लखनऊ में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य रविवार दोपहर अचानक हजरतगंज थाने पहुंच गए। उनका काफिला थाने पहुंचा तो पुलिसकर्मियों में हलचल मच गई। थाना प्रभारी विक्रम सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मी उन्हें रिसीव करने पहुंचे। प्रियंक कानूनगो ने करीब 45 मिनट तक थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला हेल्प डेस्क, फरियादी रजिस्टर और दस्तावेजों के रखरखाव समेत थाने की अन्य व्यवस्थाओं को देखा।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली से लखनऊ आए थे। वह दोपहर के वक्त चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद अचानक हजरतगंज थाने के निरीक्षण का कार्यक्रम बना। उनका काफिला एक घंटे में थाने पहुंचा। मुंशी कक्ष से शुरू किया निरीक्षण थाना प्रभारी विक्रम सिंह उन्हें रिसीव कर सीधे मुंशी कक्ष ले गए। यहां प्रियंक कानूनगो ने दस्तावेजों के रखरखाव और अभिलेखों की स्थिति देखी। इसके बाद महिला हेल्प डेस्क और डे अफसर के कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों से पूछा कि थाने में फरियादियों के कितने प्रार्थनापत्र आए हैं, उनमें से कितने मामलों का निस्तारण किया गया और फरियादियों से निस्तारण के बाद क्या फीडबैक मिला। उन्होंने फरियादियों की शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया की भी जानकारी ली। थाना प्रभारी से करीब 10 मिनट बातचीत निरीक्षण के बाद प्रियंक कानूनगो थाना प्रभारी के कक्ष में पहुंचे। यहां उन्होंने विक्रम सिंह से करीब 10 मिनट तक बातचीत की। इस दौरान फरियादियों की समस्याओं का निस्तारण किस तरह किया जाता है और शिकायतों के निस्तारण के दौरान किन बिंदुओं का ध्यान रखा जाता है, इसकी जानकारी ली। थाने की व्यवस्थाओं और पुलिस की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नजर आए प्रियंक कानूनगो ने थाना प्रभारी विक्रम सिंह की सराहना की। इसके बाद वह अपने काफिले के साथ थाने से रवाना हो गए।

