बुलंदशहर में डिबाई क्षेत्र में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के कुछ घंटे बाद ही सील अस्पताल दोबारा खुलने का मामला सामने आया। श्रीराम जानकी हॉस्पिटल को जांच के दौरान सील किया गया था। गुरुवार दोपहर 3 बजे सीएमओ डॉ. सुनील कुमार दोहरे खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल को दोबारा सील कराया। सीएमओ ने बताया कि सील हटाने की जानकारी मिलते ही टीम भेजी गई थी। मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रसूता भर्ती मिली, सीएचसी भेजा गया डीएम कुमार हर्ष के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. गौरव सक्सेना, एसडीएम डिबाई और सीओ मधु कुमार सिंह की संयुक्त टीम ने निजी अस्पतालों की जांच की थी। श्रीराम जानकी हॉस्पिटल में बिना जिम्मेदार महिला डॉक्टर की मौजूदगी के एक प्रसूता भर्ती मिली। उसकी तीन दिन पहले सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। मरीज की सुरक्षा को देखते हुए उसे सीएचसी डिबाई भेजा गया। दस्तावेज नहीं दिखाने पर अस्पताल किया था सील जांच के दौरान अस्पताल संचालक आवश्यक स्वीकृतियां और आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद टीम ने मौके पर ही अस्पताल को सील कर दिया था। आरोप है कि सील लगाने के कुछ घंटे बाद अस्पताल संचालक ने सरकारी सील तोड़ दी और अस्पताल दोबारा खोल दिया। सील तोड़ने की जानकारी पर पहुंचे CMO सील टूटने की जानकारी मिलने पर सीएमओ डॉ. सुनील कुमार दोहरे मौके पर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल को फिर से सील कराया। सीएमओ ने कहा कि सरकारी सील हटाने के मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। तीन अन्य अस्पतालों की भी हुई जांच अभियान के दौरान एसआई हॉस्पिटल, भीमपुर दोराहे में बायोमेडिकल वेस्ट के अनुचित रखरखाव पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। यश हॉस्पिटल की पैथोलॉजी लैब में गंदगी मिलने पर संचालक को फटकार लगाई गई। लीलावती हॉस्पिटल में व्यवस्थाएं ठीक मिलीं। टीम ने अस्पताल प्रबंधन को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

