सहारनपुर समेत देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी शुक्रवार सुबह 10 बजे से हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था और पेड PLI की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। सहारनपुर में स्टेट बैंक कोर्ट रोड शाखा के बाहर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर नाराजगी जताई। संगठन का दावा है कि देशभर में करीब 8 लाख बैंकर्स हड़ताल में शामिल हुए। यूपी बैंक एम्प्लाइज यूनियन के जिला महामंत्री राजीव कुमार जैन ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं। 2015 के समझौते में दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी तय की गई थी। बाकी शनिवार को छुट्टी देने पर बाद में विचार करने की सहमति बनी थी, लेकिन 11 साल बाद भी इस पर फैसला नहीं हुआ। PLI पर एकतरफा फैसले का विरोध राजीव जैन ने कहा कि PLI यानी परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव को लेकर पहले कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच बातचीत होती थी। इस बार सरकार की ओर से एकतरफा फैसला लिया गया, जिसका कर्मचारी संगठनों ने विरोध किया है। उन्होंने कहा कि हड़ताल कर्मचारियों की इच्छा से नहीं, बल्कि मांगों पर सरकार के रुख के कारण करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स समिट के कारण गुरुवार रात तक बातचीत चलती रही। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि सरकार अगर कोई निश्चित तारीख देती तो हड़ताल टाली जा सकती थी। वित्त मंत्रालय में अटका प्रस्ताव एसबीआईएसए के सहायक महासचिव नवनीत कुमार ने बताया कि नवंबर 2023 और मार्च 2024 में भारतीय बैंक संघ के साथ बातचीत सकारात्मक रही थी। सभी शनिवार को छुट्टी देने की सिफारिश वित्त मंत्रालय को भेजी गई थी, लेकिन अभी तक इस पर फैसला नहीं हुआ है। पीएनबीओए के मंडल सचिव राजीव माहेश्वरी ने कहा कि आरबीआई, बीमा, सेबी और कई सरकारी विभागों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू है। ऐसे में बैंकों में इसे लागू नहीं करने का कारण स्पष्ट होना चाहिए। बोले- सरकार की योजनाएं लागू करते हैं बैंक कर्मचारी एसबीआईओए के क्षेत्रीय सचिव संजय कपूर ने कहा कि बैंक कर्मचारी सरकार की योजनाओं को पूरी जिम्मेदारी के साथ लागू करते हैं। इसलिए उनकी जायज मांगों पर भी सकारात्मक फैसला होना चाहिए। एआईबीईए के राहुल कपिल ने बताया कि सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर सहमति बन चुकी है। इसके बावजूद पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था का फैसला लंबित है। 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। राजीव जैन ने बताया कि 28, 29, 30 सितंबर और 3 अक्टूबर को आगे हड़ताल की जाएगी। इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है। प्रदर्शन में विभिन्न बैंक यूनियनों के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

