हिसुआ डबल मर्डर-13 नामजद में सिर्फ 2 अरेस्ट:कॉलेज में बैठने के विवाद से शुरू हुआ था मामला, गोलीबारी में 2 युवकों की हत्या; दो अन्य घायल

हिसुआ डबल मर्डर-13 नामजद में सिर्फ 2 अरेस्ट:कॉलेज में बैठने के विवाद से शुरू हुआ था मामला, गोलीबारी में 2 युवकों की हत्या; दो अन्य घायल

नवादा के हिसुआ थाना क्षेत्र के चंद्रवंशी नगर में हुई डबल मर्डर की घटना अब राजनीतिक तूल पकड़ती जा रही है। दो युवकों की गोली मारकर हत्या के बाद इलाके में नेताओं की आवाजाही बढ़ गई है। बहुजन समाज से जुड़े नेताओं के साथ अब राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल की पूर्व विधायक कौशल यादव के चंद्रवंशी नगर पहुंचने के बाद मामले को लेकर सियासी हलचल और तेज हो गई है। कॉलेज में बैठने को लेकर पुराना विवाद बना खूनी संघर्ष जानकारी के अनुसार, कॉलेज में बैठने को लेकर कई वर्षों से विवाद चला आ रहा था। इसी विवाद ने बाद में हिंसक रूप ले लिया। गोलीबारी की घटना में प्रणय कुमार और पीयूष कुमार की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद मृतकों के परिजनों की ओर से 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। 13 नामजद, अब तक सिर्फ दो आरोपी गिरफ्तार मामले में पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है। दोहरे हत्याकांड के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। बाकी आरोपी अब तक क्यों नहीं पकड़े गए? पूर्व विधायक कौशल यादव ने चंद्रवंशी नगर पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और घटना पर दुख जताया। उन्होंने गोली मारकर हत्या की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पुलिस-प्रशासन से सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कौशल यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मामले में 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है, तो अब तक सिर्फ दो आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों हुई है। उन्होंने बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी को लेकर पुलिस से जवाब मांगा। हत्या के बाद जातीय रंग देने के आरोप डबल मर्डर के बाद अब घटना को जातीय रंग देने की कोशिश के आरोप भी सामने आने लगे हैं। सोशल मीडिया पर अलग-अलग पक्षों की ओर से टिप्पणियां और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप किए जा रहे हैं। इससे इलाके का माहौल और संवेदनशील हो गया है। पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था की चुनौती नेताओं के पहुंचने और बयानबाजी के बीच पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती है। पुलिस की प्राथमिकता सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के पीछे की पूरी वजह का पता लगाना है। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई और पुलिस जांच पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है। नवादा के हिसुआ थाना क्षेत्र के चंद्रवंशी नगर में हुई डबल मर्डर की घटना अब राजनीतिक तूल पकड़ती जा रही है। दो युवकों की गोली मारकर हत्या के बाद इलाके में नेताओं की आवाजाही बढ़ गई है। बहुजन समाज से जुड़े नेताओं के साथ अब राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल की पूर्व विधायक कौशल यादव के चंद्रवंशी नगर पहुंचने के बाद मामले को लेकर सियासी हलचल और तेज हो गई है। कॉलेज में बैठने को लेकर पुराना विवाद बना खूनी संघर्ष जानकारी के अनुसार, कॉलेज में बैठने को लेकर कई वर्षों से विवाद चला आ रहा था। इसी विवाद ने बाद में हिंसक रूप ले लिया। गोलीबारी की घटना में प्रणय कुमार और पीयूष कुमार की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद मृतकों के परिजनों की ओर से 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। 13 नामजद, अब तक सिर्फ दो आरोपी गिरफ्तार मामले में पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है। दोहरे हत्याकांड के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। बाकी आरोपी अब तक क्यों नहीं पकड़े गए? पूर्व विधायक कौशल यादव ने चंद्रवंशी नगर पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और घटना पर दुख जताया। उन्होंने गोली मारकर हत्या की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पुलिस-प्रशासन से सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कौशल यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मामले में 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है, तो अब तक सिर्फ दो आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों हुई है। उन्होंने बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी को लेकर पुलिस से जवाब मांगा। हत्या के बाद जातीय रंग देने के आरोप डबल मर्डर के बाद अब घटना को जातीय रंग देने की कोशिश के आरोप भी सामने आने लगे हैं। सोशल मीडिया पर अलग-अलग पक्षों की ओर से टिप्पणियां और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप किए जा रहे हैं। इससे इलाके का माहौल और संवेदनशील हो गया है। पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था की चुनौती नेताओं के पहुंचने और बयानबाजी के बीच पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती है। पुलिस की प्राथमिकता सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के पीछे की पूरी वजह का पता लगाना है। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई और पुलिस जांच पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।  

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