सलमान के माता-पिता की शादी के खिलाफ थे नाना:सलीम खान से 5 साल तक नहीं की बात, एक्टर ने बताई वजह

सलमान के माता-पिता की शादी के खिलाफ थे नाना:सलीम खान से 5 साल तक नहीं की बात, एक्टर ने बताई वजह

सलमान खान ने शनिवार को टीवी शो ‘बिग बॉस’ में बताया कि उनकी मां सलमा खान से शादी को लेकर उनके नाना, सलीम खान से नाराज थे। उन्होंने सलीम खान से 5 साल तक बात नहीं की। सलमान के मुताबिक, नाना की नाराजगी धर्म को लेकर नहीं थी। उन्हें चिंता थी कि उनकी बेटी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े एक ऐसे व्यक्ति से शादी कर रही है, जो अभिनेता बनना चाहता था। नाना को किस बात पर आपत्ति थी सलमान ने बताया कि उनकी मां के भाई-बहन इस शादी के लिए तैयार थे और सलीम खान को पसंद करते थे। लेकिन नाना को चिंता थी कि उनकी बेटी फिल्म इंडस्ट्री के माहौल में कैसे रहेगी। सोहेल के जन्म पर मिठाई लेकर पहुंचे सलमान ने बताया कि सोहेल के जन्म के बाद नाना मिठाई लेकर माहिम से बांद्रा पहुंचे थे। उन्हें इस बात का अफसोस था कि वे अपने नातियों को बड़ा होते नहीं देख पाए। सलमान के मुताबिक, नाना को इस बात का पछतावा आखिरी सांस तक रहा। उन्होंने यह भी बताया कि जब कभी सलमा और सलीम के बीच झगड़ा होता और सलमा मायके जातीं, तो नाना उन्हें घर में नहीं आने देते थे। वे कहते थे कि सलमा कभी भी घर आ सकती हैं, लेकिन झगड़े के बाद नहीं। सलमान ने पिता से मांगी माफी शनिवार को एपिसोड में सलमान खान ने कहा, “हम सभी को कभी न कभी किसी बात का पछतावा होता है। कुछ दिन पहले मैं अपने पिता के साथ बैठा था। मैंने उनसे कहा कि अगर बेटे के तौर पर मुझसे कभी कोई गलती हुई हो, मेरी किसी बात से उन्हें दुख पहुंचा हो या मैंने उन्हें निराश किया हो, तो मुझे माफ कर दें।” सलीम और सलमा की प्रेम कहानी सलीम खान और सलमा खान की प्रेम कहानी तब शुरू हुई, जब दोनों के अपार्टमेंट आमने-सामने थे। उस समय सलमा का नाम सुशीला चरक था। दोनों ने 1964 में शादी की। शादी के बाद सुशीला ने अपना नाम बदलकर सलमा रख लिया। इस शादी से दोनों के चार बच्चे सलमान, अरबाज, सोहेल और अलवीरा हुए। सलीम खान ने बताया था कि शादी के बाद उनका नाम भी शंकर हो गया था। दरअसल, सलीम खान से अरबाज खान के शो में एक सवाल पूछा गया था कि उनका नाम शंकर कैसे पड़ा था। इसका जवाब देते हुए सलीम खान ने कहा था कि उनके और सलमा के बारे में जब उनके घर पर पता चला था, तो सलमा की नानी उनका काफी समर्थन करती थीं। सलीम खान ने आगे कहा था कि सलमा की नानी उस घर में इकलौती थीं, जो उनसे बात करती थीं। पता नहीं क्यों और किस वजह से, लेकिन वे उन्हें शंकर कहती थीं। जब भी वे उनके घर जाते थे, तो नानी कहती थीं, ‘मेरा शंकर आया है।’ सलीम खान ने बताया था कि सलमा की नानी की उम्र उस समय लगभग 92 साल थी। एक बार वे काफी बीमार हो गई थीं, तो सलीम को नानी से मिलने के लिए बुलाया गया था। तब वे कोमा जैसी स्थिति में थीं। वे लगभग जा चुकी थीं। सलीम उनसे अपने उसी अंदाज में मिले थे। उन्होंने जाकर कहा, ‘आजी, आपका शंकर आ गया है।’ उन्होंने आजी को दो बार आवाज लगाई, लेकिन वे नहीं उठीं। सबको लगने लगा था कि नानी चल बसीं, लेकिन जब उन्होंने तीसरी बार कहा, ‘आजी, आपका शंकर आया है’, तो यह सुनकर वे तुरंत उठकर बैठ गईं। सलीम ने कहा था कि इसके बाद वे शंकर नाम से फेमस हो गए थे। हालांकि, इसके 6 महीने बाद सलमा की नानी का देहांत हो गया था। कई साल बाद सलीम खान को एक्ट्रेस और डांसर हेलेन से प्यार हुआ। दोनों ने 1981 में शादी कर ली। उस समय सलीम पहले से सलमा से शादीशुदा थे। सलीम खान ने बताया था कि यह फैसला शुरुआत में परिवार के लिए मुश्किल था। हालांकि, समय के साथ परिवार के रिश्ते बेहतर हुए। शादी के बाद हेलेन और सलीम खान की कोई संतान नहीं हुई, इसलिए उन्होंने अर्पिता खान को गोद लिया। अर्पिता खान परिवार की जान बन गईं। तीनों भाई उन्हें जान से भी ज्यादा प्यार करते हैं। खासकर सलमान खान से अर्पिता की बॉन्डिंग बेहद खास है। 1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था सलीम खान हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर्स में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म ‘बारात’ से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले। लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग उनकी वास्तविक ताकत नहीं है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और स्क्रिप्ट राइटर बन गए। ‘सलीम-जावेद’ की जोड़ी फेमस हुई सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी ‘सलीम–जावेद’ के नाम से मशहूर रही है। दोनों ने मिलकर हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट और यादगार फिल्में दीं, जैसे जंजीर, दीवार, शोले, डॉन और सीता और गीता। इन फिल्मों की दमदार कहानियां और संवाद लोगों के दिलों में बस गए। उनकी लिखी स्क्रिप्ट ने फिल्मों का अंदाज बदल दिया। उन्होंने मजबूत किरदार, संवाद और सामाजिक मुद्दों को कहानी का हिस्सा बनाया। सलीम-जावेद की सफलता से फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों को नई पहचान और सम्मान मिला और उन्हें भी स्टार्स की तरह महत्व मिलने लगा। सलीम-जावेद भारतीय सिनेमा के पहले लेखक माने जाते हैं, जिन्हें ‘स्टार स्टेटस’ मिला। उन्होंने अमिताभ बच्चन की ‘एंग्री यंग मैन’ इमेज को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। ……….. यह खबर भी पढ़ें… ‘मेरे खिलाफ बहुत नेगेटिविटी चल रही थी’: ‘दस का दम’ नहीं करना चाहते थे सलमान, पिता सलीम खान की सलाह से बदला फैसला सलमान खान ने हाल ही में बताया था कि नेगेटिविटी के दौर में वह ‘दस का दम’ होस्ट नहीं करना चाहते थे। उस समय उनके खिलाफ कोर्ट केस, रिलेशनशिप और फिल्मों को लेकर कई खबरें चल रही थीं। ऐसे में उन्होंने पिता सलीम खान से शो को लेकर सलाह ली थी। सलीम खान ने उन्हें अपनी पर्सनैलिटी और परवरिश पर भरोसा रखने की सलाह दी थी। इसके बाद सलमान ने शो करने का फैसला किया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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