अररिया में 10 दिन का मशरूम ट्रेनिंग:युवाओं को सेल्फ इंडिपेंडेंट का मैसेज, स्वरोजगार के लिए मोटीवेट किया गया

अररिया में 10 दिन का मशरूम ट्रेनिंग:युवाओं को सेल्फ इंडिपेंडेंट का मैसेज, स्वरोजगार के लिए मोटीवेट किया गया

एसबीआई आरसेटी, अररिया द्वारा आयोजित 10 दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। समापन अवसर पर आयोजित वैलिडेशन कार्यक्रम में अररिया के एलडीएम इंदु शेखर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। एलडीएम इंदु शेखर ने कहा कि मशरूम उत्पादन एक लाभकारी और कम निवेश वाला उद्यम है। उन्होंने ग्रामीण युवाओं से आरसेटी द्वारा दी गई ट्रेनिंग को अपने जीवन में लागू करने का आग्रह किया, जिससे वे न केवल अपना भविष्य संवार सकें बल्कि दूसरों को भी रोजगार प्रदान कर सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी आरसेटी निदेशक किशोर कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन 10 दिनों में प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों, बीज उत्पादन, कंपोस्ट तैयार करने, मौसम अनुकूल खेती, कीट एवं रोग प्रबंधन, उत्पादन प्रबंधन, पैकेजिंग और विपणन की जानकारी दी गई। साथ ही, उद्यमिता विकास, बैंकिंग प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया। इस अवसर पर एलडीएम कार्यालय से बी.डी. गुप्ता, आरसेटी संकाय सदस्य राम मोहन झा, कार्यालय सहायक दीनदयाल कुमार और ऋषु कुमार भी उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने प्रशिक्षणार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें मशरूम उत्पादन को एक पेशेवर उद्यम के रूप में अपनाने की सलाह दी। प्रतिभागियों ने अपनी मशरूम यूनिट शुरू करने की योजना बनाई प्रशिक्षणार्थियों ने कार्यक्रम के दौरान सीखी गई बातों को साझा करते हुए बताया कि यह ट्रेनिंग उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुई है। कई प्रतिभागियों ने जल्द ही अपनी मशरूम यूनिट शुरू करने की योजना बनाई है। आरसेटी निदेशक किशोर कुमार ने बताया कि संस्थान ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों और आरसेटी टीम के प्रयासों की सराहना की। यह प्रशिक्षण SBI आरसेटी की मुहिम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर युवाओं को स्वावलंबी बनाना है। इससे अररिया जिले में कृषि आधारित उद्यमिता को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। एसबीआई आरसेटी, अररिया द्वारा आयोजित 10 दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। समापन अवसर पर आयोजित वैलिडेशन कार्यक्रम में अररिया के एलडीएम इंदु शेखर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। एलडीएम इंदु शेखर ने कहा कि मशरूम उत्पादन एक लाभकारी और कम निवेश वाला उद्यम है। उन्होंने ग्रामीण युवाओं से आरसेटी द्वारा दी गई ट्रेनिंग को अपने जीवन में लागू करने का आग्रह किया, जिससे वे न केवल अपना भविष्य संवार सकें बल्कि दूसरों को भी रोजगार प्रदान कर सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी आरसेटी निदेशक किशोर कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन 10 दिनों में प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों, बीज उत्पादन, कंपोस्ट तैयार करने, मौसम अनुकूल खेती, कीट एवं रोग प्रबंधन, उत्पादन प्रबंधन, पैकेजिंग और विपणन की जानकारी दी गई। साथ ही, उद्यमिता विकास, बैंकिंग प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया। इस अवसर पर एलडीएम कार्यालय से बी.डी. गुप्ता, आरसेटी संकाय सदस्य राम मोहन झा, कार्यालय सहायक दीनदयाल कुमार और ऋषु कुमार भी उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने प्रशिक्षणार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें मशरूम उत्पादन को एक पेशेवर उद्यम के रूप में अपनाने की सलाह दी। प्रतिभागियों ने अपनी मशरूम यूनिट शुरू करने की योजना बनाई प्रशिक्षणार्थियों ने कार्यक्रम के दौरान सीखी गई बातों को साझा करते हुए बताया कि यह ट्रेनिंग उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुई है। कई प्रतिभागियों ने जल्द ही अपनी मशरूम यूनिट शुरू करने की योजना बनाई है। आरसेटी निदेशक किशोर कुमार ने बताया कि संस्थान ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों और आरसेटी टीम के प्रयासों की सराहना की। यह प्रशिक्षण SBI आरसेटी की मुहिम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर युवाओं को स्वावलंबी बनाना है। इससे अररिया जिले में कृषि आधारित उद्यमिता को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।  

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