पॉलोस और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 170 (लोक सेवक होने का दिखावा करना), 384 (जबरन वसूली के लिए सजा) और 386 (किसी व्यक्ति को मौत या गंभीर चोट का डर दिखाकर वसूली करना) के तहत आरोप तय किए थे।
इसके अलावा, मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) 1999 के प्रावधानों के तहत भी आरोप तय किए गए थे। यह कानून, संगठित अपराध गिरोहों और आतंकवाद से निपटने के लिए बनाया गया है। यह मामला अभी उस चरण में है जिसमें अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्य पेश कर रहा है।

