बसेड़ी कस्बे में उपजिला अस्पताल की मांग को लेकर स्वास्थ्य सेवा बचाओ संघर्ष समिति ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। समिति ने नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को उपजिला अस्पताल में क्रमोन्नत करने की मांग की है। समिति का तर्क है कि बसेड़ी क्षेत्र की आबादी और भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां उपजिला स्तर की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। यह मांग क्षेत्रवासियों की बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि बसेड़ी-बयाना स्टेट हाईवे पर कस्बे से लगभग 7 किलोमीटर दूर कोटरा गांव में नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की 30 बेड की नई बिल्डिंग बनाई गई है। समिति का कहना है कि यह भवन नगरपालिका क्षेत्र से बाहर स्थित है। समिति ने मांग की है कि बसेड़ी शहर में संचालित सीएचसी में आईपीडी (इनपेशेंट डिपार्टमेंट) और जच्चा-बच्चा वार्ड की सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध रखी जाएं। उनका तर्क है कि शहर के भीतर अस्पताल का संचालन अधिक सुविधाजनक होगा। समिति ने अन्य शहरों का उदाहरण देते हुए कहा कि सरमथुरा, बाड़ी और धौलपुर में अस्पतालों के नवीन भवन नगरपालिका क्षेत्र में ही हैं। ऐसे में बसेड़ी को छोड़कर कोटरा में अस्पताल संचालित करना क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का कारण बनेगा। कोटरा की शहर से दूरी और सार्वजनिक परिवहन के साधनों का अभाव विशेषकर रात के समय मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में कठिनाई पैदा करेगा। समिति ने मांग की है कि बसेड़ी नगरपालिका क्षेत्र में स्थित अस्पताल में आईपीडी सुविधा और जच्चा-बच्चा वार्ड को यथावत रखा जाए। साथ ही, नवीन भवन को उपजिला अस्पताल के रूप में क्रमोन्नत किया जाए। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आमजन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे, जिसमें बाजार बंद, धरना-प्रदर्शन और आगामी नगरपालिका चुनाव में बहिष्कार जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।


