पलामू जिले के चर्चित रामपुर गोलीकांड की जांच में लापरवाही और आरोपियों को मदद पहुंचाने की कोशिश के आरोप में चैनपुर थाना के सब इंस्पेक्टर क्षितिज सोनी को सस्पेंड कर दिया गया है। बिश्रामपुर एसडीपीओ चिरंजीवी मंडल की जांच रिपोर्ट पर एसपी कपिल चौधरी ने यह कार्रवाई की। चार महीने पहले 23 मई को चैनपुर थाना क्षेत्र के रामपुर में जमीन विवाद को लेकर फायरिंग हुई थी। इसमें सकेंद्र चौधरी की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग घायल हुए। पुलिस ने 17 नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। क्षितिज सोनी इस केस के जांच अधिकारी (आईओ) थे। जांच के दौरान उनके काम में कई बड़ी कमियां सामने आईं। एसपी के साफ निर्देशों का भी आईओ ने पालन नहीं किया। नामजद आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) नहीं निकाली गई। गिरफ्तार आरोपियों की कॉल डिटेल का भी केस डायरी में जिक्र नहीं था। एसडीपीओ की रिपोर्ट में सामने आया कि जांच के दौरान आरोपियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश हुई। खासकर हत्या के आरोपियों को लेकर जांच पर सवाल उठे। पलामू जिले के चर्चित रामपुर गोलीकांड की जांच में लापरवाही और आरोपियों को मदद पहुंचाने की कोशिश के आरोप में चैनपुर थाना के सब इंस्पेक्टर क्षितिज सोनी को सस्पेंड कर दिया गया है। बिश्रामपुर एसडीपीओ चिरंजीवी मंडल की जांच रिपोर्ट पर एसपी कपिल चौधरी ने यह कार्रवाई की। चार महीने पहले 23 मई को चैनपुर थाना क्षेत्र के रामपुर में जमीन विवाद को लेकर फायरिंग हुई थी। इसमें सकेंद्र चौधरी की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग घायल हुए। पुलिस ने 17 नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। क्षितिज सोनी इस केस के जांच अधिकारी (आईओ) थे। जांच के दौरान उनके काम में कई बड़ी कमियां सामने आईं। एसपी के साफ निर्देशों का भी आईओ ने पालन नहीं किया। नामजद आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) नहीं निकाली गई। गिरफ्तार आरोपियों की कॉल डिटेल का भी केस डायरी में जिक्र नहीं था। एसडीपीओ की रिपोर्ट में सामने आया कि जांच के दौरान आरोपियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश हुई। खासकर हत्या के आरोपियों को लेकर जांच पर सवाल उठे।

