‘हम भारत के लोग’ के संदेश के साथ निकाली जा रही लोकमंथन यात्रा दौसा जिले में पहुंची। भारतीय लोक संस्कृति, सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को गांवों तक पहुंचाने उद्देश्य को लेकर दौसा जिला मुख्यालय व लालसोट क्षेत्र के खटवा गांव में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलाकारों-परंपराओं को मिल रहा मंच कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता जसवंत सिंह खत्री ने कहा- प्रदेश की ऐसी कई रीति-रिवाज, परंपराएं और लोक कलाएं हैं, जो धीरे-धीरे पीछे छूटती जा रही हैं। लोक मंथन के माध्यम से इन परंपराओं को सहेजने और आगे की पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। खत्री ने कहा कि राजस्थान की लोक संस्कृति, कला और शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल की जा रही है। यात्रा का उद्देश्य समाज में जागरण और लोगों को जोड़ना है। उन्होंने बताया कि दिसंबर में जयपुर में होने वाले लोक मंथन-2026 से पहले प्रदेश के प्रत्येक जिले में यात्रा निकाली जा रही है। इन यात्राओं में स्थानीय लोक कलाकार, लोक गायक और लोक नृत्य से जुड़े कलाकार शामिल हो रहे हैं। नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास सामाजिक कार्यकर्त्ता सतीश कुमार ने बताया- यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति, लोकजीवन और ज्ञान परंपरा से जुड़े गतिविधियां एक ही मंच पर देखने को मिली। इसमें लोक परंपराओं, कला, साहित्य, हस्तशिल्प, संगीत, नृत्य, रीति-रिवाज और पारंपरिक ज्ञान को सहेजते हुए नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण और वनवासी समाज, लोक कलाकारों, शिल्पकारों, विद्वानों और युवाओं की सहभागिता के जरिए लोक संस्कृति और आधुनिकता के बीच संवाद स्थापित करने की प्रयास किया जा रहा है।

