सहरसा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में मंगलवार को बिहार सरकार के ‘नशामुक्त बिहार अभियान-2026’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करीब 300 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और नशे से दूर रहने के साथ-साथ समाज के अन्य लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की शपथ ली। DM के साथ कई अधिकारी मौजूद रहे कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग, अपर समाहर्ता निशांत, उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी सुजीत वर्णवाल, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और उत्पाद विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरसी प्रसाद ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की अपील इसके बाद महाविद्यालय के कक्ष संख्या-15 में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के संबोधन का सीधा वीडियो प्रसारण किया गया। विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। इसमें नशामुक्त बिहार के निर्माण में युवाओं की भूमिका और नशे के खिलाफ जन-जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा पढ़ाई, खेलकूद तथा रचनात्मक गतिविधियों में लगाने के लिए प्रेरित किया। सकारात्मक गतिविधियों को बनाना चाहिए प्राथमिकता उन्होंने कहा कि कॉलेज जीवन में युवा गलत संगति और नशे की गिरफ्त में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर सकते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता का सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं, कॉलेज की छात्रा सृष्टि झा ने कहा कि आज के युवा गलत तरीके से नशे का सेवन कर रहे हैं। इससे दूर रहने की जरूरत है। विद्यार्थियों को पढ़ाई और खेलकूद जैसी सकारात्मक गतिविधियों को अपनी प्राथमिकता बनाना चाहिए। जागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प कार्यक्रम के सफल संचालन में नोडल पदाधिकारी डॉ. नागमणि आलोक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम समन्वयक प्रो. एम. तबिश रजा,प्रो. मनीष कुमार, प्रो. मोअज्जम हैदरी और प्रो.राजेश कुमार ने भी सक्रिय योगदान दिया। महाविद्यालय के शिक्षक, सहायक प्राध्यापक और शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन नशामुक्त बिहार के लक्ष्य को साकार करने और समाज में जागरूकता फैलाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। सहरसा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में मंगलवार को बिहार सरकार के ‘नशामुक्त बिहार अभियान-2026’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करीब 300 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और नशे से दूर रहने के साथ-साथ समाज के अन्य लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की शपथ ली। DM के साथ कई अधिकारी मौजूद रहे कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग, अपर समाहर्ता निशांत, उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी सुजीत वर्णवाल, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और उत्पाद विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरसी प्रसाद ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की अपील इसके बाद महाविद्यालय के कक्ष संख्या-15 में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के संबोधन का सीधा वीडियो प्रसारण किया गया। विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। इसमें नशामुक्त बिहार के निर्माण में युवाओं की भूमिका और नशे के खिलाफ जन-जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा पढ़ाई, खेलकूद तथा रचनात्मक गतिविधियों में लगाने के लिए प्रेरित किया। सकारात्मक गतिविधियों को बनाना चाहिए प्राथमिकता उन्होंने कहा कि कॉलेज जीवन में युवा गलत संगति और नशे की गिरफ्त में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर सकते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता का सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं, कॉलेज की छात्रा सृष्टि झा ने कहा कि आज के युवा गलत तरीके से नशे का सेवन कर रहे हैं। इससे दूर रहने की जरूरत है। विद्यार्थियों को पढ़ाई और खेलकूद जैसी सकारात्मक गतिविधियों को अपनी प्राथमिकता बनाना चाहिए। जागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प कार्यक्रम के सफल संचालन में नोडल पदाधिकारी डॉ. नागमणि आलोक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम समन्वयक प्रो. एम. तबिश रजा,प्रो. मनीष कुमार, प्रो. मोअज्जम हैदरी और प्रो.राजेश कुमार ने भी सक्रिय योगदान दिया। महाविद्यालय के शिक्षक, सहायक प्राध्यापक और शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन नशामुक्त बिहार के लक्ष्य को साकार करने और समाज में जागरूकता फैलाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

