सीतामढ़ी SNCU में 3 घंटे बिजली गुल:नवजातों की सांस पर संकट, परिजन परेशान; अब स्थिति सामान्य

सीतामढ़ी SNCU में 3 घंटे बिजली गुल:नवजातों की सांस पर संकट, परिजन परेशान; अब स्थिति सामान्य

सीतामढ़ी सदर अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में रविवार को बिजली की मुख्य सर्किट में खराबी के कारण लगभग 3 घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। बिजली आपूर्ति बाधित होने से वार्मर और ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे वार्ड में भर्ती नवजातों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति बिगड़ती देख परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर अस्पताल के उपाधीक्षक विजय चंद्र झा और अधीक्षक मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाकर शांत कराया और नवजातों की स्थिति को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने के प्रयास शुरू किए। 3 बच्चों को गंभीर हालत में किया गया रेफर इस आपात स्थिति के बीच, चिकित्सक डॉ. हिमांशु शेखर ने स्वयं ऑक्सीजन सिलेंडर के वॉल्व और कनेक्शन को ठीक करने का प्रयास किया। कई परिजन भी ऑक्सीजन सिलेंडर कक्ष से सिलेंडर उठाकर वार्ड तक पहुंचाते देखे गए। इस वैकल्पिक व्यवस्था से नवजातों को ऑक्सीजन प्रदान करने की कोशिश की गई। बिजली समस्या के कारण नवजातों की गंभीर स्थिति को देखते हुए तीन बच्चों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। फिलहाल, SNCU में 13 नवजात भर्ती हैं और उनका उपचार जारी है। 3 घंटे तक फॉल्ट तलाशते रहे मिस्त्री मुख्य सर्किट में खराबी के कारण बिजली मिस्त्री लगभग 3 घंटे तक फॉल्ट तलाशते रहे। बिजली और पंखे बंद रहने से भीषण गर्मी में नवजातों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी परेशानी हुई। इस घटना ने अस्पताल की विद्युत और आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। सिविल सर्जन डॉ. रविन्द्र यादव ने बताया कि शाम करीब पांच बजे SNCU में शॉर्ट सर्किट हुआ था, जिससे वार्मर बंद हो गए थे। इसके बाद तीन बच्चों को रेफर किया गया। उन्होंने पुष्टि की कि बाकी सभी नवजात सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति सामान्य है। डॉ. यादव ने यह भी बताया कि रात करीब आठ बजे तक बिजली व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त कर ली गई थी। सीतामढ़ी सदर अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में रविवार को बिजली की मुख्य सर्किट में खराबी के कारण लगभग 3 घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। बिजली आपूर्ति बाधित होने से वार्मर और ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे वार्ड में भर्ती नवजातों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति बिगड़ती देख परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर अस्पताल के उपाधीक्षक विजय चंद्र झा और अधीक्षक मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाकर शांत कराया और नवजातों की स्थिति को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने के प्रयास शुरू किए। 3 बच्चों को गंभीर हालत में किया गया रेफर इस आपात स्थिति के बीच, चिकित्सक डॉ. हिमांशु शेखर ने स्वयं ऑक्सीजन सिलेंडर के वॉल्व और कनेक्शन को ठीक करने का प्रयास किया। कई परिजन भी ऑक्सीजन सिलेंडर कक्ष से सिलेंडर उठाकर वार्ड तक पहुंचाते देखे गए। इस वैकल्पिक व्यवस्था से नवजातों को ऑक्सीजन प्रदान करने की कोशिश की गई। बिजली समस्या के कारण नवजातों की गंभीर स्थिति को देखते हुए तीन बच्चों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। फिलहाल, SNCU में 13 नवजात भर्ती हैं और उनका उपचार जारी है। 3 घंटे तक फॉल्ट तलाशते रहे मिस्त्री मुख्य सर्किट में खराबी के कारण बिजली मिस्त्री लगभग 3 घंटे तक फॉल्ट तलाशते रहे। बिजली और पंखे बंद रहने से भीषण गर्मी में नवजातों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी परेशानी हुई। इस घटना ने अस्पताल की विद्युत और आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। सिविल सर्जन डॉ. रविन्द्र यादव ने बताया कि शाम करीब पांच बजे SNCU में शॉर्ट सर्किट हुआ था, जिससे वार्मर बंद हो गए थे। इसके बाद तीन बच्चों को रेफर किया गया। उन्होंने पुष्टि की कि बाकी सभी नवजात सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति सामान्य है। डॉ. यादव ने यह भी बताया कि रात करीब आठ बजे तक बिजली व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त कर ली गई थी।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *