इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच और चालकों के चरित्र सत्यापन की कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया। जांच में फिटनेस सर्टिफिकेट न होने व चरित्र सत्यापन न होने पर चालान हुए, 665 वाहन जब्त किए गए हैं। जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस बृजराज सिंह की बेंच ने गोमती रिवर बैंक रेजिडेंट की जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने सभी स्कूल वाहनों के पास फिटनेस सर्टिफिकेट व कानून के तहत जरूरी मंजूरी सुनिश्चित करने को कहा। परिवहन विभाग के निर्देशों को रिकॉर्ड पर लिया गया। यातायात और स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर हर महीने एक बैठक होगी। इसकी अध्यक्षता अपर महाधिवक्ता करेंगे, डिप्टी पुलिस कमिश्नर (यातायात), लखनऊ इसे बुलाएंगे। रिपोर्ट हाईकोर्ट में देनी होगी। प्रदेश के 1.4 लाख से ज्यादा स्कूलों का निरीक्षण शुरू है। CBSE और CISCE को अगली सुनवाई पर सुरक्षा सिफारिशें देने को कहा गया है। कोर्ट ने स्कूल भवनों की सुरक्षा के लिए पड़ोसी जिलों से पिछले पांच भवन निर्माण नक्शे भी मंगवाए हैं। इनकी जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के हिसाब से होगी। अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 को है, परिवहन आयुक्त को भी मौजूद रहना होगा।

