संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर अमेरिका के साथ होने वाले एक नए व्यापार समझौते के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर की ओर पैदल मार्च कर रहे भारतीय किसान यूनियन (BKU) सिद्धूपुर के किसानों को हरियाणा प्रशासन ने दाता सिंह वाला बॉर्डर पर रोक दिया है। पुलिस द्वारा आगे बढ़ने की अनुमति न मिलने के बाद वरिष्ठ किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल अन्य किसानों के साथ वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए हैं। केवल 50 किसानों को पैदल दिल्ली जाने देने की मांग किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने स्पष्ट किया कि वे कानून-व्यवस्था को प्रभावित नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन के सामने मांग रखी है कि उनके केवल 50 किसानों के एक छोटे समूह को शांतिपूर्वक पैदल दिल्ली जाने की अनुमति दी जाए। हालांकि, हरियाणा पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मांग पर अभी तक कोई सहमति नहीं दी गई है और सुरक्षा बल मुस्तैद हैं। “अगर सरकार किसान समर्थक है, तो हमसे डर क्यों रही है?” बॉर्डर पर मीडिया से बातचीत करते हुए जगजीत सिंह डल्लेवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ मोदी सरकार खुद को पूरी तरह किसान समर्थक बताती है और यह दावा करती है कि किसानों की सभी मांगें पूरी की जा रही हैं, तो दूसरी तरफ वह शांतिपूर्ण किसानों से आखिर क्यों डर रही है? जब हमारे पास न तो कोई ट्रैक्टर-ट्रॉली है और न ही कोई हथियार, और हम सिर्फ 50 लोग दिल्ली जाना चाहते हैं, तो हमें क्यों रोका जा रहा है?” व्यापार समझौते में किसानों की अनदेखी का आरोप डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए जा रहे व्यापार समझौते (Trade Agreement) के दौरान देश के अन्नदाता और किसान संगठनों से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया। यदि देश के किसानों के भविष्य और खेती से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला लिया जा रहा है, तो सरकार को किसान संगठनों के साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए। किसान नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि इस मुद्दे पर मौजूदा गतिरोध वाले स्थान (दाता सिंह वाला) पर ही उनके साथ बातचीत की जाए, ताकि समस्या का समाधान निकल सके। बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हरियाणा पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसानों को दिल्ली की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। समाचार लिखे जाने तक किसान अपनी मांग पर अड़े हुए थे और धरना जारी था।


