सोनीपत के खरखौदा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बिजली विभाग के एक लाइनमैन को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी लाइनमैन ने दुकान-कम-ऑफिस पर बिजली का मीटर लगवाने के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी पहले ही 10 हजार रुपये ले चुका था और बाकी 15 हजार रुपये की रकम लेने के लिए आज बुलाया गया था। शिकायत मिलने के बाद एसीबी भिवानी की टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और आरोपी को 15 हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ लिया। आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ एसीबी यह भी जांच कर रही है कि रिश्वतखोरी के इस मामले में बिजली विभाग के किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका तो नहीं है। मीटर लगाने के नाम पर मांगे थे 30 हजार रु एसीबी इंस्पेक्टर जगजीत सिंह के अनुसार, खरखौदा निवासी शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को शिकायत दी थी कि उसे रोहतक रोड स्थित अपनी दुकान-कम-ऑफिस पर बिजली का मीटर लगवाना था। मीटर लगाने की प्रक्रिया के दौरान बिजली विभाग में तैनात लाइनमैन ने उससे 30 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता के साथ बातचीत के बाद यह रकम 25 हजार रुपये में तय हुई। 10 हजार पहले दिए, बाकी रकम लेने पहुंचा शिकायत के मुताबिक, तय रकम में से 10 हजार रुपये आरोपी को पहले दिए जा चुके थे। इसके बाद 15 हजार रुपये और देने थे। शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी एसीबी को दी, जिसके बाद टीम ने शिकायत की पुष्टि कर कार्रवाई की योजना तैयार की। जाल बिछाकर 15 हजार रुपये बरामद एसीबी की टीम ने शिकायतकर्ता को निर्धारित रकम के साथ आरोपी के पास भेजा। जैसे ही आरोपी ने 15 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई। गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांचेगी एसीबी एसीबी अब इस बात की भी जांच कर रही है कि मीटर लगाने के नाम पर रिश्वत मांगने और लेने की प्रक्रिया में आरोपी अकेला शामिल था या बिजली निगम के किसी अन्य कर्मचारी की भी भूमिका थी। जांच के दौरान शिकायत से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों को भी खंगाला जाएगा। कोर्ट में पेश किया जाएगा आरोपी एसीबी की टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जांच एसीबी भिवानी की टीम कर रही है।


