पटना जू में जानवरों के लिए लगे 17 कूलर-11 एसी:चिपांजी पी रहा नारियल पानी, ग्लूकोज-मल्टीविटामीन और लू से बचने की दवाइयां भी दी जा रहीं

पटना जू में जानवरों के लिए लगे 17 कूलर-11 एसी:चिपांजी पी रहा नारियल पानी, ग्लूकोज-मल्टीविटामीन और लू से बचने की दवाइयां भी दी जा रहीं

पटना में भीषण गर्मी का असर जानवरों पर भी पड़ रहा है। हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए पटना जू ने जानवरों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। नाईट हाउस में 17 कूलर के साथ 53 फैन लगाए गए हैं, ताकि सामान्य तापमान बना रहे। अजगर-कोबरा के सेल में एसी लगी है। सांपघर, निशाचरघर, मछलीघर में कुल 11 एसी लगाए गए है। जानवरों को ग्लूकोज, मल्टीविटामीन और लू से बचने की दवाइयां दी जा रही है। बाघ और शेर की गुफाओं में ठंडी हवा के लिए कूलर लगे हैं। वहीं तेंदुआ, लकड़बग्घा, स्मॉल कैट, हिमालयन भालू, स्लॉथ बियर, चिम्पांजी, हुलॉक गिब्बन भी कूलर और फैन की हवा खा रहे हैं। सभी नाईट-हाउस के सेल में और छत पर पानी से छिड़काव किया जा रहा है, ताकि जानवरों को गर्मी महसूस न हो। वहीं, नाईट हाउस में रह रहे भालू, टाईगर, आदि जानवरों के शरीर पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। भालू गर्मी से राहत के लिए झरने में नहा रहा है। पटना जू में विशेष इंतजाम की कुछ तस्वीरें… पक्षियों के बाड़े में लगे वॉटर स्प्रिंकलर और मिस्ट फाॅगर पक्षियों के बाड़े में तपिश कम करने के लिए वॉटर स्प्रिंकलर और मिस्ट फाॅगर के इंतजाम किए गए हैं। पक्षियों के बाड़े में पानी का छिड़काव लगातार किया जा रहा है। एमू, ऑस्ट्रिच के इंक्लोजर में फाउंटेन लगाए गए है। कर्मचारी जानवरों की 24 घंटे निगरानी कर रहे है। डॉक्टर भी रूटीन चेक-अप से मॉनिटरिंग करते रहते हैं। खाने में शाकाहारी जानवरों को ठंडे फल दिए जा रहे हैं। चिपांजी को मिल रहा नारियल पानी-दही भात मांसाहारी वन्यजीवों के अपचता को ध्यान में रखते हुए उनके आहार की मात्रा कम की गई है। चिपांजी को नारियल पानी, तरबूज, खरबूज, ककड़ी, खीरा, केला, दही-भात, अनार का रस, अंगूर और संतरा जैसे रसदार फल दिए जा रहे है। वहीं, भालू को आहार में नारियल पानी, तरबूज, ककड़ी, खीरा, संतरा, मौसमी फल, दही, चपाती, खीर दिए जा रहे है। अजगर-कोबरा एसी में हैं रेप्टाईल प्रजाति के वन्यजीव जैसे अजगर, कोबरा, वाइपर, धामीन आदि वन्यजीवों के सेल में एसी की व्यवस्था है। सांप रेंगने वाले जानवर होते हैं। जमीन भी गर्म होती है। इसलिए सेल में फर्श पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। गर्मी और लू के दौरान हाथी के इंक्लोजर में स्प्रींकलर और मोट में लगातार ठंडे पानी की उपलब्धता के लिए व्यवस्था की गई है। हाथी के आहार में केला के थम्ब नियमित रूप से दिया जा रहा है। पटना जू के परिसर में अन्य पक्षियों और जानवरों के लिए जगह-जगह पर पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। सभी शाकाहारी और मांसाहारी जानवरों को ग्लूकोज, इलेक्ट्रॉल और होमियोपैथी दवा लू से बचने के लिए दिया जा रहा है। पटना में भीषण गर्मी का असर जानवरों पर भी पड़ रहा है। हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए पटना जू ने जानवरों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। नाईट हाउस में 17 कूलर के साथ 53 फैन लगाए गए हैं, ताकि सामान्य तापमान बना रहे। अजगर-कोबरा के सेल में एसी लगी है। सांपघर, निशाचरघर, मछलीघर में कुल 11 एसी लगाए गए है। जानवरों को ग्लूकोज, मल्टीविटामीन और लू से बचने की दवाइयां दी जा रही है। बाघ और शेर की गुफाओं में ठंडी हवा के लिए कूलर लगे हैं। वहीं तेंदुआ, लकड़बग्घा, स्मॉल कैट, हिमालयन भालू, स्लॉथ बियर, चिम्पांजी, हुलॉक गिब्बन भी कूलर और फैन की हवा खा रहे हैं। सभी नाईट-हाउस के सेल में और छत पर पानी से छिड़काव किया जा रहा है, ताकि जानवरों को गर्मी महसूस न हो। वहीं, नाईट हाउस में रह रहे भालू, टाईगर, आदि जानवरों के शरीर पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। भालू गर्मी से राहत के लिए झरने में नहा रहा है। पटना जू में विशेष इंतजाम की कुछ तस्वीरें… पक्षियों के बाड़े में लगे वॉटर स्प्रिंकलर और मिस्ट फाॅगर पक्षियों के बाड़े में तपिश कम करने के लिए वॉटर स्प्रिंकलर और मिस्ट फाॅगर के इंतजाम किए गए हैं। पक्षियों के बाड़े में पानी का छिड़काव लगातार किया जा रहा है। एमू, ऑस्ट्रिच के इंक्लोजर में फाउंटेन लगाए गए है। कर्मचारी जानवरों की 24 घंटे निगरानी कर रहे है। डॉक्टर भी रूटीन चेक-अप से मॉनिटरिंग करते रहते हैं। खाने में शाकाहारी जानवरों को ठंडे फल दिए जा रहे हैं। चिपांजी को मिल रहा नारियल पानी-दही भात मांसाहारी वन्यजीवों के अपचता को ध्यान में रखते हुए उनके आहार की मात्रा कम की गई है। चिपांजी को नारियल पानी, तरबूज, खरबूज, ककड़ी, खीरा, केला, दही-भात, अनार का रस, अंगूर और संतरा जैसे रसदार फल दिए जा रहे है। वहीं, भालू को आहार में नारियल पानी, तरबूज, ककड़ी, खीरा, संतरा, मौसमी फल, दही, चपाती, खीर दिए जा रहे है। अजगर-कोबरा एसी में हैं रेप्टाईल प्रजाति के वन्यजीव जैसे अजगर, कोबरा, वाइपर, धामीन आदि वन्यजीवों के सेल में एसी की व्यवस्था है। सांप रेंगने वाले जानवर होते हैं। जमीन भी गर्म होती है। इसलिए सेल में फर्श पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। गर्मी और लू के दौरान हाथी के इंक्लोजर में स्प्रींकलर और मोट में लगातार ठंडे पानी की उपलब्धता के लिए व्यवस्था की गई है। हाथी के आहार में केला के थम्ब नियमित रूप से दिया जा रहा है। पटना जू के परिसर में अन्य पक्षियों और जानवरों के लिए जगह-जगह पर पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। सभी शाकाहारी और मांसाहारी जानवरों को ग्लूकोज, इलेक्ट्रॉल और होमियोपैथी दवा लू से बचने के लिए दिया जा रहा है।  

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