सोनीपत पॉलिटेक्निक में ‘मेरे सपनों का भारत’ प्रतियोगिता:50 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा; शीतल और तुषार-अनुराधा ने पाया पहला स्थान

सोनीपत पॉलिटेक्निक में ‘मेरे सपनों का भारत’ प्रतियोगिता:50 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा; शीतल और तुषार-अनुराधा ने पाया पहला स्थान

सोनीपत के राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर एक प्रतियोगिता हुई। इसमें चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं शामिल थीं। लगभग 50 विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पना और विचारों से भारत के उज्ज्वल, विकसित और समृद्ध भविष्य की तस्वीर पेश की। उन्होंने चित्रों और प्रभावशाली भाषणों के जरिए अपनी सोच बताई। चित्रकला प्रतियोगिता में शीतल (मैकेनिकल) ने पहला स्थान पाया। यशपाल और हिमांशी (दोनों मैकेनिकल) संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। मुस्कान (एफएए) को तीसरा स्थान मिला। भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भारत के विकास, युवा शक्ति, शिक्षा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। इसमें तुषार (कंप्यूटर) और अनुराधा (ऑटोमोबाइल) ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। गीता (केमिकल) दूसरे और पारस झा (कंप्यूटर) तीसरे स्थान पर रहे। जिम्मेदारियों को समझने का अवसर संस्थान के प्राचार्य प्रवेश सांगवान ने सभी विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि मेरे सपनों का भारत जैसे विषय विद्यार्थियों को देश के भविष्य के बारे में सोचने और अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग की रचनात्मक सोच, सकारात्मक दृष्टिकोण और सक्रिय भागीदारी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सपनों के भारत की कल्पना प्रस्तुत की उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने चित्रों और भाषणों के माध्यम से जिस प्रकार अपने सपनों के भारत की कल्पना प्रस्तुत की है, वह उनकी रचनात्मक सोच और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने में भी सहायक होते हैं। विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने सपनों के भारत की कल्पना को रचनात्मक एवं प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और देश के विकास से जुड़े विषयों को अपनी प्रस्तुतियों का हिस्सा बनाया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। निर्णायक मंडल में ये रहे शामिल प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में विभागाध्यक्ष सुनील कुमार, वीरेंद्र श्योराण तथा कुलदीप गहलोत, वरिष्ठ प्रवक्ता सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

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