13 डिसमिल जमीन को लेकर 2 पक्षों में तनाव:मुंगेर में पुलिस की नजर, ग्रामीणों ने शांति बनाए रखने की अपील की

13 डिसमिल जमीन को लेकर 2 पक्षों में तनाव:मुंगेर में पुलिस की नजर, ग्रामीणों ने शांति बनाए रखने की अपील की

मुंगेर में नया रामनगर थाना क्षेत्र के पाटम पश्चमी पंचायत अंतर्गत बरईचक पाटम में बीते दो दिनों से जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव बनी हुई है। जिसे लेकर वरीय अधिकारियों के निर्देश पर नया रामनगर थाने की पुलिस लगातार विवादित स्थल पर पहुंचकर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों ने इस जमीन विवाद को जेलड खत्म कराकर प्रशासन से शांति बहाल बनाए रखने की अपील की है। इधर इस घटना को लेकर एक पक्ष के पीड़ित महेश चौरसिया ने बताया कि मै अपना जमीन वर्ष 2008 में खरीद पाटम निवासी भोलानाथ चौरसिया से 13 डिसमिल जमीन खरीदे थे और जमीन खरीदने के बाद उस जमीन को घेराबंदी कर फल सब्जी उगा कर खाते थे। जमीन की घेराबंदी करने का निर्देश दिया इसी बीच गांव के राकेश चौरसिया, नीलेश चैरसिया और पंकज चौरसिया जबरन मेरे जमीन पर चढ़कर कब्जा करने का काम किया जा रहा है। पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि अपने जमीन को बचाने के लिए हमने डीएम सदर एसडीओ जमालपुर का के अलावा लोकल थाने में जाकर न्याय के लिए दरवाजा खटखटाया मगर कहीं से हमें न्याय नहीं मिल पा रहा है इस बीच जमीन पर कब्जा करने वाले दबंग हमारी जमीन को हथियाना चाह रहे हैं। उन्होंने विपक्षी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह मेरे जमीन का कहां से फर्जी कागजात बनाया है और उसे जाकर डीएम को दिखाते हुए डीएम का हवाला दे रहा है कि डीएम के द्वारा उसे जमीन की घेराबंदी करने का निर्देश दिया गया है जबकि इसकी लिखित उसके पास नहीं है। इसी बीच नया रामनगर थाने की पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस विवादित जमीन पर खड़ा होकर विपक्षी पार्टी को सपोर्ट कर रहे हैं। जमीन को जबरन कब्जाने का आरोप उन्होंने विपक्षी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी के द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि यह जमीन उसके द्वारा 1954 में खरीदा गया है जबकि जमीन का रसीद काटना वर्ष 2014 से शुरू हुआ है। जबकि हमारे द्वारा वर्ष 2008 से अपने जमीन का लगातार मोटेशन कर कर रसीद कटाया जा रहा है। महेश चौरसिया ने बताया कि हमारे द्वारा जो अपने जमीन पर पहले का दिवाला देकर घेराबंदी किया गया है उसे दीवाल को तोड़कर विपक्षी पार्टी के द्वारा घेरने का काम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस व्यक्ति के द्वारा हमारे जमीन को जबरन कब्जा किया जा रहा है उसका अन्य संगठन से संपर्क है। मामले को आपस में सुलह कराने का निर्देश जिस कारण हमें डरा धमका कर और मारपीट कर मेरे जमीन को अपने नाम करना चाह रहा है। वहीं जमीन पर घेराबंदी कर रहे राकेश चौरसिया ने बताया कि यह मेरा जमीन है और मुझे डीएम के द्वारा जमीन गिरने का आश्वासन दिया गया है जिस कारण मैं जमीन को घेर रहा हूं। हालांकि इस मामले की की जानकारी सदर एसडीओ, जमालपुर सीओ को है। नया रामनगर थानाध्यक्ष रविंद्र बर्मा ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से हमलोग विवादित जमीन को देखने गए थे। दोनों पार्टी को निर्देश दिया गया है कि पहले इस मामले को आपस में सुलह कर लिया जाए और इसके बाद इसके पक्ष में फैसला आएगा वह कम करें। मुंगेर में नया रामनगर थाना क्षेत्र के पाटम पश्चमी पंचायत अंतर्गत बरईचक पाटम में बीते दो दिनों से जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव बनी हुई है। जिसे लेकर वरीय अधिकारियों के निर्देश पर नया रामनगर थाने की पुलिस लगातार विवादित स्थल पर पहुंचकर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों ने इस जमीन विवाद को जेलड खत्म कराकर प्रशासन से शांति बहाल बनाए रखने की अपील की है। इधर इस घटना को लेकर एक पक्ष के पीड़ित महेश चौरसिया ने बताया कि मै अपना जमीन वर्ष 2008 में खरीद पाटम निवासी भोलानाथ चौरसिया से 13 डिसमिल जमीन खरीदे थे और जमीन खरीदने के बाद उस जमीन को घेराबंदी कर फल सब्जी उगा कर खाते थे। जमीन की घेराबंदी करने का निर्देश दिया इसी बीच गांव के राकेश चौरसिया, नीलेश चैरसिया और पंकज चौरसिया जबरन मेरे जमीन पर चढ़कर कब्जा करने का काम किया जा रहा है। पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि अपने जमीन को बचाने के लिए हमने डीएम सदर एसडीओ जमालपुर का के अलावा लोकल थाने में जाकर न्याय के लिए दरवाजा खटखटाया मगर कहीं से हमें न्याय नहीं मिल पा रहा है इस बीच जमीन पर कब्जा करने वाले दबंग हमारी जमीन को हथियाना चाह रहे हैं। उन्होंने विपक्षी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह मेरे जमीन का कहां से फर्जी कागजात बनाया है और उसे जाकर डीएम को दिखाते हुए डीएम का हवाला दे रहा है कि डीएम के द्वारा उसे जमीन की घेराबंदी करने का निर्देश दिया गया है जबकि इसकी लिखित उसके पास नहीं है। इसी बीच नया रामनगर थाने की पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस विवादित जमीन पर खड़ा होकर विपक्षी पार्टी को सपोर्ट कर रहे हैं। जमीन को जबरन कब्जाने का आरोप उन्होंने विपक्षी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी के द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि यह जमीन उसके द्वारा 1954 में खरीदा गया है जबकि जमीन का रसीद काटना वर्ष 2014 से शुरू हुआ है। जबकि हमारे द्वारा वर्ष 2008 से अपने जमीन का लगातार मोटेशन कर कर रसीद कटाया जा रहा है। महेश चौरसिया ने बताया कि हमारे द्वारा जो अपने जमीन पर पहले का दिवाला देकर घेराबंदी किया गया है उसे दीवाल को तोड़कर विपक्षी पार्टी के द्वारा घेरने का काम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस व्यक्ति के द्वारा हमारे जमीन को जबरन कब्जा किया जा रहा है उसका अन्य संगठन से संपर्क है। मामले को आपस में सुलह कराने का निर्देश जिस कारण हमें डरा धमका कर और मारपीट कर मेरे जमीन को अपने नाम करना चाह रहा है। वहीं जमीन पर घेराबंदी कर रहे राकेश चौरसिया ने बताया कि यह मेरा जमीन है और मुझे डीएम के द्वारा जमीन गिरने का आश्वासन दिया गया है जिस कारण मैं जमीन को घेर रहा हूं। हालांकि इस मामले की की जानकारी सदर एसडीओ, जमालपुर सीओ को है। नया रामनगर थानाध्यक्ष रविंद्र बर्मा ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से हमलोग विवादित जमीन को देखने गए थे। दोनों पार्टी को निर्देश दिया गया है कि पहले इस मामले को आपस में सुलह कर लिया जाए और इसके बाद इसके पक्ष में फैसला आएगा वह कम करें।  

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