पुणे-सातारा का 2.5 घंटे का सफर अब सिर्फ 1 घंटे में! 6000 करोड़ का मेगा प्लान तैयार

पुणे-सातारा का 2.5 घंटे का सफर अब सिर्फ 1 घंटे में! 6000 करोड़ का मेगा प्लान तैयार

पुणे और सतारा के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सरकार अब पुणे से सतारा के बीच यात्रा समय को घटाकर लगभग एक घंटे तक लाने की तैयारी कर रही है। फिलहाल दोनों शहरों के बीच करीब 115 किमी की दूरी तय करने में ढाई घंटे तक का समय लगता है, लेकिन नए हाईवे और फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स के बाद यह सफर काफी तेज और आसान हो सकता है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी दी है कि इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए करीब 6 हजार करोड़ रुपये का डीपीआर तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम को कम करना और यात्रा को अधिक सुरक्षित व तेज बनाना है।

खंबटकी घाट और नवले ब्रिज पर खास फोकस

गडकरी ने हाल ही में खंबटकी घाट और पुणे के नवले ब्रिज इलाके का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लगातार होने वाले हादसों और ट्रैफिक जाम की स्थिति का जायजा लिया।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सतारा-पुणे हाईवे के ब्लैक स्पॉट्स को हटाया जाएगा और ट्रैफिक दबाव वाले इलाकों में बड़े फ्लायओवर बनाए जाएंगे। खास तौर पर खंडाला, शिरवल और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नए फ्लाईओवर बनाने की तैयारी है।

क्या-क्या होंगे बड़े बदलाव?

इस पूरे प्रोजेक्ट के तहत पुणे और सतारा मार्ग पर कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार किए जाएंगे। पुणे में नए मल्टीलेवल फ्लाईओवर बनाए जाएंगे, जबकि पुणे-अहमदनगर महामार्ग, वेस्टर्न बायपास और सर्विस रोड का विस्तार भी किया जाएगा।

इसके अलावा ट्रक पार्किंग की अलग व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने और वन्यजीव संरक्षण जैसे पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन सभी कामों के पूरा होने के बाद प्रमुख चौक और ट्रैफिक पॉइंट्स पर लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।

इससे पश्चिम महाराष्ट्र के लाखों यात्रियों को रोजाना बड़ी राहत मिलेगी। यह परियोजना केवल आम यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि औद्योगिक और मालवाहक वाहनों के लिए भी बेहद अहम मानी जा रही है। हाईवे पर ट्रैफिक कम होने से ट्रांसपोर्टेशन तेज होगा और लॉजिस्टिक लागत में भी कमी आएगी।

खंबटकी घाट में बदला सफर का अनुभव

दशकों से पुणे-सतारा हाईवे पर स्थित खंबटकी घाट यात्रियों के लिए सबसे मुश्किल सफर में गिना जाता रहा है। संकरी लेन, खतरनाक ‘एस’ आकार के मोड़, घंटों लंबा ट्रैफिक जाम और लगातार होने वाले हादसे इस मार्ग को बेहद तनावपूर्ण बना देते थे। अब यह तस्वीर तेजी से बदल रही है।

एनएचएआई द्वारा एनएच-48 पर तैयार की जा रही खंबटकी घाट ट्विन ट्यूब 6-लेन सुरंग परियोजना महाराष्ट्र के सबसे चुनौतीपूर्ण हाईवे सेक्शन को आधुनिक और सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर में बदल रही है। परियोजना का करीब 86 फीसदी काम पूरा हो चुका है और 2026 की पहली छमाही में इसे शुरू करने की तैयारी है।

फिलहाल परीक्षण और सुरक्षा जांच के तहत सुरंग का एक हिस्सा आम लोगों के लिए खोला गया है। नई सुरंग में बेहतर लाइटिंग, सीसीटीवी कैमरे, रिफ्लेक्टर, मजबूत गार्ड रेलिंग और आधुनिक अग्निशमन व्यवस्था जैसी सुविधाएं दी गई हैं। पुरानी सुरंग की तुलना में यह काफी चौड़ी और सुरक्षित है। जहां पहले इस घाट को पार करने में 15 से 20 मिनट लगते थे, वहीं अब यह दूरी सिर्फ 5 से 10 मिनट में पूरी हो रही है।

खंबटकी घाट खंड मुंबई-पुणे-बेंगलुरु कॉरिडोर की महत्वपूर्ण कड़ी है, जो पुणे, सतारा, कोल्हापुर और बेलगाम जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ता है, साथ ही पंचगनी, महाबलेश्वर, कास पठार जाने वाले हजारों पर्यटकों और सज्जनगढ़ आने वाले भक्तों के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है।

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