हिमाचल सरकार ने IPS अधिकारी एवं DIG संजीव गांधी का एक बार फिर तबादला किया है। साल 2012 बैच के IPS अधिकारी संजीव गांधी को हिमाचल प्रदेश जनरल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड, शिमला का प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया गया है। इससे पहले उन्हें हिमाचल प्रदेश बैकवर्ड क्लासेज फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, कांगड़ा में प्रबंध निदेशक के पद पर तैनाती दी गई थी। कार्मिक विभाग ने उनकी नई तैनाती को लेकर आदेश जारी कर दिए है। उन्हें तत्काल प्रभाव से नया कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। इस नियुक्ति के साथ ही इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे HPS अधिकारी भूपेंद्र कुमार (2009 बैच) को इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। बार-बार तबादलों को लेकर चर्चा IPS अधिकारी संजीव गांधी की तैनाती में बार-बार बदलाव का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। ताजा आदेश में उन्हें कांगड़ा स्थित हिमाचल प्रदेश बैकवर्ड क्लासेज फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन से हटाकर शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश जनरल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार की ओर से जारी आदेश में नियुक्ति को जनहित में लिया गया प्रशासनिक निर्णय बताया गया है। इससे पहले भी कई बार बदली गई तैनाती संजीव गांधी की तैनाती में वर्ष 2026 के दौरान लगातार बदलाव हुए हैं। फरवरी में उन्हें पुलिस विभाग से हटाकर मिल्कफेड के प्रबंध निदेशक पद पर तैनात किया गया था। हालांकि, वह इस पद पर कार्यभार संभालने नहीं पहुंचे। इसके बाद 24 फरवरी को उन्हें कार्मिक विभाग में आगे की तैनाती के लिए रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए। मार्च में उन्हें डीआईजी (ट्रैफिक, टूरिस्ट एवं रेलवे) की जिम्मेदारी सौंपी गई। अगस्त में सरकार ने उन्हें इस पद से हटाकर दोबारा कार्मिक विभाग के अधीन कर दिया। इसके बाद अक्टूबर में उन्हें हिमाचल प्रदेश पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, कांगड़ा का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया। अब 24 अक्टूबर की अधिसूचना के माध्यम से उन्हें इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। इस तरह फरवरी से अक्टूबर के बीच संजीव गांधी की तैनाती में कई बार बदलाव हुआ है। पहले उन्हें पुलिस विभाग से बाहर निगम में जिम्मेदारी दी गई, फिर पुलिस विभाग में डीआईजी के पद पर तैनात किया गया और इसके बाद दोबारा निगमों में प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई। पृष्ठभूमि में विवाद भी चर्चा में संजीव गांधी फरवरी 2023 से फरवरी 2026 तक शिमला के एसपी रहे। इस दौरान और उसके बाद उनके सरकारी आवास, पुलिस फंड के खर्च तथा अन्य वित्तीय मामलों को लेकर भी विवाद सामने आए। अक्टूबर 2026 में उनके खिलाफ सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित मामले दर्ज होने की खबरें आईं। गांधी ने आरोपों को गलत बताया है। इन मामलों में आरोपों को सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

