सोनिया-संजीव की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी:हिसार का रेलू राम पूनिया हत्याकांड, पीड़ित परिवार ने विरोध किया, फैसला सुरक्षित

सोनिया-संजीव की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी:हिसार का रेलू राम पूनिया हत्याकांड, पीड़ित परिवार ने विरोध किया, फैसला सुरक्षित

हिसार के पूर्व विधायक रेलू राम पुनिया और उनके परिवार के आठ सदस्यों की हत्या के मामले में दोषी सोनिया और संजीव कुमार की समयपूर्व रिहाई को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। पीड़ित परिवार की ओर से दोषियों की रिहाई का विरोध किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। पीड़ित परिवार की ओर से अधिवक्ता आइना वर्मा खोवाल और लाल बहादुर खोवाल ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के दिसंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें दोषियों की समयपूर्व रिहाई के मामले पर पुनर्विचार करने और उन्हें अंतरिम जमानत देने के निर्देश दिए गए थे। सुप्रीम कोर्ट पहले ही मामले में नोटिस जारी कर संबंधित पक्षों से जवाब मांग चुका था। सुप्रीम कोर्ट में पीड़ित पक्ष ने क्या कहा सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष ने अपराध की गंभीरता, दोषियों के जेल में आचरण, सुधार की वास्तविक स्थिति और समयपूर्व रिहाई के पीड़ित परिवार व समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को अदालत के सामने रखा। अधिवक्ताओं ने कहा कि यह वर्ष 2001 में एक ही परिवार के आठ सदस्यों की हत्या का मामला है। मृतकों में तीन नाबालिग बच्चे भी शामिल थे, जिनमें करीब डेढ़ माह की बच्ची भी थी। पीड़ित पक्ष ने दलील दी कि लंबे समय तक जेल में रहने मात्र से समयपूर्व रिहाई का अधिकार स्वतः नहीं बन जाता। दोषी के संपूर्ण जेल रिकॉर्ड, अनुशासन, आचरण, आपराधिक गतिविधियों, वास्तविक सुधार और रिहाई के संभावित प्रभाव का समग्र मूल्यांकन जरूरी है। 2014 में मृत्युदंड बदला था आजीवन कारावास में मामले में सोनिया और संजीव को प्रारंभ में मृत्युदंड दिया गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2014 में दया याचिकाओं के निस्तारण में हुई देरी के आधार पर मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदल दिया था। यह खबरें भी पढ़ें- रेलूराम हत्याकांडः 23 साल जेल में रहकर RJ बनी सोनिया:पूर्व MLA की बेटी का SC में हलफनामा, बोली-मैं हत्यारी नहीं, मुझे भी जहर दिया था
हिसार के बहूचर्चित रेलूराम पूनिया हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा पाने वाली बेटी सोनिया ने अब खुद को असली पीड़ित बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में नई दलील दी है। 23 साल जेल में बंद रहने के बाद जमानत पर रिहा चल रही सोनिया ने हलफनामे में कहा कि वारदात के समय उसके शरीर में भी वही जहर था, जिससे बाकी परिवार की मौत हुई। (पूरी खबर पढ़ें) रेलूराम हत्याकांड के दोषी बेटी-दामाद दोबारा जेल जा सकते हैं:सुप्रीम कोर्ट ने रिहाई पर रोक लगाई, हाईकोर्ट को दोबारा विचार करने के आदेश

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