नर्मदापुरम की जेल में में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी ने जेल से बाहर निकलने के लिए पहले टिन का टुकड़ा निगलने की बात कही और इसी आधार पर अस्पताल पहुंच गया। भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती होने के बाद उसने रात करीब 3 बजे चौथी मंजिल के टॉयलेट की खिड़की से निकलकर पाइपलाइन के सहारे नीचे उतरकर भागने की कोशिश की। हालांकि, अस्पताल परिसर से बाहर निकलने से पहले ही उसे पकड़ लिया गया। करीब एक घंटे तक चली तलाश के बाद कैदी पाइपलाइन के पास ग्राउंड फ्लोर पर मिला। सेंट्रल जेल नर्मदापुरम में बंद सचेंद्र उर्फ सचिन राजपूत (30) ने 14 सितंबर को जेल अधिकारियों को बताया था कि उसने टिन का टुकड़ा निगल लिया है। इसके बाद उसे जांच के लिए जिला अस्पताल नर्मदापुरम ले जाया गया। जांच में उसके शरीर में कोई अज्ञात वस्तु नहीं मिली। इसके बाद उसे आगे की जांच के लिए भोपाल रेफर किया गया। 15 सितंबर को उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रात में टॉयलेट की खिड़की से निकला थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह ठाकुर के मुताबिक, रात करीब 3 बजे सचेंद्र टॉयलेट गया। इसी दौरान उसने चौथी मंजिल की खिड़की से निकलकर पाइपलाइन पकड़ ली और नीचे उतरने लगा। उसके भागने की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में तलाश शुरू की गई। वह पाइपलाइन के पास ग्राउंड फ्लोर पर ही मिल गया। इसके बाद उसे दोबारा अभिरक्षा में ले लिया गया। हत्या और फिरौती के मामले में उम्रकैद सचेंद्र हत्या, फिरौती के लिए अपहरण, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक साजिश के मामले में आरोपी था। मामले में 15 मई 2019 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह सेंट्रल जेल नर्मदापुरम में सजा काट रहा था। शिकायत पर कोहेफिजा पुलिस ने कैदी के भागने के प्रयास को लेकर प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि अस्पताल में उसकी निगरानी के दौरान वह चौथी मंजिल के टॉयलेट तक कैसे पहुंचा और पाइपलाइन के सहारे भागने की कोशिश के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।

